20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को कांग्रेस का भी समर्थन मिला। जंतर-मंतर पहुंचकर पवन खेड़ा ने मुलाकात की और स्वास्थ्य पर चिंता जताई।

नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों के समर्थक सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को अब कांग्रेस का भी समर्थन मिल गया है। आम आदमी पार्टी (आप), समाजवादी पार्टी (सपा) और शिवसेना के नेताओं के बाद शुक्रवार (17 जुलाई) को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा जंतर-मंतर पहुंचे और वांगचुक से मुलाकात की। सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
पवन खेड़ा ने जताई चिंता
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वांगचुक की हालत को देखते हुए सभी चिंतित हैं और सरकार को इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
पवन खेड़ा ने कहा, “हम सभी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। हम एक ऐसी सरकार का सामना कर रहे हैं जो लोकतांत्रिक विरोध की भाषा को समझना नहीं चाहती। ऐसे समय में विरोध के तरीकों पर भी विचार करने की जरूरत है।”
कांग्रेस ने पहले ही जताया था समर्थन
पवन खेड़ा की मुलाकात से पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सोनम वांगचुक की मांगों का समर्थन किया था। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की कमी के कारण छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि परीक्षा संबंधी विवादों और पेपर लीक जैसे मामलों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को विपक्षी दलों का लगातार समर्थन मिल रहा है। इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी जंतर-मंतर पहुंचे थे। उन्होंने वांगचुक के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें देश का शिक्षा मंत्री बनाए जाने की बात कही थी। इसके अलावा समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और सांसद रुचि वीरा ने भी वांगचुक से मुलाकात कर अपना समर्थन व्यक्त किया था। शिवसेना की प्रवक्ता सुषमा अंधारे भी जंतर-मंतर पहुंची थीं और आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाई थी।
राज ठाकरे ने भी दिया समर्थन
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भी सोनम वांगचुक की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है और सरकार को लोगों की आवाज सुननी चाहिए।
राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि देश की सभी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेने की अपील की।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
लगातार 20 दिनों से जारी भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया कि वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
आंदोलन पर बढ़ रहा राजनीतिक समर्थन
सोनम वांगचुक के आंदोलन को मिल रहे लगातार राजनीतिक समर्थन से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दल सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
