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नोएडा में जमीन की बढ़ती कीमतों के बीच एक ऐसा सौदा सामने आया है, जिसने रियल एस्टेट बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सेक्टर 108 में 12.5 एकड़ के कमर्शियल मिक्स्ड-यूज प्लॉट के लिए M3M इंडिया ने 1839 करोड़ रुपये की बोली लगाकर इसे अपने नाम कर लिया। इस नीलामी में रियल एस्टेट की दिग्गज कंपनी DLF भी मैदान में थी, लेकिन आखिरी बाजी M3M ने मार ली।
12.5 एकड़ जमीन के लिए लगी करोड़ों की बोली…..
नोएडा अथॉरिटी की ओर से सेक्टर 108 में करीब 12.5 एकड़ यानी लगभग 49,932 वर्ग मीटर के कमर्शियल मिक्स्ड-यूज प्लॉट की नीलामी की गई थी। इस जमीन का रिजर्व प्राइस करीब 836 करोड़ रुपये रखा गया था। लेकिन नीलामी शुरू होने के बाद बोली तेजी से बढ़ती गई और यह रकम 1800 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। आखिर में M3M इंडिया ने 1839 करोड़ रुपये की बोली लगाकर प्लॉट अपने नाम कर लिया।
DLF ने भी लगाई थी बड़ी बोली…..
इस नीलामी में M3M को कड़ी टक्कर DLF से मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, DLF ने इस प्लॉट के लिए करीब 1740 करोड़ रुपये की आखिरी बोली लगाई थी। M3M ने इससे करीब 99 करोड़ रुपये ज्यादा की बोली लगाकर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। इस तरह DLF को पीछे छोड़ते हुए M3M ने नोएडा की इस प्रमुख जमीन पर कब्जा हासिल किया।
रिजर्व प्राइस से दोगुने से भी ज्यादा में बिकी जमीन…..
इस सौदे की सबसे खास बात इसकी कीमत है। अथॉरिटी ने जिस प्लॉट का रिजर्व प्राइस 836 करोड़ रुपये रखा था, वह नीलामी में 1839 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यानी अंतिम बोली रिजर्व प्राइस से 1000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा ऊपर चली गई। यह अंतर बताता है कि नोएडा में अच्छी लोकेशन वाली कमर्शियल जमीन को लेकर डेवलपर्स के बीच कितनी मजबूत प्रतिस्पर्धा है।
नोएडा में जमीन की कीमत क्यों बढ़ रही है…..?
नोएडा और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। बेहतर कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे, मेट्रो और जेवर एयरपोर्ट जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने इस क्षेत्र की जमीन की मांग को बढ़ाया है। इसके अलावा, बिजनेस, ऑफिस, रिटेल और मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स के लिए अच्छी लोकेशन वाली जमीन की जरूरत लगातार बढ़ रही है। जब ऐसी जमीन सीमित होती है और खरीदार ज्यादा होते हैं, तो बोली की कीमत भी ऊपर जाती है।
बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स की बढ़ी दिलचस्पी……
नोएडा में बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स की सक्रियता भी जमीन की कीमतों पर असर डाल रही है। M3M और DLF जैसी कंपनियों के अलावा दूसरे बड़े डेवलपर्स भी यहां कमर्शियल और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन तलाश रहे हैं। खास तौर पर एक्सप्रेसवे, मेट्रो कॉरिडोर और प्रमुख बिजनेस क्षेत्रों के आसपास की जमीन को लेकर प्रतिस्पर्धा ज्यादा दिखाई देती है।
M3M के लिए क्यों अहम है यह डील…..?
1839 करोड़ रुपये का यह सौदा M3M के लिए नोएडा में एक बड़ा रियल एस्टेट अधिग्रहण माना जा सकता है। 12.5 एकड़ की जमीन कमर्शियल मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल की जा सकती है, जिससे इस क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होने की उम्मीद है। इस जमीन पर किस तरह का प्रोजेक्ट विकसित किया जाएगा और उसकी पूरी योजना क्या होगी, यह कंपनी की आगे की घोषणा और संबंधित मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
क्या यह नोएडा के बढ़ते रियल एस्टेट बाजार का संकेत है……?
एक ही प्लॉट के लिए 1839 करोड़ रुपये की बोली ने नोएडा के रियल एस्टेट बाजार में जमीन की बढ़ती मांग को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है। खासकर कमर्शियल और मिक्स्ड-यूज जमीन के लिए डेवलपर्स के बीच मुकाबला बढ़ रहा है। किसी एक सौदे के आधार पर पूरे नोएडा के जमीन बाजार की दिशा तय नहीं की जा सकती, लेकिन यह डील जरूर दिखाती है कि अच्छी लोकेशन वाली बड़ी जमीन के लिए डेवलपर्स भारी निवेश करने को तैयार हैं।
