सुरेश ओबेरॉय ने बताया कि आखिर उन्होंने बीजेपी से दूरी क्यों बनाई। राजनीति के अपने अनुभव पर एक्टर ने खुलकर बात की।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सुरेश ओबेरॉय ने एक पॉडकास्ट में राजनीति से जुड़ने और फिर इससे दूरी बनाने की वजह बताई. उन्होंने कहा कि राजनीति में आने से पहले उन्हें लगता था कि इसका मकसद देश सेवा है, लेकिन बाद में उनका अनुभव अलग रहा……
बॉलीवुड अभिनेता सुरेश ओबेरॉय अपनी दमदार अदाकारी के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने फिल्मों में कई यादगार किरदार निभाए हैं. एक्टिंग के अलावा उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा था. साल 2004 में सुरेश ओबेरॉय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन की थी और पार्टी के लिए प्रचार भी किया था. लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली…एक पॉडकास्ट में सुरेश ओबेरॉय ने राजनीति में आने और फिर इसे छोड़ने की वजह पर खुलकर बात की. उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि राजनीति में आने से पहले उनकी सोच थी कि इसके जरिए देश के लिए काम किया जा सकता है, लेकिन बाद में उन्हें काफी निराशा हुई.
‘राजनीति का मतलब देश के लिए कुछ करना समझता था’…..
सुरेश ओबेरॉय ने बताया कि जब उन्होंने राजनीति में कदम रखा था, तब उन्हें लगता था कि राजनीति का मुख्य उद्देश्य देश की सेवा करना है. लेकिन राजनीति के अंदर जाने के बाद उनका नजरिया बदल गया. उन्होंने कहा कि उन्हें बाद में लगा कि बहुत से लोग राजनीति में पैसा कमाने और झूठ बोलने में लगे हुए हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी यह टिप्पणी सभी लोगों के लिए नहीं है और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा कुछ शीर्ष नेताओं को इससे अलग रखा.
कैसे बीजेपी में शामिल हुए थे सुरेश ओबेरॉय….?
सुरेश ओबेरॉय ने 2004 में बीजेपी में शामिल होने का किस्सा भी सुनाया. उनके मुताबिक, हैदराबाद कॉलेज का एक दोस्त अचानक उनके घर आया और उनसे बीजेपी ज्वाइन करने के लिए कहा. दोस्त के कहने पर वह उसके साथ चले गए. इसके बाद उनकी मुलाकात पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से हुई और उन्हें पार्टी का पटका पहनाया गया. सुरेश ओबेरॉय के मुताबिक, उस समय उन्हें लगा कि राजनीति के जरिए वह देश के लिए कुछ बेहतर कर सकते हैं.
गुरु ने राजनीति में जाने पर लगाई थी फटकार…..
अभिनेता ने बताया कि राजनीति में शामिल होने के बाद जब वह अपने गुरु से मिले तो उन्हें काफी डांट सुननी पड़ी. उनके गुरु ने उन्हें राजनीति से दूरी बनाने और कुछ लोगों से संपर्क नहीं रखने की सलाह दी थी. सुरेश ओबेरॉय ने कहा कि उस समय उन्हें गुरु की बात पूरी तरह समझ नहीं आई. वह कुछ समय तक राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी उनका संपर्क रहा. लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस हुआ कि वह इस क्षेत्र में सहज नहीं हैं.
मोहन भागवत के हैं बड़े फैन….
पॉडकास्ट के दौरान सुरेश ओबेरॉय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की भी तारीफ की. उन्होंने खुद को मोहन भागवत का बड़ा प्रशंसक बताया. उन्होंने एक पुरानी मुलाकात का किस्सा साझा करते हुए बताया कि मोहन भागवत एक बार उनके घर नाश्ते पर आए थे. उनकी पत्नी ने कम चीनी वाला हलवा बनाया था, जिसे मोहन भागवत ने पसंद किया था. सुरेश ओबेरॉय के मुताबिक, यह स्वाद उन्हें लंबे समय तक याद रहा.
राजनीति छोड़ने के बाद एक्टिंग पर किया फोकस…..
राजनीति से दूरी बनाने के बाद सुरेश ओबेरॉय ने दोबारा पूरी तरह अपने अभिनय करियर पर ध्यान दिया. उन्होंने ‘मिर्च मसाला’, ‘तेजाब’, ‘परिंदा’ और ‘राजा हिंदुस्तानी’ जैसी फिल्मों में काम किया. हाल के वर्षों में भी वह फिल्मों में नजर आए हैं. रणबीर कपूर स्टारर ‘एनिमल’ में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. इसके अलावा वह शाहिद कपूर की फिल्म ‘कबीर सिंह’ में भी नजर आए थे.
परिवार भी फिल्म और बिजनेस से जुड़ा…..

सुरेश ओबेरॉय के बेटे विवेक ओबेरॉय भी बॉलीवुड अभिनेता हैं. विवेक फिल्मों के अलावा बिजनेस से भी जुड़े हुए हैं. उनकी बेटी मेघना ओबेरॉय प्लेबैक सिंगर हैं.
