रील में तमंचा लहराना पड़ा भारी! ग्वालियर पुलिस के ‘ऑपरेशन ईगल’ में 12 आरोपी गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर बंदूकों की नुमाइश करना, तमंचे लहराकर रील बनाना और खुद को इलाके का डॉन समझना…
आज कल कुछ लड़कों के लिए ये एक फैशन बन गया है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाइक्स और कमेंट्स की भूख में ये युवा भूल जाते हैं कि कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं। लेकिन जब पुलिस का हंटर चलता है, तो रीलबाज़ी की सारी हेकड़ी पल भर में काफूर हो जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ ग्वालियर में!
ग्वालियर पुलिस ने सोशल मीडिया के इन वर्चुअल गैंगस्टर्स को सबक सिखाने के लिए एक खास जाल बुना, जिसका नाम था—ऑपरेशन ईगल। पुलिस की पैनी नजरें इन रीलबाजों पर काफी समय से टिकी थीं, जो इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक पर हथियारों के साथ दबंगई दिखाते थे। कुछ तो इतने दुस्साहसी थे कि रौब जमाने के लिए सरेआम फायरिंग के वीडियो भी अपलोड कर रहे थे।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, पुलिस ने ऑपरेशन ईगल के तहत ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की।
नतीजा?
शहर और देहात के अलग-अलग इलाकों—जैसे महाराजपुरा, मुरार, पनिहार, उटीला, डबरा, पुरानी छावनी, गोला का मंदिर, झांसी रोड, सिरोल और हजीरा से 12 शातिर आरोपियों को दबोच लिया गया। इनके पास से जो मिला, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। पुलिस ने इनके कब्जे से 11 अवैध देसी तमंचे, 1 पिस्टल और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यानी जो हथियार रील में चमक रहे थे, वो अब पुलिस के मालखाने में हैं।
ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वाले इन बदमाशों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब ऐसे दूसरे रीलबाजों की भी एक लंबी लिस्ट तैयार कर रही है, जो हथियारों का प्रदर्शन कर कानून को चुनौती दे रहे हैं।
तो अगर आप भी सोशल मीडिया पर खुद को रंगबाज़ दिखाने के लिए हथियारों का सहारा ले रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। क्योंकि अगली बारी आपकी हो सकती है। याद रखिए, रील के चंद लाइक्स आपको सुलतान नहीं, सीधे जेल का मेहमान बना सकते हैं!”
