Income Tax Refund में हो रही देरी? कहीं आपने तो नहीं की ये 6 बड़ी गलतियां, जानिए रिफंड अटकने की वजह....

अगर आपने समय रहते अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल कर दिया है, लेकिन अब तक आपके खाते में रिफंड नहीं आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कई बार टैक्स रिफंड में देरी की वजह विभाग नहीं, बल्कि टैक्सपेयर्स की छोटी-छोटी गलतियां होती हैं। ऐसे में इन कारणों को समय रहते समझ लेना जरूरी है।
1. बैंक खाते की जानकारी में गलती
अगर ITR में दर्ज बैंक अकाउंट नंबर या IFSC कोड गलत है, तो रिफंड ट्रांसफर फेल हो सकता है। इसलिए रिटर्न दाखिल करने के बाद अपनी बैंक डिटेल्स एक बार जरूर जांच लें।
2. ITR का ई-वेरिफिकेशन नहीं किया
सिर्फ ITR फाइल करना ही पर्याप्त नहीं होता। रिटर्न दाखिल करने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) करना भी अनिवार्य है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, आयकर विभाग आपके रिटर्न को प्रोसेस नहीं करता और रिफंड जारी नहीं किया जाता।
3. PAN और बैंक खाते की जानकारी मेल न खाना
यदि आपके PAN कार्ड और बैंक खाते में दर्ज नाम या अन्य विवरण अलग-अलग हैं, तो रिफंड ट्रांसफर में परेशानी आ सकती है। सभी दस्तावेजों में जानकारी एक जैसी होना जरूरी है।
4. PAN बैंक खाते से लिंक नहीं है
रिफंड प्राप्त करने के लिए कई मामलों में बैंक खाते का PAN से लिंक होना आवश्यक होता है। यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, तो रिफंड मिलने में देरी हो सकती है।
5. आय या TDS की जानकारी में अंतर
अगर आपके द्वारा दाखिल ITR और Form 16, Form 26AS, AIS या TDS की जानकारी में अंतर पाया जाता है, तो विभाग रिटर्न की अतिरिक्त जांच कर सकता है। इससे रिफंड आने में अधिक समय लग सकता है।
6. पिछले वर्षों का टैक्स बकाया
यदि आपके किसी पिछले असेसमेंट ईयर का टैक्स बकाया है, तो आयकर विभाग पहले उस बकाया राशि को आपके रिफंड से समायोजित कर सकता है। ऐसी स्थिति में रिफंड देर से या अपेक्षा से कम मिल सकता है।
रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें..?
यदि आपका रिफंड अभी तक नहीं आया है, तो सबसे पहले अपना ITR स्टेटस, ई-वेरिफिकेशन, बैंक डिटेल्स और PAN से जुड़ी जानकारी की जांच करें। यदि सभी विवरण सही हैं, तो कुछ समय प्रतीक्षा करें क्योंकि रिफंड प्रोसेस होने में कुछ दिन या सप्ताह लग सकते हैं।
निष्कर्ष….
इनकम टैक्स रिफंड में देरी हमेशा विभाग की वजह से नहीं होती। कई बार छोटी-छोटी तकनीकी या दस्तावेज संबंधी गलतियां भी इसका कारण बन जाती हैं। इसलिए ITR फाइल करने के बाद सभी जरूरी जानकारियों की दोबारा जांच करें, ताकि आपका रिफंड बिना किसी परेशानी के समय पर आपके खाते में पहुंच सके।
