अलीगढ़ में लोहे की नुकीली कीलों पर लेटकर कांवड़ यात्रा करता दिखा भक्त, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।

सावन के महीने में देशभर में कांवड़ यात्रा जारी है। भगवान शिव के भक्त अलग-अलग तरीकों से अपनी आस्था और श्रद्धा का प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक कांवड़िया नुकीली लोहे की कीलों से बने प्लेटफॉर्म पर लेटकर कांवड़ यात्रा करता दिखाई दे रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और कठिन साधना का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कई लोग इस तरह की खतरनाक यात्रा को लेकर चिंता भी जता रहे हैं।
अलीगढ़ का बताया जा रहा है वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो अलीगढ़ का बताया जा रहा है। इसे X पर मनीष फाफामऊ नाम के यूजर ने शेयर किया है। पोस्ट में दावा किया गया कि अलीगढ़ में एक कांवड़िया बेहद कठिन तरीके से ‘दंडौती कांवड़’ लेकर आगे बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पोस्ट में इसे ‘हठ-कांवड़’ भी कहा गया है और दावा किया गया है कि कांवड़िया कई दिनों से महादेव के मंदिर की ओर इसी तरह आगे बढ़ रहा है।
हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को सावधानी से देखने की जरूरत है।
वीडियो में क्या नजर आ रहा है?
वायरल वीडियो में सड़क पर दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म दिखाई देते हैं। एक प्लेटफॉर्म चार पहियों पर रखा हुआ है, जिस पर कांवड़ और पवित्र जल का कलश नजर आता है। इसके पास एक दूसरा प्लेटफॉर्म रखा गया है, जिस पर बड़ी संख्या में नुकीली लोहे की कीलें लगी हुई दिखाई देती हैं। पीले रंग की टी-शर्ट पहना एक व्यक्ति इसी कीलों वाले प्लेटफॉर्म पर पेट के बल लेटा हुआ नजर आता है। वहीं एक अन्य व्यक्ति कांवड़ वाले प्लेटफॉर्म को आगे की ओर धक्का देता दिखाई देता है। कांवड़ आगे बढ़ने के साथ कीलों वाला प्लेटफॉर्म भी आगे खिसकाया जाता है। इस तरह कांवड़िया कीलों वाले प्लेटफॉर्म पर लेटे हुए आगे बढ़ता नजर आता है।
वीडियो का दृश्य देखने में बेहद असामान्य और जोखिम भरा लगता है, जिसके कारण यह सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींच रहा है।
भीष्म पितामह की बाणों की शैया से तुलना
कांवड़िए की इस यात्रा को देखने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी तुलना महाभारत के भीष्म पितामह की बाणों की शैया से की है। वीडियो में व्यक्ति जिस तरह नुकीली वस्तुओं के ऊपर लेटा हुआ दिखाई देता है, उसकी वजह से लोग इस दृश्य को बाणों की शैया से जोड़ रहे हैं। हालांकि, यह केवल सोशल मीडिया यूजर्स की तुलना है और इसे किसी ऐतिहासिक या धार्मिक प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सावन में कांवड़ यात्रा का खास महत्व
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से शिव भक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं।
कांवड़िए पवित्र नदियों से जल लेकर भगवान शिव के मंदिरों तक पहुंचते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। कई भक्त पैदल यात्रा करते हैं, जबकि कुछ लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार अलग-अलग तरीकों से यह यात्रा पूरी करते हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु लंबी दूरी तय करते हैं। इस दौरान रास्तों में धार्मिक कार्यक्रम, भजन और सेवा शिविर भी देखने को मिलते हैं।
वीडियो पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग कांवड़िए की आस्था और भगवान शिव के प्रति समर्पण की प्रशंसा कर रहे हैं। उनका मानना है कि भक्त कठिन परिस्थितियों में भी अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करने का प्रयास कर रहा है। वहीं कुछ यूजर्स ने इस तरह की गतिविधि को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि नुकीली लोहे की कीलों पर लेटना बेहद जोखिम भरा हो सकता है और इससे गंभीर चोट लगने की आशंका रहती है।
Disclaimer: यह लेख सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों के आधार पर तैयार किया गया है।
