
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भारतीय सेना का 120 सदस्यीय दल संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद 2025’ में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचा है। ऑस्ट्रेलिया स्थित भारतीय उच्चायोग ने भारतीय जवानों का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह अभ्यास सोमवार से शुरू हुआ है और 26 अक्टूबर तक चलेगा।
‘ऑस्ट्राहिंद 2025’ का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समझ, तालमेल और सहयोग को मजबूत करना है। यह अभ्यास हर साल बारी-बारी से भारत और ऑस्ट्रेलिया में आयोजित किया जाता है। इस बार इसकी मेजबानी ऑस्ट्रेलियाई सेना कर रही है।
इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का मकसद है कि दोनों देश आतंकवाद-रोधी अभियानों, शांति स्थापना मिशनों, और मानवीय सहायता व आपदा राहत कार्यों में एक साथ मिलकर और बेहतर तरीके से काम कर सकें। यह अभ्यास भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते सुरक्षा व रणनीतिक रिश्तों को भी दर्शाता है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ऑस्ट्राहिंद 2025’ इस साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। भारतीय सेना के इस दल में विभिन्न हथियार शाखाओं और यूनिटों के अधिकारी व जवान शामिल हैं। अभ्यास के दौरान दोनों सेनाएं संयुक्त प्रशिक्षण, सामरिक अभ्यास, फील्ड ऑपरेशन ड्रिल्स और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसी गतिविधियों में भाग लेंगी।
भारतीय उच्चायोग ने कहा कि यह अभ्यास न केवल रक्षा सहयोग को नई दिशा देगा, बल्कि दोनों देशों के सैनिकों के बीच मित्रता, आपसी विश्वास और समझ को भी गहरा करेगा। इससे भविष्य में किसी भी आपदा या सुरक्षा चुनौती का सामना करने में दोनों सेनाओं की क्षमता और समन्वय में वृद्धि होगी।
‘एक्सरसाइज ऑस्ट्राहिंद 2025’ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और साझा दृष्टिकोण का प्रतीक है। इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेनाएं रेगिस्तानी और शहरी इलाकों जैसे कठिन हालात में युद्धाभ्यास करेंगी।
गौरतलब है कि हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। वहीं, कुछ समय पहले ऑस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट भारत आए थे, जहां उन्होंने भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी।
