ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए 6 सैन्यकर्मियों के नाम राष्ट्रीय समर स्मारक पर दर्ज होने के बाद सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने सरकार पर संसद को गुमराह करने और शहीदों की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है।

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक बार फिर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह सैन्यकर्मियों की जानकारी छिपाई गई और संसद को भी गुमराह किया गया। कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को उचित सम्मान नहीं दिया, जबकि भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पवन खेड़ा ने उठाए सवाल
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शनिवार (27 जून 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लोकसभा भाषण का एक वीडियो साझा किया। वीडियो में रक्षा मंत्री यह कहते हुए सुनाई देते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के जांबाज सैनिकों को कोई क्षति नहीं हुई।
खेड़ा ने इस बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब जबकि राष्ट्रीय समर स्मारक पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वीरगति प्राप्त छह सैन्यकर्मियों के नाम अंकित किए जा चुके हैं, ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि संसद में दिया गया बयान किस आधार पर था।
वीर जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया- कांग्रेस
हाल ही में राष्ट्रीय समर स्मारक पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्तव्य निर्वहन करते हुए वीरगति प्राप्त छह सैन्यकर्मियों के नाम दर्ज किए गए हैं। इनमें भारतीय थलसेना के पांच जवान और भारतीय वायुसेना का एक जवान शामिल है।
मई 2025 में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार सरकार की ओर से इन छह सैन्यकर्मियों की जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने आई है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘जो भी सच हो, कुछ तथ्य नहीं बदलते. हमारे 6 वीर जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन उनके बलिदान को छिपाया गया. उन्हें वह सम्मान और मान्यता नहीं दी गई जिसके वे हकदार थे और उनके परिवारों से वह पारदर्शिता भी छीन ली गई जिसकी वे अपेक्षा रखते थे.’
उन्होंने कहा, ‘यह हमारे सैनिकों का अपमान है और कोई भी सच्चा देशभक्त इस पर मौन या संतुष्ट नहीं रह सकता.’पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर भीषण हमले किए थे. राष्ट्रीय समर स्मारक के त्याग चक्र की दीवार नंबर 3डी पर जिन 6 सैन्यकर्मियों के नाम लिखे गए हैं, उनमें थलसेना से सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर एम मुरलीनाइक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार का नाम शामिल है.
कांग्रेस ने रखीं दो संभावनाएं
पवन खेड़ा ने कहा कि इस पूरे मामले में केवल दो ही संभावनाएं हो सकती हैं।
पहली, रक्षा मंत्री को उस समय यह जानकारी ही नहीं थी कि ऑपरेशन के दौरान छह सैनिक शहीद हो चुके हैं। यदि ऐसा है तो यह बेहद गंभीर स्थिति है क्योंकि संबंधित मंत्रालय के प्रमुख को अपने ही मंत्रालय की महत्वपूर्ण जानकारी नहीं थी।
दूसरी संभावना यह है कि रक्षा मंत्री को पूरी जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने संसद में अलग बयान दिया। कांग्रेस का आरोप है कि यदि ऐसा हुआ है तो यह संसद और देश दोनों को गुमराह करने जैसा मामला है।
