Skip to content
Bazaart_20250620_024615_864 (1)

हर कदम आपके साथ

Primary Menu
  • HOME
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • SPORTS
  • TRENDING
  • TECHNOLOGY
  • BUSINESS
  • ASTROLOGY
  • STATE
  • ENTERTAINMENT
  • VIDEO
  • Home
  • international
  • नेपाल: जेन-जी आंदोलन 2025 में शहीद हुए युवाओं का राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार – New Breaking News
  • international

नेपाल: जेन-जी आंदोलन 2025 में शहीद हुए युवाओं का राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार – New Breaking News

Acharannews September 17, 2025 1 minute read

📰 Latest Posts

  • “छत्तीसगढ़ में Gen Z का नेता कौन”? मोदी या राहुल गांधी पर युवाओं ने दिया चौंकाने वाला जवाब……
  • “राहुल वैद्य-दिशा परमार” का आलीशान आशियाना, छत पर बना है स्विमिंग पूल; फराह खान ने कराया होम टूर…….
  • “UPI Charge” पर अशनीर ग्रोवर का सवाल, बोले- बड़े ट्रांजैक्शन फ्री तो छोटे दुकानदारों से चार्ज क्यों….?
  • “सुरभि चंदना” के घर गणपति भोग से पहले गैस लीकेज, परिवार ने ऐसे संभाली स्थिति……
  • Oracle Layoff : सुबह 6 बजे ईमेल से गई नौकरी, कर्मचारियों को बताया- आज है आखिरी वर्किंग डे……
  • “DU में बैक लगने पर डिग्री नहीं होगी रद्द, जानें बैकलॉग क्लियर करने की पूरी समय सीमा”……
  • “ऋतिक रोशन ने भांजी सुरानिका के 30वें बर्थडे पर लुटाया प्यार, शेयर कीं बचपन की तस्वीरें”…….
  • “पाकिस्तानी हिंदू ने परिवार संग राम मंदिर दर्शन की जताई इच्छा, पोस्ट हुई वायरल”; यूजर्स बोले- “राम सभी के हैं”
  • “अंबानी के गणेशोत्सव” में पहुंचीं मैथिली ठाकुर, ईशा अंबानी से हुई खास मुलाकात; फैंस बोले- बिहार के लिए गर्व की बात……
  • “असम की नागांव सीट पर कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा को दिया टिकट, पूर्व CM की बहू लड़ेंगी उपचुनाव”……
  • “मसूद अजहर” पर पाकिस्तान ने बढ़ाया इनाम, भारत ने कहा- सिर्फ घोषणाओं से नहीं होगी आतंकवाद पर कार्रवाई…..
  • “शेयर बाजार पर मंडरा रहा बड़ा खतरा” ! चीन की तेल खरीदारी बढ़ी तो क्यों बढ़ सकती है मुश्किल ?……..
  • ‘जब जिद पे आ गई पार्वती’ पर नन्हीं बच्ची का प्यारा डांस वायरल, एक्सप्रेशंस ने जीता दिल…..
  • तेल, प्याज से लेकर गैस तक क्यों बढ़ रही महंगाई ? जानें किचन का बजट बिगड़ने की बड़ी वजहें…..
  • “नाना पाटेकर-मनीषा कोइराला” के अफेयर की खबरों पर राइटर का रिएक्शन, बोले- दोनों के बीच कुछ तो था……

प्रस्तावना

नेपाल में जेन-जी आंदोलन के शहीदों की शव यात्रा

नेपाल इन दिनों गहरे राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ शुरू हुआ जेन-जी आंदोलन धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया। इस आंदोलन में हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई ने अब तक सैकड़ों परिवारों को शोक में डुबो दिया है। 8 और 9 सितंबर को हुए प्रदर्शनों में कम से कम 72 युवाओं ने अपनी जान गंवाई। मंगलवार, 16 सितंबर को काठमांडू में इन शहीदों का राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

यह सिर्फ एक अंतिम संस्कार नहीं था, बल्कि नेपाल के नए राजनीतिक दौर की शुरुआत और जनता की आवाज़ के प्रति सरकार की पहली प्रतिक्रिया भी था।

राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धांजलि
  • अंतिम संस्कार काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में आयोजित हुआ।
  • शवों को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर श्रद्धांजलि दी गई।
  • नई अंतरिम सरकार के मंत्री कुलमन घीसिंग और ओम प्रकाश आर्यल मौजूद रहे।
  • सशस्त्र पुलिस ने सलामी दी और अंतिम यात्रा का आयोजन त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल से हुआ।
  • हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपने “शहीदों” को श्रद्धांजलि दी।

सरकार ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि जिन युवाओं ने इस आंदोलन में अपनी जान गंवाई, उन्हें “शहीद” का दर्जा दिया जाएगा।

शोक दिवस की घोषणा

कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 17 सितंबर को राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया जाएगा।

  • इस दिन नेपाल में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
  • सभी सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में मृतकों की याद में मौन रखा जाएगा।
  • आंदोलन में घायल लोगों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा।
  • सरकार ने जेन-जी मेमोरियल पार्क बनाने की भी घोषणा की।

जेन-जी आंदोलन की पृष्ठभूमि

नेपाल में युवाओं की यह लहर अचानक नहीं उठी।

  1. भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सा
    • लंबे समय से नेपाल में उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतें थीं।
    • सरकारी योजनाओं और अंतरराष्ट्रीय सहायता राशि के दुरुपयोग ने जनता को नाराज़ किया।
  2. सोशल मीडिया पर प्रतिबंध
    • सरकार ने युवाओं की आवाज़ दबाने के लिए सोशल मीडिया पर सख्ती की।
    • यह कदम उन युवाओं के लिए “चिंगारी” साबित हुआ जो अपनी राय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखते थे।
  3. बेरोजगारी और आर्थिक संकट
    • नेपाल में युवा बेरोजगारी दर बढ़ रही है।
    • महामारी और राजनीतिक अस्थिरता ने स्थिति और खराब कर दी।

हिंसा में तब्दील हुआ आंदोलन

प्रदर्शनकारियों द्वारा आगजनी की गई सरकारी इमारत
  • पहला दिन (8 सितंबर): पुलिस फायरिंग में 19 लोगों की मौत।
  • दूसरा दिन (9 सितंबर): गुस्साए युवाओं ने सरकारी भवनों और नेताओं के घरों में आगजनी की।
  • पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में मौत का आंकड़ा बढ़कर 72 तक पहुंचा।

पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस, लाठीचार्ज और गोलीबारी का सहारा लिया। यह कार्रवाई नेपाल के हालिया इतिहास की सबसे हिंसक घटनाओं में गिनी जा रही है।

राजनीतिक परिणाम

  • भारी दबाव के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा।
  • उनकी जगह एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया।
  • नई सरकार ने आते ही आंदोलन में मारे गए लोगों को शहीद घोषित करने और घायलों के इलाज की घोषणा की।

जन आक्रोश और राजनीतिक दलों पर हमला

  • प्रदर्शनकारियों ने तीनों बड़े राजनीतिक दलों —
    • नेपाली कांग्रेस,
    • माओवादी केंद्र,
    • सीपीएन (यूएमएल)
      — के कार्यालयों को निशाना बनाया।
  • कई नेताओं के आवास और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जला दिया गया।
  • प्रचंड (पुष्प कमल दहल) का पार्टी मुख्यालय भी आगजनी की चपेट में आ गया।

आंदोलन का सामाजिक प्रभाव

  1. युवाओं में जागरूकता:
    जेन-जी आंदोलन ने यह साबित कर दिया कि नेपाल का युवा वर्ग अब चुप बैठने वाला नहीं है।
  2. सरकार की जवाबदेही:
    शहीदों को राष्ट्रीय सम्मान देने का फैसला जनता के दबाव का परिणाम है।
  3. परिवारों की पीड़ा:
    जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया, वे अब “शहीद परिवार” कहलाएंगे, लेकिन उनका दर्द केवल शब्दों से कम नहीं हो सकता।
  4. नए नेतृत्व की मांग:
    नेपाल की जनता अब नए नेतृत्व और ईमानदार राजनीति की मांग कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

  • पड़ोसी देशों भारत और चीन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
  • संयुक्त राष्ट्र ने नेपाल सरकार से “शांतिपूर्ण समाधान” की अपील की।
  • मानवाधिकार संगठनों ने पुलिस की गोलीबारी की स्वतंत्र जांच की मांग की।

भविष्य की राह

नेपाल के लिए आने वाले दिन निर्णायक होंगे।

  • क्या नई सरकार जनता का विश्वास जीत पाएगी?
  • क्या वाकई भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जाएगी?
  • क्या युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जाएगी?

