IPL में मेडन ओवर का बादशाह कौन?

इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL को दुनिया की सबसे हाई-स्कोरिंग टी20 लीग में गिना जाता है. यहां बल्लेबाजों के बल्ले से चौके-छक्कों की बारिश देखने को मिलती है और गेंदबाजों के लिए हर रन रोकना किसी चुनौती से कम नहीं होता. ऐसे में किसी गेंदबाज का पूरा ओवर बिना रन दिए निकाल देना बेहद खास उपलब्धि है. IPL इतिहास में कुछ ही गेंदबाज ऐसे रहे हैं जिन्होंने 10 या उससे ज्यादा मेडन ओवर फेंके हैं. मौजूदा रिकॉर्ड के मुताबिक भुवनेश्वर कुमार और प्रवीण कुमार 14-14 मेडन ओवर के साथ संयुक्त रूप से सबसे आगे हैं. ट्रेंट बोल्ट 11 और इरफान पठान 10 मेडन के साथ अगले स्थानों पर हैं.
मेडन ओवर क्या होता है?
क्रिकेट में जब कोई गेंदबाज एक पूरा ओवर बिना कोई रन दिए पूरा करता है, तो उसे मेडन ओवर कहा जाता है. टी20 क्रिकेट में इसे हासिल करना खास तौर पर मुश्किल होता है, क्योंकि बल्लेबाज शुरुआत से ही तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं.
IPL में पावरप्ले के दौरान फील्डिंग प्रतिबंध और बल्लेबाजों का आक्रामक रवैया गेंदबाजों के लिए चुनौती बढ़ा देता है. ऐसे में छह गेंदों तक बल्लेबाज को रन न बनाने देना गेंदबाज की लाइन, लेंथ, स्विंग और नियंत्रण को दर्शाता है.
1. भुवनेश्वर कुमार – 14 मेडन ओवर
भुवनेश्वर कुमार IPL इतिहास में सबसे ज्यादा मेडन ओवर डालने वाले गेंदबाजों में संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं. उनके नाम 14 मेडन ओवर दर्ज हैं. IPL के आधिकारिक रिकॉर्ड पेज पर भी भुवनेश्वर कुमार 14 मेडन के साथ शीर्ष पर दर्ज हैं.
भुवनेश्वर की सबसे बड़ी ताकत नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता रही है. पावरप्ले में वह बल्लेबाजों को लगातार डॉट गेंदों के जरिए दबाव में रखने के लिए जाने जाते हैं. उनकी सटीक लाइन और लेंथ ने उन्हें IPL में लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखा. यही वजह है कि बल्लेबाजों के दबदबे वाले इस फॉर्मेट में भी वह इतने मेडन ओवर अपने नाम कर पाए.
2. प्रवीण कुमार – 14 मेडन ओवर
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार भी 14 मेडन ओवर के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं. उन्होंने IPL के शुरुआती वर्षों में अपनी शानदार स्विंग गेंदबाजी से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया.
प्रवीण कुमार की खासियत उनकी सटीक लाइन और लेंथ थी. वह तेज गति के बजाय गेंद को हवा में स्विंग कराने और सही जगह पर डालने पर ज्यादा भरोसा करते थे. उनके 14 मेडन ओवर इस बात का प्रमाण हैं कि IPL जैसे आक्रामक फॉर्मेट में भी नियंत्रण और धैर्य के दम पर बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका जा सकता है.
3. ट्रेंट बोल्ट – 11 मेडन ओवर
न्यूजीलैंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट इस रिकॉर्ड में तीसरे स्थान पर हैं. उनके नाम IPL में 11 मेडन ओवर दर्ज हैं. बोल्ट नई गेंद से गेंद को स्विंग कराने और शुरुआती ओवरों में विकेट लेने के लिए मशहूर हैं. उनकी गेंदबाजी में गति के साथ-साथ मूवमेंट भी देखने को मिलता है. बाएं हाथ के कोण से गेंदबाजी करने की वजह से वह बल्लेबाजों के लिए अलग चुनौती पैदा करते हैं. यही कारण है कि उन्होंने IPL में कई बार पावरप्ले के दौरान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया.
