महाराष्ट्र के भिवंडी में कथित तौर पर पिज्जा खाने के बाद 34 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बीमारों में कई बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फूड पॉइजनिंग की आशंका के बीच पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र में कथित तौर पर पिज्जा खाने के बाद 34 लोगों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है। बीमार हुए लोगों में कई बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, प्रभावित लोगों ने एक ही स्थान से पिज्जा खाने के कुछ समय बाद उल्टी, पेट दर्द, मतली और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें महसूस कीं। इसके बाद उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने से मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि बीमार पड़ने वालों में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं। बच्चों की तबीयत अचानक खराब होने के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रशासन ने सभी मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई है।
डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि कुछ लोगों को निगरानी में रखा गया है।
फूड पॉइजनिंग की आशंका
स्वास्थ्य अधिकारियों को आशंका है कि यह मामला फूड पॉइजनिंग से जुड़ा हो सकता है। घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संबंधित खाद्य प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया है और जांच के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिज्जा बनाने और परोसने की प्रक्रिया में कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई।
जांच के तहत संबंधित दुकान या आउटलेट के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को संबंधित खाद्य पदार्थ खाने के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो रही है तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। साथ ही जांच पूरी होने तक अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह भी दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर इतने लोग एक साथ कैसे बीमार पड़े।
