CM भजनलाल के गृह जिले में चौंकाने वाला रिजल्ट! 🗳️ निर्दलीयों ने मारी बाजी, 235 में से 152 वार्ड जीते।

राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर से हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां प्रदेश के कई हिस्सों में बीजेपी के प्रदर्शन की चर्चा हो रही है, वहीं भरतपुर जिले के निकाय चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने बड़ी संख्या में जीत दर्ज की है। जिले के कुल 235 वार्डों के परिणाम सामने आने के बाद निर्दलीय प्रत्याशियों ने सबसे ज्यादा 152 वार्डों में जीत हासिल की। वहीं बीजेपी के खाते में 66 वार्ड आए, जबकि कांग्रेस 15 वार्डों में जीत दर्ज कर सकी। बहुजन समाज पार्टी (BSP) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के एक-एक उम्मीदवार ने भी जीत दर्ज की।
235 वार्डों में निर्दलीयों का दबदबा…..
भरतपुर जिले में हुए निकाय चुनावों के नतीजों ने राजनीतिक दलों के सामने एक अलग तस्वीर पेश की है। कुल 235 वार्डों में से निर्दलीय प्रत्याशियों ने 152 सीटों पर कब्जा जमाया। बीजेपी 66 वार्डों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 15 वार्डों में जीत मिली। BSP और RLP को एक-एक वार्ड मिला। इन आंकड़ों से साफ है कि इस चुनाव में स्थानीय स्तर पर निर्दलीय उम्मीदवारों को मतदाताओं का अच्छा समर्थन मिला।
भरतपुर नगर निगम में भी निर्दलीयों की बढ़त…..
भरतपुर नगर निगम के कुल 65 वार्डों में भी निर्दलीय प्रत्याशियों ने सबसे ज्यादा सीटें जीतीं। यहां 36 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। बीजेपी के 20 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 7 वार्डों में सफलता मिली। इसके अलावा BSP और RLP के एक-एक उम्मीदवार ने भी चुनाव जीता। यानी मुख्यमंत्री के गृह जिले के सबसे बड़े शहरी निकाय में भी निर्दलीयों ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को पीछे छोड़ दिया।
नदबई में 35 में से 25 वार्ड निर्दलीयों के नाम…..
नदबई नगर पालिका के नतीजे भी निर्दलीय उम्मीदवारों के पक्ष में रहे। यहां कुल 35 वार्डों में से 25 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। बीजेपी को 10 वार्डों में सफलता मिली, जबकि कांग्रेस का खाता इस निकाय में नहीं खुला।
वैर में भी निर्दलीयों का दबदबा…..
वैर नगर पालिका के कुल 25 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की। बीजेपी को 3 और कांग्रेस को 2 वार्डों में सफलता मिली। यहां भी निर्दलीयों का प्रदर्शन दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों से काफी बेहतर रहा।
बयाना में बीजेपी को मिली 11 सीटें…..
बयाना नगर पालिका में कुल 35 वार्डों में चुनाव हुआ। यहां निर्दलीय उम्मीदवारों ने 22 वार्डों में जीत दर्ज की। बीजेपी के 11 उम्मीदवार विजयी हुए, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 2 वार्डों में सफलता मिली। इस निकाय में भी निर्दलीयों ने सबसे ज्यादा सीटें अपने नाम कीं।
रूपवास में भी निर्दलीय आगे…..
रूपवास नगर पालिका के 25 वार्डों में से 14 पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। बीजेपी को 9 और कांग्रेस को 2 वार्ड मिले। यहां भी परिणामों में निर्दलीय प्रत्याशियों की मजबूत मौजूदगी दिखाई दी।
भुसावर में 22 वार्ड निर्दलीयों के खाते में…..
भुसावर नगर पालिका के चुनाव परिणाम भी निर्दलीयों के पक्ष में रहे। कुल 25 वार्डों में से 22 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए। बीजेपी को 2 और कांग्रेस को सिर्फ 1 वार्ड में जीत मिली। यह परिणाम निर्दलीय उम्मीदवारों के मजबूत प्रदर्शन को दिखाता है।
उच्चैन में बीजेपी और निर्दलीयों के बीच मुकाबला…..
उच्चैन नगर पालिका के 25 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने 13 सीटें जीतीं। बीजेपी को 11 वार्डों में जीत मिली, जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ 1 वार्ड आया। यहां बीजेपी ने दूसरे निकायों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी फिर भी बढ़त बनाने में सफल रहे।
भरतपुर के नतीजों ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा…..
भरतपुर के निकाय चुनाव परिणाम इसलिए भी चर्चा में हैं क्योंकि यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला है। जिले के ज्यादातर निकायों में निर्दलीयों का मजबूत प्रदर्शन बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। निकाय चुनाव के नतीजों को सीधे विधानसभा या लोकसभा चुनाव का संकेत मानना सही नहीं होगा। स्थानीय चुनावों में उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, स्थानीय मुद्दे और वार्ड स्तर की राजनीति भी नतीजों पर बड़ा असर डालती है। फिलहाल भरतपुर के 235 वार्डों के आंकड़े यही बताते हैं कि इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने दोनों प्रमुख दलों के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन किया है।
