🤝 हाथ मिलाए, गले लगाया... BRICS Summit से पहले पीएम मोदी और पुतिन की खास मुलाकात। 40 मिनट की बैठक में रक्षा, तेल, व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर हुई अहम बातचीत।

PM Modi-Putin Meeting : BRICS Summit 2026 में शामिल होने भारत पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अहम द्विपक्षीय मुलाकात की। नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुई इस बैठक की शुरुआत दोनों नेताओं की गर्मजोशी भरी मुलाकात से हुई। पीएम मोदी और पुतिन ने हाथ मिलाया और एक-दूसरे को गले लगाया। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन एक ही कार से एक कार प्रदर्शनी देखने के लिए रवाना हुए। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत और रूस के संबंधों के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी कई बड़े रणनीतिक बदलाव हो रहे हैं।
पुतिन को पीएम मोदी ने भेंट की खास किताब…..
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल संत कवि तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया। पीएम मोदी ने किताब देते हुए बताया कि यह मानव मूल्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण रचना है और इसका रूसी भाषा में अनुवाद दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगा। यह मुलाकात केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
रक्षा से लेकर कारोबार तक कई मुद्दों पर चर्चा…..
पीएम मोदी और पुतिन की बातचीत में भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के कई पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना रही। इसमें रक्षा सहयोग, व्यापार, परमाणु ऊर्जा, आर्थिक सहयोग, परिवहन और दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। रूस लंबे समय से भारत का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार रहा है। ऐसे में पुतिन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के भविष्य के रक्षा और आर्थिक सहयोग पर विशेष नजर बनी हुई है।
Su-57 फाइटर जेट पर भी नजर…..
राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे से पहले रूस की ओर से संकेत दिए गए थे कि भारत को Su-57 लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने का मुद्दा भी बातचीत के एजेंडे में शामिल हो सकता है। Su-57 रूस का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है। रूस भारत के साथ रक्षा सहयोग को अगले स्तर तक ले जाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच संभावित रक्षा समझौते पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
भारत को 105 IL-114-300 विमान देने की तैयारी…..
पुतिन और मोदी की मुलाकात से पहले भारत और रूस के बीच नागरिक विमानन क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण गतिविधि देखने को मिली। रूस की United Aircraft Corporation (UAC) ने IL-114-300 क्षेत्रीय टर्बोप्रॉप विमान की आपूर्ति को लेकर भारतीय कंपनियों के साथ समझौते किए। दिए गए विवरण के मुताबिक, पिनेकल एयर को 50 विमान और एयर केरल को 20 विमान तक मिलने की योजना है। विमानन क्षेत्र में यह सहयोग भारत-रूस के आर्थिक रिश्तों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रूसी तेल बना भारत-रूस व्यापार का अहम हिस्सा…..
भारत और रूस के संबंधों में ऊर्जा व्यापार की भी बड़ी भूमिका है। अमेरिकी प्रतिबंधों और वैश्विक दबाव के बीच दोनों देशों के बीच कच्चे तेल का कारोबार जारी रहा है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी करीब 50.83 फीसदी तक पहुंच गई। इससे साफ है कि ऊर्जा क्षेत्र भारत-रूस आर्थिक साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। दोनों देश भुगतान के लिए रुपये और रूबल समेत अन्य विकल्पों को बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में किसी एक मुद्रा पर निर्भरता कम की जा सके।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी हो सकती है चर्चा…..
मोदी-पुतिन की मुलाकात का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दुनिया इस समय कई बड़े संघर्षों का सामना कर रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध के अलावा पश्चिम एशिया में भी तनाव जारी है। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान की वकालत करता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कह चुके हैं कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच वैश्विक स्थिति और युद्धों से पैदा हुए रणनीतिक व आर्थिक प्रभावों पर भी चर्चा हुई होगी।
BRICS Summit पर टिकी दुनिया की नजर……
भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को 18वें BRICS Summit की मेजबानी कर रहा है। इस साल BRICS के गठन के 20 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। ऐसे समय में पुतिन की भारत यात्रा और पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम मानी जा रही है। रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और वैश्विक कूटनीति से जुड़े मुद्दों पर भारत और रूस की साझेदारी आने वाले समय में किस दिशा में जाती है, इस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
