बैंक लूटने पहुंचे चोर, दीवार तोड़ी… लेकिन सामने आ गई कंक्रीट की ‘दीवार’!

रात के सन्नाटे में, जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब कुछ साये ग्वालियर के पनिहार इलाके में रेंग रहे थे और निशाना था—सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की पनिहार ब्रांच।
ये कोई आम चोर नहीं थे, इन्होंने बाकायदा पूरी रेकी की थी। इन्हें पता था कि अगर आगे के रास्ते से गए तो पकड़े जाएंगे। इसलिए इन्होंने चुना खेतों का रास्ता। लहलहाते बाजरे के खेतों को चीरते हुए चोर बैंक की पिछली दीवार तक जा पहुंचे।
चोरों के हौसले बुलंद थे क्योंकि वो जानते थे कि बैंक की यह इमारत काफी पुरानी है। दीवारें पत्थर और चूने से बनी थीं, जिन्हें काटना बेहद आसान था। चोरों ने अपने औजार निकाले और दीवार को कुरेदना शुरू कर दिया। पत्थर एक-एक कर खिसकने लगे। चोर मन ही मन खुश हो रहे थे कि बस कुछ ही देर में वो तिजोरी के पास होंगे और करोड़पति बन जाएंगे।लेकिन… वो कहते हैं ना कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ उस तक पहुँच ही जाते हैं। यहाँ कानून तो नहीं, लेकिन बैंक प्रबंधन की एक पुरानी समझदारी चोरों का काल बन गई।
जैसे ही चोरों ने चूने और पत्थर की बाहरी दीवार को पूरी तरह से उखाड़ फेंका, उनके सामने आई एक ऐसी सच्चाई जिसने उनके होश उड़ा दिए! पत्थर की उस पुरानी दीवार के ठीक पीछे खड़ी थी—कंक्रीट की एक मजबूत, अभेद्य दीवार! जी हाँ, सुरक्षा के लिहाज से बैंक ने पुरानी दीवार के अंदर एक और कंक्रीट की दीवार बनवा रखी थी, जिसकी भनक इन चोरों को बिल्कुल नहीं थी। अब कंक्रीट को काटना चोरों के बस की बात नहीं थी। रात ढल रही थी, पकड़े जाने का डर बढ़ रहा था और आखिर में… चोरों का पूरा प्लान फेल हो गया। उन्हें खाली हाथ, उसी बाजरे के खेत के रास्ते दुम दबाकर भागना पड़ा।
कहानी का असली ट्विस्ट सुबह आया। जब सुबह बैंक खुला, तो बैंक मैनेजर आभा कुलश्रेष्ठ ने पीछे का नजारा देखा। दीवार खुदी हुई थी, पत्थर बिखरे पड़े थे। तुरंत पनिहार थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि पिछले 9 सालों में इस बैंक में चोरी की यह दूसरी बड़ी कोशिश थी!हैरानी की बात यह भी रही कि बैंक के इस पिछले हिस्से में सीसीटीवी (CCTV) या निगरानी का कोई इंतजाम नहीं था, जिसका फायदा चोरों ने उठाया। फिलहाल, पनिहार थाना टीआई हरेंद्र शर्मा के मुताबिक अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस खेतों के रास्तों और आसपास के इलाकों में सुराग तलाश रही है।
तो दोस्तों, कंक्रीट की इस दीवार ने बैंक के करोड़ों रुपये तो बचा लिए, लेकिन यह घटना सबक देती है कि सुरक्षा में एक छोटी सी चूक कितनी भारी पड़ सकती है। इस नाकाम चोरी के बारे में आपका क्या सोचना है? कमेंट में जरूर बताएं!
