अमूल दही का पैकेट खरीदते समय रहें सावधान! वायरल वीडियो में दो पैकेट की पैकेजिंग में कथित अंतर दिखाया गया है।

ऑनलाइन ग्रॉसरी और फूड डिलीवरी का चलन तेजी से बढ़ा है। घर बैठे कुछ ही मिनटों में दूध, दही, पनीर और दूसरी रोजमर्रा की चीजें मंगाना आसान हो गया है। लेकिन इसी सुविधा के साथ पैकेजिंग और प्रोडक्ट की असलियत को लेकर सावधानी बरतना भी जरूरी है।
इन दिनों सोशल मीडिया पर अमूल मस्ती दही के दो पैकेट की तस्वीर और वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो में एक व्यक्ति ने स्थानीय दुकान से खरीदे गए दही के पैकेट और ऑनलाइन मंगाए गए पैकेट की तुलना करते हुए दोनों की पैकेजिंग में कुछ छोटे अंतर दिखाए हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि कहीं ऑनलाइन खरीदा गया पैकेट नकली तो नहीं था।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि वायरल वीडियो में दिख रहा पैकेजिंग अंतर अपने आप में नकली होने का पक्का प्रमाण नहीं है। किसी प्रोडक्ट की पैकेजिंग में प्रिंटिंग बैच, पैकेजिंग यूनिट, डिजाइन अपडेट या प्रिंट क्वालिटी के कारण भी मामूली अंतर हो सकता है।
वायरल वीडियो में क्या दिखाया गया?
वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के मुताबिक, उन्होंने बारिश के कारण ऑनलाइन दही ऑर्डर किया था। उनके पास पहले से स्थानीय दुकान से खरीदा हुआ उसी कीमत का अमूल मस्ती दही का पैकेट भी था।
जब दोनों पैकेटों को उन्होंने करीब से देखा तो कुछ अंतर नजर आया।
वीडियो में खासतौर पर ‘Masti’ और ‘DAHI’ शब्दों की प्रिंटिंग और प्लेसमेंट को लेकर अंतर दिखाने का दावा किया गया है। व्यक्ति के अनुसार, एक पैकेट में ‘Masti’ शब्द के अंदर हल्की ग्रे लाइन दिखाई देती है, जबकि दूसरे पैकेट में यह लाइन अलग नजर आती है।
इसी तरह ‘DAHI’ शब्द की स्थिति और रंग में भी मामूली अंतर होने की बात वीडियो में कही गई है।
दूर से देखने पर दोनों पैकेट लगभग एक जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन कैमरे के सामने उन्हें साथ रखकर देखने पर अंतर अधिक स्पष्ट नजर आता है।
क्या पैकेजिंग में अंतर का मतलब नकली प्रोडक्ट है?
यह सबसे महत्वपूर्ण बात है जिसे वायरल वीडियो देखने के बाद समझना चाहिए। केवल पैकेट के डिजाइन, फॉन्ट या प्रिंटिंग में अंतर देखकर किसी खाद्य उत्पाद को नकली घोषित नहीं किया जा सकता।
किसी पैकेजिंग में अंतर के कई सामान्य कारण हो सकते हैं, जैसे—
- अलग-अलग पैकेजिंग बैच
- प्रिंटिंग में मामूली अंतर
- पैकेजिंग डिजाइन में बदलाव
- अलग उत्पादन या पैकिंग यूनिट
- प्रिंट की गुणवत्ता में अंतर
- अलग समय पर तैयार किया गया पैकेट
इसलिए वायरल वीडियो को देखकर तुरंत यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि ऑनलाइन मिलने वाला अमूल दही नकली है।
फिर असली और नकली पैकेट की पहचान कैसे करें?
