मनाली के अटल टनल नॉर्थ पोर्टल के पास बड़ा सड़क हादसा! अनियंत्रित स्कॉर्पियो निर्माणाधीन पुल की सरियों में जा फंसी।

हिमाचल प्रदेश के मनाली में अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल के पास मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। पर्यटकों से भरी एक स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और निर्माणाधीन पुल की लोहे की सरियों में जा फंस गई। इस हादसे में राजस्थान के एक पर्यटक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मोड़ पर नियंत्रण खोने से हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे हुई। स्कॉर्पियो (RJ UD 4099) मनाली से लाहौल की ओर जा रही थी। अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से बाहर निकलने के बाद एक मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा।
तेज रफ्तार के कारण स्कॉर्पियो सड़क से नीचे उतर गई और चंद्रा नदी के किनारे बन रहे निर्माणाधीन पुल की लोहे की सरियों में जा फंसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
राजस्थान के पर्यटक की गई जान
हादसे में 34 वर्षीय कैलाश, पुत्र गोविंद राम, निवासी सीकर (राजस्थान) की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, राजेंद्र (सीकर, राजस्थान), आदित्य (लखीमपुर, उत्तर प्रदेश) और वाहन चालक सिद्धार्थ (सीकर, राजस्थान) घायल हो गए। सभी घायलों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस और प्रशासन ने चलाया राहत अभियान
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साथ ही हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है।
तेज रफ्तार को माना जा रहा शुरुआती कारण
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने तेज रफ्तार और मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खोने को दुर्घटना की मुख्य वजह माना है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच और तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों की पुष्टि की जाएगी।
पर्यटकों को प्रशासन की अपील
इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अटल टनल और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। रात के समय तेज रफ्तार से वाहन चलाने से बचें और पहाड़ी सड़कों पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में अचानक मोड़, सीमित दृश्यता और मौसम में बदलाव के कारण दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में सुरक्षित ड्राइविंग ही सबसे बड़ा बचाव है।