4. इरफान पठान – 10 मेडन ओवर
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान इस सूची में चौथे स्थान पर हैं. उन्होंने अपने IPL करियर में 10 मेडन ओवर फेंके.
इरफान अपने करियर के शुरुआती दौर में खास तौर पर नई गेंद को स्विंग कराने के लिए जाने जाते थे. बाएं हाथ की तेज गेंदबाजी और गेंद को अंदर लाने की क्षमता ने उन्हें पावरप्ले में प्रभावी बनाया. IPL के शुरुआती वर्षों में उन्होंने कई अहम मुकाबलों में अपनी गेंदबाजी से टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई.
बुमराह समेत चार गेंदबाजों के नाम 8-8 मेडन
इस खास रिकॉर्ड में जसप्रीत बुमराह, संदीप शर्मा, धवल कुलकर्णी और लसिथ मलिंगा के नाम 8-8 मेडन ओवर दर्ज हैं.
जसप्रीत बुमराह – 8 मेडन
जसप्रीत बुमराह आधुनिक क्रिकेट के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में शामिल हैं. उनकी यॉर्कर, धीमी गेंद और अलग तरह के एक्शन ने उन्हें खास पहचान दिलाई है. बुमराह की खासियत सिर्फ पावरप्ले में ही नहीं, बल्कि डेथ ओवरों में भी रन रोकने की क्षमता है. IPL में उनके नाम 8 मेडन ओवर दर्ज हैं.
संदीप शर्मा – 8 मेडन
संदीप शर्मा नई गेंद से स्विंग कराने और बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने IPL में लगातार अपनी सटीक लाइन-लेंथ के दम पर अच्छा प्रदर्शन किया है.
उनके नाम भी 8 मेडन ओवर दर्ज हैं, जो इस फॉर्मेट में उनकी गेंदबाजी की निरंतरता को दिखाता है.
धवल कुलकर्णी – 8 मेडन
धवल कुलकर्णी भी IPL के अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं. नई गेंद से स्विंग और अनुशासित गेंदबाजी उनकी प्रमुख खूबियां रही हैं. उन्होंने अपने IPL करियर में 8 मेडन ओवर फेंके हैं.
लसिथ मलिंगा – 8 मेडन
श्रीलंका के महान तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा अपनी खतरनाक यॉर्कर के लिए मशहूर रहे. खासकर डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होती थी. मलिंगा ने IPL में 8 मेडन ओवर फेंके और लंबे समय तक मुंबई इंडियंस के प्रमुख गेंदबाजों में शामिल रहे.
T20 में मेडन ओवर डालना इतना मुश्किल क्यों?
टेस्ट क्रिकेट की तुलना में टी20 में बल्लेबाजों का लक्ष्य तेजी से रन बनाना होता है. हर ओवर में बाउंड्री लगाने की कोशिश होती है. ऐसे में गेंदबाज के लिए छह गेंदों तक एक भी रन न देना बेहद कठिन होता है. मेडन ओवर सिर्फ रन रोकने तक सीमित नहीं है. यह बल्लेबाज पर मानसिक दबाव भी बनाता है. लगातार डॉट गेंदें खेलने के बाद बल्लेबाज अक्सर जोखिम भरा शॉट खेलने की कोशिश करता है, जिससे विकेट मिलने की संभावना बढ़ सकती है.
नई गेंद के गेंदबाजों का रहता है फायदा
IPL में मेडन ओवर डालने वाले कई गेंदबाज नई गेंद से स्विंग और सीम मूवमेंट का फायदा उठाते हैं. पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में फील्डिंग प्रतिबंध जरूर बल्लेबाजों को आक्रामक शॉट खेलने का मौका देता है, लेकिन गेंदबाज के लिए विकेट के पीछे और स्लिप क्षेत्र में कुछ मौके भी बन सकते हैं. भुवनेश्वर कुमार, प्रवीण कुमार और ट्रेंट बोल्ट जैसे गेंदबाजों ने अपनी स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ के दम पर इसी स्थिति का फायदा उठाया.
