राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पहली बार राम मंदिर के लिए पूर्णकालिक CEO नियुक्त करने जा रहा है। जानिए कौन कर सकता है आवेदन, क्या है पात्रता और क्या होंगी इस पद की जिम्मेदारियां।

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर उठे विवादों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट ने पहली बार मंदिर के लिए पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य मंदिर के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है।
इस घोषणा के बाद लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कोई आम व्यक्ति भी इस पद के लिए आवेदन कर सकता है? आइए जानते हैं इस महत्वपूर्ण पद से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।
क्यों लिया गया CEO नियुक्त करने का फैसला?
हाल के दिनों में राम मंदिर में चढ़ावे और दान प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठे थे। इसी बीच 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में CEO पद सृजित करने का फैसला लिया गया। इसके लिए तीन सदस्यीय चयन समिति का गठन किया गया है। समिति में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और पूर्व एनआईटी रायपुर चेयरपर्सन सुरेश हवारे को शामिल किया गया है। समिति को निर्धारित समय सीमा के भीतर योग्य उम्मीदवार का चयन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्या आम आदमी भी कर सकता है आवेदन?
ट्रस्ट की ओर से जारी जानकारी के अनुसार CEO पद के लिए आवेदन किसी एक विशेष सेवा या पेशे तक सीमित नहीं है। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित पात्रता और अनुभव की शर्तों को पूरा करता है, तो वह आवेदन कर सकता है। हालांकि पद के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की गई है, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है. समिति का कहना है कि अंतिम चयन योग्यता, ईमानदारी कार्य क्षमता और उपयुक्तिता के आधार पर होगा.
CEO बनने के लिए क्या है पात्रता?
चयन समिति द्वारा तय मानकों के अनुसार उम्मीदवार के पास निम्न योग्यताएं होना आवश्यक हैं:
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक (Graduation) हो।
- प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन या संबंधित क्षेत्र में कम से कम 20 वर्षों का अनुभव हो।
- बड़े संस्थानों या संगठनों के संचालन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिल सकती है।
- मंदिर प्रबंधन या धार्मिक संस्थानों के संचालन का अनुभव अतिरिक्त लाभ माना जाएगा।
- उम्मीदवार हिंदू धर्म का अनुयायी हो और भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखता हो।
- सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता का मजबूत रिकॉर्ड हो।
किन लोगों के नामों पर हो सकता है विचार?
समिति किसी एक पेशे या शैक्षणिक पृष्ठभूमि तक खुद को सीमित नहीं रखना चाहती है. बेहतरीन प्रशासनिक अनुभव और संगठन क्षमता को देखते हुए पुलिस, सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों से रिटायर्ड या वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर भी विचार किया जा सकता है. वहीं राम मंदिर के सीईओ का अंतिम फैसला केवल योग्यता और उपयुक्तता के आधार पर लिया जाएगा. इसके अलावा रिपोर्ट के अनुसार सीईओ पद के लिए 18 जुलाई तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. रिपोर्ट्स के अनुसार CEO पद के लिए आवेदन निर्धारित तिथि तक ईमेल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए ट्रस्ट की ओर से अलग ईमेल आईडी जारी की जाएगी। आवेदन प्राप्त होने के बाद चयन समिति योग्य उम्मीदवारों से चर्चा करेगी और फिर अंतिम नाम का चयन किया जाएगा।
क्या होंगी CEO की जिम्मेदारियां?
राम मंदिर के CEO की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होंगे:
- मंदिर के दैनिक प्रशासन का संचालन।
- श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना।
- दान और चढ़ावे के वित्तीय प्रबंधन की निगरानी।
- सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन का समन्वय।
- जिला प्रशासन एवं सरकारी एजेंसियों के साथ तालमेल।
- खरीद प्रक्रियाओं और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी।
- आपदा प्रबंधन और विशेष आयोजनों की व्यवस्था।
कितने समय के लिए होगी नियुक्ति?
चयनित उम्मीदवार की नियुक्ति प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए की जाएगी। नियुक्त व्यक्ति को अयोध्या में रहकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। इसके अलावा चयन प्रक्रिया के संचालन के लिए समिति एक सचिव की भी नियुक्ति करेगी।
