
नई दिल्ली, 31 मार्च।
भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2025 में भारत में प्रति यूजर औसत मासिक डेटा उपभोग बढ़कर 31 जीबी के आंकड़े को पार कर गया है। बीते पांच वर्षों में इसमें 18 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह जानकारी मंगलवार को जारी नोकिया (Nokia) की एक नई रिपोर्ट में दी गई है।
5जी और डेटा-हेवी एप्स का असर
नोकिया द्वारा जारी ‘मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स’ के नवीनतम संस्करण के अनुसार, 5जी की बढ़ती लोकप्रियता और डेटा-सघन (Data-heavy) एप्लीकेशन के उपयोग ने इस वृद्धि को रफ्तार दी है। भारतीय उपभोक्ता अब पहले से कहीं अधिक डेटा का उपयोग कर रहे हैं, जिसके पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- 4के वीडियो स्ट्रीमिंग का बढ़ता चलन।
- क्लाउड गेमिंग के प्रति युवाओं का आकर्षण।
- एआई (AI) आधारित एप्लीकेशन का दैनिक जीवन में उपयोग।
कुल ट्रैफिक में 5जी की 47 प्रतिशत हिस्सेदारी
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक 2025 में 27 एक्सबाइट प्रति माह से अधिक हो गया है। इसमें अकेले 5जी का योगदान लगभग 47 प्रतिशत रहा। 5जी ट्रैफिक में सालाना आधार पर 70 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी देखी गई, जो अब 12.9 एक्सबाइट प्रति माह तक पहुंच चुका है। मेट्रो शहरों में कुल ट्रैफिक में 5जी की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि छोटे शहरों में भी इसका प्रसार तेजी से हो रहा है।
डिवाइस इकोसिस्टम और भविष्य की राह
भारत में डिवाइस बाजार भी 5जी के अनुकूल हो चुका है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
- सक्रिय उपकरण: 2025 में 892 मिलियन सक्रिय 4जी उपकरणों में से 383 मिलियन पहले से ही 5जी-सक्षम थे।
- स्मार्टफोन बिक्री: वर्ष के दौरान बेचे गए 90 प्रतिशत से अधिक स्मार्टफोन 5जी सपोर्टेड थे।
- एआई की भूमिका: भविष्य के नेटवर्क को एआई-आधारित डिजिटल अनुभवों, कम विलंबता (low latency) और जटिल कंप्यूटिंग आवश्यकताओं को संभालने के लिए तैयार रहना होगा।
2031 तक 1 अरब 5जी ग्राहक
भविष्य के अनुमानों पर गौर करें तो रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में 5जी ग्राहकों की संख्या 2031 तक 1 अरब के आंकड़े को पार कर सकती है। यह दर्शाता है कि आने वाले समय में दूरसंचार नेटवर्क को और अधिक मजबूत और उन्नत बनाने की आवश्यकता होगी।
