नेपाल के कई शहरों में हिंसा के बाद कर्फ्यू, 3 लोगों की मौत

भारत के पड़ोसी देश नेपाल में सांप्रदायिक तनाव के बाद कई इलाकों में हिंसा फैल गई है। पूर्वी नेपाल के सुनसरी जिले से शुरू हुई झड़पें धीरे-धीरे मधेश प्रांत के विभिन्न जिलों तक पहुंच गईं, जिसके बाद प्रशासन ने कई शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों के साथ सेना की भी तैनाती की गई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हिंसा में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंसा की शुरुआत सप्ताह की शुरुआत में सुनसरी जिले के देवानगंज क्षेत्र में दो समुदायों के बीच हुई झड़प के बाद हुई। देखते ही देखते तनाव बढ़ता गया और इसका असर धनुषा, सिराहा और सप्तरी सहित मधेश प्रांत के अन्य इलाकों में भी देखने को मिला। स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और बाद में कई संवेदनशील क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर दिया।
तीन लोगों की मौत, कई घायल
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हिंसा के दौरान तीन लोगों की मौत हुई है। वहीं दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ सुरक्षाकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सिराहा जिले के 19 वर्षीय गणेश यादव की भी इस हिंसा में मौत हुई है। इसके अलावा पुलिस कार्रवाई और झड़पों के दौरान कई लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
कई जिलों में लगाया गया कर्फ्यू
बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने जनकपुर, सिराहा और सप्तरी सहित कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है।
कर्फ्यू के दायरे में शामिल प्रमुख क्षेत्र—
- जनकपुर उप-महानगर
- लक्ष्मिनिया ग्रामीण नगरपालिका
- नगराइन नगरपालिका
- सिराहा का गोलबाजार क्षेत्र
- आसपास के संवेदनशील इलाके
प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
आगजनी और पथराव की घटनाएं
हिंसा के दौरान कई स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, सिराहा के गोलबाजार क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने 11 मोटरसाइकिलों में आग लगा दी। कई सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए चेतावनी स्वरूप हवाई फायरिंग भी की।
सेना और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
नेपाल सरकार ने हालात को सामान्य करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे हैं। संवेदनशील इलाकों में सेना की तैनाती भी की गई है ताकि हिंसा को फैलने से रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां लगातार गश्त कर रही हैं और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने, अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा की घटनाओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
हिंसा जिन जिलों में फैली है, उनमें से कई भारत की सीमा से सटे हुए हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां सीमा क्षेत्रों पर भी विशेष निगरानी रख रही हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