अगर किसी ब्रांडेड खाद्य पदार्थ की पैकेजिंग संदिग्ध लगे तो केवल लोगो देखकर भरोसा न करें। पैकेट पर मौजूद दूसरी जानकारियां भी जांचें।
1. MRP और पैकिंग डेट देखें
पैकेट पर MRP, पैकिंग/मैन्युफैक्चरिंग डेट और Best Before/Expiry से जुड़ी जानकारी ध्यान से देखें। अगर प्रिंट बहुत धुंधला है, छेड़छाड़ जैसा लगता है या जानकारी अस्पष्ट है तो प्रोडक्ट लेने से बचना बेहतर है।
2. पैकेज सील चेक करें
दही या किसी भी पैक्ड फूड को खरीदते समय देखें कि पैकेज फटा, खुला, लीक या असामान्य तरीके से चिपकाया हुआ तो नहीं है। सील में किसी तरह की छेड़छाड़ नजर आए तो उसे इस्तेमाल न करें।
3. FSSAI की जानकारी देखें
पैक्ड खाद्य पदार्थों पर संबंधित खाद्य सुरक्षा और लाइसेंस से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है। संदिग्ध प्रोडक्ट होने पर पैकेट पर मौजूद विवरण को सुरक्षित रखना शिकायत दर्ज कराने में मदद कर सकता है।
4. पैकेट पर निर्माता की जानकारी पढ़ें
लेबल पर निर्माता या पैकर का नाम, पता और दूसरी जरूरी जानकारी देखें। अगर जानकारी अधूरी, गलत या असामान्य लगे तो सावधान हो जाएं।
5. बारकोड या QR कोड हो तो जांचें
अगर पैकेट पर बारकोड या QR कोड दिया गया है, तो उपलब्ध आधिकारिक माध्यम से उसकी जानकारी जांची जा सकती है। हालांकि, सिर्फ QR कोड मौजूद होने को भी प्रामाणिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानना चाहिए।
ऑनलाइन सामान मंगाते समय ज्यादा सावधानी क्यों जरूरी?
ऑनलाइन खरीदारी में ग्राहक प्रोडक्ट को हाथ में लेकर पहले जांच नहीं कर सकता। उसे अक्सर तस्वीर और प्लेटफॉर्म पर दी गई जानकारी के आधार पर ऑर्डर करना पड़ता है। डिलीवरी के समय कुछ सेकंड निकालकर पैकेजिंग देखना इसलिए उपयोगी हो सकता है। खासकर दूध, दही, पनीर, जूस और दूसरे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों में पैकेज की स्थिति, तारीख और स्टोरेज कंडीशन पर ध्यान देना चाहिए।
क्या सिर्फ ब्रांड का नाम देखकर भरोसा करना सही है?
किसी भी पैक्ड फूड को खरीदते समय सिर्फ बड़े ब्रांड का नाम देखकर उसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ब्रांडेड प्रोडक्ट होने के बावजूद ग्राहक को पैकेट की सील, तारीख, MRP, लेबल और प्रोडक्ट की स्थिति देखनी चाहिए। अगर पैकेजिंग संदिग्ध लगे या दही का रंग, गंध या बनावट सामान्य न लगे, तो उसे खाने से बचना बेहतर है।
अगर नकली प्रोडक्ट का शक हो तो क्या करें?
अगर आपको किसी खाद्य प्रोडक्ट पर संदेह है तो उसे तुरंत फेंकने के बजाय, यदि सुरक्षित हो, तो पैकेजिंग, बिल और ऑर्डर की जानकारी संभालकर रखें। ऑनलाइन खरीदा गया सामान है तो संबंधित प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। साथ ही निर्माता की ग्राहक सेवा से भी संपर्क किया जा सकता है। अगर मामला खाद्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर लगता है, तो संबंधित खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण के माध्यम से शिकायत की जा सकती है।
वायरल वीडियो से क्या सीख मिलती है?
इस वीडियो का सबसे अहम संदेश यह है कि ऑनलाइन खरीदे गए सामान को आंख बंद करके इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हालांकि, वीडियो में दिखाए गए पैकेजिंग अंतर को देखकर किसी प्रोडक्ट को सीधे नकली घोषित करना भी उचित नहीं है। ग्राहकों को जागरूक रहना चाहिए, लेकिन किसी वायरल पोस्ट या वीडियो के आधार पर बिना आधिकारिक पुष्टि के कंपनी या डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर आरोप लगाने से बचना चाहिए।
Disclaimer: यह लेख वायरल सोशल मीडिया वीडियो में किए गए दावों के आधार पर जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पैकेजिंग में अंतर मात्र से किसी खाद्य उत्पाद को नकली साबित नहीं किया जा सकता। किसी विशेष प्रोडक्ट की वास्तविकता की पुष्टि संबंधित निर्माता या सक्षम खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से ही की जानी चाहिए।