यदि सरकार और राजनीतिक दलों ने अतीत से सबक नहीं लिया, तो जेन-जी आंदोलन केवल शुरुआत साबित हो सकता है।

निष्कर्ष

जेन-जी आंदोलन नेपाल के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य को हमेशा के लिए बदल सकता है। जिन युवाओं ने अपनी जान गंवाई, उन्हें अब “शहीद” का दर्जा मिल गया है। लेकिन असली चुनौती सरकार और नेताओं के सामने है — क्या वे इस बलिदान को सार्थक करेंगे या यह आंदोलन भी इतिहास की किताबों तक सीमित रह जाएगा?

नेपाल के लिए यह समय है आत्ममंथन का, जहां शहीदों की शहादत एक नई सुबह की नींव रख सकती है।

टेक्सास मर्डर: 1 भारतीय नागरिक की हत्या पर ट्रंप का सख्त वादा, न्याय की पूरी सीमा तक कार्रवाई 

🎯 Random Posts

  • पटना सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी से हड़कंप, बम निरोधक दस्ते ने की घंटों तलाशी
  • Jantar Mantar Protest: कौन है जंतर-मंतर का मालिक, जब वहां प्रदर्शन नहीं होते तब कौन देखता है व्यवस्था?
  • लखनऊ अग्निकांड में बड़ा खुलासा: 20KW की मंजूरी, लेकिन 34 KVA से ज्यादा चल रहा था लोड; 15 मौतों के बाद जांच तेज
  • पाकिस्तान: पंजाब प्रांत में बाढ़ से 42 लाख लोग प्रभावित, राजनीतिकरण से बिगड़े हालात – New Breaking News
  • सरकारी दफ्तर में अफसरों के सामने महिला ने लगाए ठुमके, वायरल वीडियो देख यूजर्स ने उठाए सवाल
  • विदेश पैसा भेजते हैं? इनकम टैक्स की नजर से बचने के लिए इन दस्तावेजों को रखें सुरक्षित…..
  • डिप्रेशन के कारण बाल खाने लगी 20 साल की युवती, पेट से निकला 62 सेंटीमीटर लंबा बालों का गुच्छा; वजन घटकर रह गया 25 किलो
  • अमिताभ बच्चन ने याद किए स्ट्रगल के दिन, बोले- “तुम बहुत लंबे हो, घर जाओ”…..
  • Rashmika Mandanna Saree Look: आइवरी सिल्क साड़ी में बिखेरा जलवा, शाही अंदाज ने इंटरनेट पर मचाई धूम
  • सोने-चांदी की कीमतों में तीसरे हफ्ते तेजी, डॉलर की कमजोरी से बढ़ी मांग
  • एशिया कप 2025 भारत बनाम बांग्लादेश : फाइनल की जंग में टीम इंडिया का पलड़ा भारी – New Breaking Record
  • अलीगंज गेमिंग जोन में भीषण आग, कई लोग फंसे; 14 मौतों की पुष्टि
  • धोखाधड़ी केस में शिल्पा शेट्टी की विदेश यात्रा पर रोक, लॉस एंजेलिस ट्रिप कैंसिल
  • देहरादून में युवक की संदिग्ध मौत: सुसाइड नोट में गर्लफ्रेंड और उसके कथित प्रेमी पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप
  • “95 साल की दादी ने लगाई हाई जंप, फुर्ती देखकर हैरान रह गए लोग, वीडियो हुआ वायरल”…….
Share

Post navigation

Previous: सऊदी गायक ने गाया ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’, 150 करोड़ भारतीयों का दिल जीत लिया – New Breaking News
Next: भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बीच रुपया मजबूत, दो सप्ताह बाद 88 के नीचे खुला – New Breaking Record
Copyright @ Acharan news | MoreNews by AF themes.
Privacy Policy Disclaimer Terms & Conditions About Us
Copyright © Acharan News | All Rights Reserved