नेपाल में बाढ़ के बाद बिजली संकट! 🇮🇳⚡ भारत देगा 654 MW तक बिजली, रोजाना 18 घंटे तक होगी सप्लाई।

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिजली उत्पादन पर असर पड़ा है। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित होने से पड़ोसी देश के सामने बिजली की कमी की स्थिति पैदा हुई है। ऐसे मुश्किल समय में भारत ने नेपाल की मदद के लिए अतिरिक्त बिजली सप्लाई करने का फैसला किया है। भारत अब नेपाल को रोजाना 18 घंटे तक 654 मेगावाट बिजली उपलब्ध करा सकेगा।
बाढ़ से प्रभावित हुए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट…..
नेपाल अपनी बिजली जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए हाइड्रोपावर पर निर्भर है। हाल में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। इसका असर वहां की जलविद्युत परियोजनाओं और बिजली उत्पादन क्षमता पर भी पड़ा। बिजली उत्पादन प्रभावित होने के बाद नेपाल में अतिरिक्त बिजली की जरूरत बढ़ गई। इसी स्थिति को देखते हुए भारत ने पड़ोसी देश को बिजली उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
दो ट्रांसमिशन लाइनों से पहुंचेगी बिजली…..
भारत से नेपाल को बिजली की सप्लाई दो प्रमुख ट्रांसमिशन लाइनों के जरिए की जाएगी। इनमें टनकपुर-महेंद्रनगर 132 KV सिंगल-सर्किट लाइन और मुजफ्फरपुर-ढलकेबार 400 KV डबल-सर्किट लाइन शामिल हैं। टनकपुर-महेंद्रनगर लाइन के जरिए अधिकतम 54 मेगावाट बिजली भेजी जा सकती है, जबकि मुजफ्फरपुर-ढलकेबार लाइन से अधिकतम 600 मेगावाट बिजली की सप्लाई होगी। इस तरह दोनों लाइनों की क्षमता को मिलाकर नेपाल को अधिकतम 654 मेगावाट तक बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।
13 सितंबर से 31 दिसंबर तक सप्लाई…..
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के बिजली मंत्रालय ने नेपाल को अतिरिक्त बिजली निर्यात की मंजूरी दे दी है। यह बिजली सप्लाई 13 सितंबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक की जाएगी। इस दौरान नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी को हर दिन करीब 18 घंटे तक अधिकतम 654 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। इससे बाढ़ के बाद पैदा हुए बिजली संकट को कम करने में नेपाल को मदद मिलने की उम्मीद है।
भारत-नेपाल ऊर्जा सहयोग को मिलेगी मजबूती…..
भारत और नेपाल के बीच पहले से ही बिजली के क्षेत्र में सहयोग जारी है। दोनों देशों के बीच ट्रांसमिशन नेटवर्क के जरिए बिजली का आदान-प्रदान होता रहा है। नेपाल में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के बाद भारत की अतिरिक्त बिजली सप्लाई पड़ोसी देश के लिए तत्काल राहत का जरिया बन सकती है। इससे घरेलू जरूरतों के साथ-साथ जरूरी सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों को बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
पहले भी पड़ोसी देशों की मदद करता रहा है भारत…..
भारत इससे पहले भी पड़ोसी देशों को ऊर्जा संकट के दौरान मदद उपलब्ध कराता रहा है। बांग्लादेश को भी अलग-अलग मौकों पर बिजली और ईंधन की आपूर्ति की गई है। नेपाल को अतिरिक्त बिजली देने का यह फैसला भारत की पड़ोसी देशों के साथ ऊर्जा साझेदारी और क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नेपाल के लिए क्यों अहम है यह बिजली सप्लाई…..?
बाढ़ के कारण जब स्थानीय बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है, ऐसे समय में बाहर से मिलने वाली बिजली नेपाल की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। दिसंबर तक जारी रहने वाली यह अतिरिक्त सप्लाई नेपाल को अपनी ऊर्जा व्यवस्था संभालने और प्रभावित बिजली परियोजनाओं को बहाल करने के लिए समय भी दे सकती है।
