
बैंकॉक, 28 मार्च।
थाइलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नवीराकुल ने ईंधन संकट की जिम्मेदारी लेते हुए देश से माफी मांगी है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों हाथ जोड़कर कहा कि मिस मैनेजमेंट के चलते आम लोगों को तकलीफ उठानी पड़ी, जिसका उन्हें खेद है। साथ ही उन्होंने ईरान के साथ हुए अहम समझौते की जानकारी भी दी।
बैंकॉक स्थित गवर्नमेंट हाउस में पश्चिम एशिया में एक महीने से जारी संघर्ष के बाद के हालात पर चर्चा करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई। प्रधानमंत्री ने बताया कि थाइलैंड ने ईरान के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत तेल टैंकर अब होर्मुज से सुरक्षित गुजर सकेंगे। इस समझौते से देश में ईंधन की चिंता कम होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने ईंधन कुप्रबंधन के लिए माफी मांगी और कहा कि मध्य पूर्व संकट की वजह से हुई दिक्कतें सोच से ज्यादा लंबी चलीं। उन्होंने प्राइस कैपिंग के विचार का भी उल्लेख किया।
सरकार ने हाल ही में पेट्रोल की कीमतों में अचानक वृद्धि की, जिससे सर्विस स्टेशनों पर लंबी लाइनें लग गईं और जनता में नाराज़गी फैली। अनुतिन ने कहा कि प्राइस-कैप हटाने का मतलब पूरी तरह फ्लोटिंग कीमतें नहीं हैं, बल्कि सब्सिडी रेट को कम करना है—24 बहत प्रति लीटर से 16 बहत तक।
पीएम ने जनता से अपील की कि वे रोजाना कम से कम एक लीटर ईंधन बचाने की कोशिश करें। उन्होंने बताया कि हालात अब काबू में हैं और सरकार ने फ्यूल सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं।
