Skip to content
Bazaart_20250620_024615_864 (1)

हर कदम आपके साथ

Primary Menu
  • HOME
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • SPORTS
  • TRENDING
  • TECHNOLOGY
  • BUSINESS
  • ASTROLOGY
  • STATE
  • ENTERTAINMENT
  • VIDEO
  • Home
  • Business
  • “युद्ध का असर” : तेल और गैस खरीदने में भारत का खर्च 43.4% बढ़ा, 57.8 अरब डॉलर पहुंचा बिल…..
  • Business

“युद्ध का असर” : तेल और गैस खरीदने में भारत का खर्च 43.4% बढ़ा, 57.8 अरब डॉलर पहुंचा बिल…..

Mazid Qureshi August 21, 2026 1 minute read

पश्चिम एशिया के युद्ध का असर भारत की जेब पर! तेल और गैस का इंपोर्ट बिल 43.4% बढ़कर 57.8 अरब डॉलर पहुंच गया। जानें महंगे तेल का आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर।

📰 Latest Posts

  • “छत्तीसगढ़ में Gen Z का नेता कौन”? मोदी या राहुल गांधी पर युवाओं ने दिया चौंकाने वाला जवाब……
  • “राहुल वैद्य-दिशा परमार” का आलीशान आशियाना, छत पर बना है स्विमिंग पूल; फराह खान ने कराया होम टूर…….
  • “UPI Charge” पर अशनीर ग्रोवर का सवाल, बोले- बड़े ट्रांजैक्शन फ्री तो छोटे दुकानदारों से चार्ज क्यों….?
  • “सुरभि चंदना” के घर गणपति भोग से पहले गैस लीकेज, परिवार ने ऐसे संभाली स्थिति……
  • Oracle Layoff : सुबह 6 बजे ईमेल से गई नौकरी, कर्मचारियों को बताया- आज है आखिरी वर्किंग डे……
  • “DU में बैक लगने पर डिग्री नहीं होगी रद्द, जानें बैकलॉग क्लियर करने की पूरी समय सीमा”……
  • “ऋतिक रोशन ने भांजी सुरानिका के 30वें बर्थडे पर लुटाया प्यार, शेयर कीं बचपन की तस्वीरें”…….
  • “पाकिस्तानी हिंदू ने परिवार संग राम मंदिर दर्शन की जताई इच्छा, पोस्ट हुई वायरल”; यूजर्स बोले- “राम सभी के हैं”
  • “अंबानी के गणेशोत्सव” में पहुंचीं मैथिली ठाकुर, ईशा अंबानी से हुई खास मुलाकात; फैंस बोले- बिहार के लिए गर्व की बात……
  • “असम की नागांव सीट पर कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा को दिया टिकट, पूर्व CM की बहू लड़ेंगी उपचुनाव”……
  • “मसूद अजहर” पर पाकिस्तान ने बढ़ाया इनाम, भारत ने कहा- सिर्फ घोषणाओं से नहीं होगी आतंकवाद पर कार्रवाई…..
  • “शेयर बाजार पर मंडरा रहा बड़ा खतरा” ! चीन की तेल खरीदारी बढ़ी तो क्यों बढ़ सकती है मुश्किल ?……..
  • ‘जब जिद पे आ गई पार्वती’ पर नन्हीं बच्ची का प्यारा डांस वायरल, एक्सप्रेशंस ने जीता दिल…..
  • तेल, प्याज से लेकर गैस तक क्यों बढ़ रही महंगाई ? जानें किचन का बजट बिगड़ने की बड़ी वजहें…..
  • “नाना पाटेकर-मनीषा कोइराला” के अफेयर की खबरों पर राइटर का रिएक्शन, बोले- दोनों के बीच कुछ तो था……

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी नजर आने लगा है। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी के कारण भारत का तेल और गैस आयात बिल तेजी से बढ़ा है। अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान भारत ने तेल और गैस खरीदने में 57.8 अरब डॉलर खर्च किए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 40.3 अरब डॉलर था। यानी भारत को इस बार लगभग 17.5 अरब डॉलर ज्यादा खर्च करने पड़े।

भारत के लिए महंगा तेल क्यों बड़ी चिंता है….?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। देश अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का करीब 88 फीसदी हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ते ही भारत के आयात खर्च पर सीधा असर पड़ता है। पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव के कारण तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। खासतौर पर हॉर्मुज स्ट्रेट के आसपास किसी भी तरह की बाधा की आशंका अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कीमतों को प्रभावित कर सकती है। भारत के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कच्चे तेल के साथ-साथ LNG और LPG की आपूर्ति में भी पश्चिम एशियाई देशों की बड़ी भूमिका है।

तेल खरीदने की मात्रा ज्यादा नहीं बढ़ी, फिर बिल क्यों बढ़ गया….?

भारत का तेल आयात बढ़ने की वजह केवल ज्यादा मात्रा में खरीदारी करना नहीं है। आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल-जुलाई के दौरान भारत ने करीब 81.9 मिलियन टन कच्चा तेल आयात किया। पिछले साल की तुलना में मात्रा में सिर्फ करीब 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। लेकिन कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिला। कच्चे तेल के आयात पर भारत का खर्च पिछले साल के करीब 40.5 अरब डॉलर से बढ़कर 63.4 अरब डॉलर हो गया। यानी खर्च में लगभग 56.5 फीसदी की वृद्धि हुई। इससे साफ है कि भारत का आयात बिल मुख्य रूप से कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों की वजह से बढ़ा है, न कि तेल की खरीदारी में बड़ी मात्रा में बढ़ोतरी के कारण।

LNG आयात पर भी बढ़ा खर्च …..

प्राकृतिक गैस के मामले में भी भारत को ज्यादा भुगतान करना पड़ा है। अप्रैल-जुलाई के दौरान LNG आयात करीब 11,269 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर से बढ़कर 11,867 एमएससीएम हो गया। इसी अवधि में LNG खरीद पर भारत का खर्च 4.5 अरब डॉलर से बढ़कर 5.6 अरब डॉलर हो गया। यानी LNG के आयात बिल में करीब 24.4 फीसदी की वृद्धि हुई। इससे पता चलता है कि महंगे ऊर्जा आयात का दबाव सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राकृतिक गैस की खरीद भी भारत के लिए महंगी होती जा रही है।

महंगे तेल का आम आदमी पर क्या असर होगा….?

अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो इसका असर भारत में भी देखने को मिल सकता है। महंगा कच्चा तेल कई क्षेत्रों की लागत बढ़ा सकता है। पेट्रोल-डीजल के अलावा परिवहन, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और कई तरह की रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत पर भी इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है। पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर अंतिम असर कई अन्य कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें सरकारी कर, तेल कंपनियों की कीमत नीति और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव शामिल हैं।

रुपये और महंगाई पर भी दबाव ….

भारत को तेल और गैस खरीदने के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। अगर ऊर्जा आयात का बिल लगातार बढ़ता है तो देश के चालू खाते और विदेशी मुद्रा की मांग पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर रुपये की विनिमय दर पर भी पड़ सकता है। वहीं महंगी ऊर्जा से उत्पादन और परिवहन लागत बढ़ने पर महंगाई का दबाव भी बढ़ सकता है।

भारत के लिए आगे क्या चुनौती है….?

भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऊर्जा की बढ़ती लागत को नियंत्रित करना है। पश्चिम एशिया में तनाव जितना लंबा चलेगा, वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतनी ही अनिश्चितता बनी रह सकती है। भारत के लिए जरूरी है कि वह तेल और गैस की आपूर्ति के स्रोतों में विविधता बनाए, रणनीतिक भंडार का बेहतर इस्तेमाल करे और घरेलू ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा दे। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और वैकल्पिक ईंधनों की दिशा में तेजी से बढ़ना लंबे समय में आयात पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकता है।

निष्कर्ष …..

पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव का असर अब भारत के तेल और गैस आयात बिल पर दिखाई दे रहा है। अप्रैल-जुलाई 2026 में बिल 43.4 फीसदी बढ़कर 57.8 अरब डॉलर पहुंच गया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि भारत को ज्यादा तेल खरीदने के कारण नहीं, बल्कि महंगी कीमतों की वजह से ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो इसका असर भारत के व्यापार घाटे, रुपये और महंगाई पर पड़ सकता है। आने वाले महीनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी कि भारत का ऊर्जा आयात बिल कितना बढ़ता है और इसका असर आम लोगों की जेब पर कितना पड़ता है।

🎯 Random Posts

  • “iPhone का कमाल का Eye Tracking फीचर, आंखों से कंट्रोल होगी स्क्रीन; ऐसे करें इस्तेमाल”……
  • McDonald’s, KFC समेत 10 फूड आउटलेट्स पर कार्रवाई, कचरा नियम तोड़ने पर लगा जुर्माना…..
  • सुबह उठकर प्राणायाम करने से कौन-कौन से फायदे होते हैं? जानिए शरीर और मन पर इसका असर
  • 4 साल से टीम इंडिया से बाहर ये भारतीय बल्लेबाज पहुंचा इंग्लैंड, डरहम के साथ किया करार
  • “कोर्ट केस की वजह से इमेज खराब करने वालों पर भड़के राजपाल यादव, बोले- आज भी एयरपोर्ट पर 500 सेल्फी क्लिक करवाता हूं”……
  • भारत का 1 रुपया नेपाल में कितना होता है? जानिए भारतीय रुपये और नेपाली रुपये का पूरा गणित….
  • Mitchell Starc Record: मिचेल स्टार्क ने बांग्लादेश को किया तहस-नहस, अश्विन और डेल स्टेन के रिकॉर्ड को छोड़ा पीछे
  • No Image
    आरसीबी के खिलाफ मैच से पहले आकाश चोपड़ा ने चुनी SRH की प्लेइंग XI, ईशान किशन को सौंपी कप्तानी
  • No Image
    दिशा सालियान केस में देरी पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, 24 घंटे में फाइनल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश
  • पाकिस्तान में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 4 दिन में दूसरी बार महंगाई का झटका…..
  • “JCB में पेट्रोल या डीजल ? जानिए बुलडोजर में कौन-सा फ्यूल डाला जाता है”…..
  • दर्द में ‘तारक मेहता’ के बाघा, सेट पर बिलख-बिलखकर रोए, रोकनी पड़ी शूटिंग, असित मोदी ने संभाला
  • Balan The Boy Box Office Collection: छोटे बच्चे की कहानी ने जीता दर्शकों का दिल, बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन
  • ऋतिक रोशन से रणबीर कपूर तक, बहनों पर जान छिड़कते हैं ये बॉलीवुड एक्टर्स…..
  • 5 स्टार होटल में 10 दिन ठहरा परिवार, 5.74 लाख का बिल देने से किया इनकार, ट्रैवल एजेंसी भी विवाद में…..
Share

Post navigation

Previous: Tata Nexon की बढ़ेगी टेंशन? Volkswagen ला रही सस्ती सब-4 मीटर SUV, 2027 में हो सकती है लॉन्च……
Next: “दिग्गज अभिनेत्री सौकार जानकी का 94 साल की उम्र में निधन, चेन्नई के अस्पताल में चल रहा था इलाज”…..
Copyright @ Acharan news | MoreNews by AF themes.
Privacy Policy Disclaimer Terms & Conditions About Us
Copyright © Acharan News | All Rights Reserved