बिना प्याज-लहसुन के भी बनाएं स्वादिष्ट Fish Curry!

उत्तर प्रदेश के मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद के हालिया बयान के बाद मछली को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने मछली को बिना लहसुन और प्याज के पकाने को लेकर अपनी राय जाहिर की, जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर आम बातचीत तक इस विषय पर चर्चा होने लगी।
क्या बिना प्याज-लहसुन की मछली शाकाहारी हो जाती है?
यह समझना जरूरी है कि मछली स्वयं मांसाहारी खाद्य पदार्थ है। किसी डिश में प्याज या लहसुन का इस्तेमाल न करने से वह शाकाहारी नहीं हो जाती।
इस रेसिपी का उद्देश्य केवल ऐसी फिश करी बनाने का तरीका बताना है जिसमें प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता। यह उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो अपनी पसंद या किसी विशेष खान-पान की परंपरा के कारण इन दोनों सामग्रियों से बचते हैं।
बिना प्याज-लहसुन की फिश करी के लिए सामग्री
- 250 ग्राम मछली के टुकड़े
- 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस
- 1 चम्मच नमक
- 1 चम्मच हल्दी
- 4 बड़े चम्मच तेल
ग्रेवी के लिए
- 4-6 हरी मिर्च
- करीब 4 इंच अदरक
- 1/2 चम्मच जीरा
- 1/2 चम्मच शाही जीरा
- 2 इंच दालचीनी
- 2 लौंग
- 1 तेजपत्ता
- 2 हरी इलायची
- 1 बड़ी इलायची
- करीब 1 इंच जावित्री
- 1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 1 चम्मच धनिया पाउडर
- नमक स्वादानुसार
- करीब 1 कप पानी
- हरा धनिया सजाने के लिए
Step 1: सबसे पहले मछली को करें साफ
मछली के टुकड़ों को बहते पानी के नीचे अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद उन पर नींबू का रस लगाकर करीब 5-7 मिनट के लिए छोड़ दें।
फिर मछली को दोबारा साफ पानी से धोकर अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निकाल दें। अब इसमें नमक और हल्दी डालकर हल्के हाथों से मिलाएं और कुछ मिनट के लिए अलग रख दें।
टिप: मछली को साफ करने और तैयार करने के लिए हमेशा ताजी सामग्री का इस्तेमाल करें और कच्ची मछली के संपर्क में आए बर्तन व सतहों को अच्छी तरह साफ करें।
Step 2: अदरक और हरी मिर्च तैयार करें
अदरक को छीलकर उसका बारीक पेस्ट बना लें। हरी मिर्च को बीच से चीरा लगा दें। अगर आप कम तीखा खाना पसंद करते हैं तो मिर्च के बीज निकाल सकते हैं।
इस रेसिपी में प्याज और लहसुन की जगह अदरक और हरी मिर्च स्वाद को उभारने में मदद करेंगे।
Step 3: मछली को हल्का फ्राई करें
अब एक फ्राइंग पैन में तेल गर्म करें। तेल गर्म होने के बाद इसमें मछली के टुकड़े सावधानी से डालें।
मछली को दोनों तरफ से हल्का सुनहरा होने तक फ्राई करें। आमतौर पर हर तरफ करीब 2-3 मिनट पर्याप्त हो सकते हैं, लेकिन समय मछली के टुकड़ों की मोटाई और आंच पर निर्भर करेगा।
मछली को बहुत ज्यादा न तलें, वरना वह सूखी और सख्त हो सकती है। हल्का सुनहरा होने के बाद मछली के टुकड़ों को प्लेट में निकालकर अलग रख दें।
Step 4: तैयार करें बिना प्याज-लहसुन की मसालेदार ग्रेवी
अब उसी पैन में बचा हुआ तेल गर्म करें। सबसे पहले जीरा और शाही जीरा डालें।
इसके बाद दालचीनी, लौंग, तेजपत्ता, हरी इलायची, बड़ी इलायची और जावित्री डालें। साबुत मसालों को कुछ सेकंड तक भूनें, जब तक उनकी खुशबू आने न लगे।
अब इसमें अदरक का पेस्ट और चीरी हुई हरी मिर्च डालें। इसे मध्यम से धीमी आंच पर भूनें।
ध्यान रखें कि अदरक और मसाले जलने न पाएं, क्योंकि इससे पूरी ग्रेवी का स्वाद कड़वा हो सकता है।
Step 5: पिसे मसाले डालें
अब आंच धीमी करें और इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक डालें।
मसालों को अच्छी तरह मिलाएं। जरूरत लगे तो एक-दो चम्मच पानी डालकर मसालों को भून सकते हैं। इससे मसाले पैन में चिपकेंगे नहीं।
जब मसालों से अच्छी खुशबू आने लगे तो इसमें करीब 1 कप पानी डालें और ग्रेवी को उबलने दें।
Step 6: ग्रेवी में डालें फ्राई की हुई मछली
ग्रेवी में उबाल आने के बाद पहले से हल्की फ्राई की हुई मछली के टुकड़े इसमें डाल दें।
अब आंच धीमी कर दें और मछली को करीब 3-4 मिनट तक पकने दें। इस दौरान ग्रेवी को बहुत ज्यादा चलाने से बचें, क्योंकि मछली के टुकड़े टूट सकते हैं।
मछली के अच्छी तरह पकने तक इसे धीमी आंच पर पकाएं। जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा कम या ज्यादा करके ग्रेवी की consistency अपने पसंद के अनुसार रख सकते हैं।
Step 7: आखिर में ऐसे करें सर्व
जब मछली अच्छी तरह पक जाए और ग्रेवी में मसालों का स्वाद आ जाए तो गैस बंद कर दें।
फिश करी को सर्विंग बाउल में निकालें और ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें।
इसे गर्मागर्म सादे चावल, जीरा राइस या रोटी के साथ परोसा जा सकता है।
बिना प्याज-लहसुन की मछली का स्वाद बढ़ाने के टिप्स
सरसों के तेल का इस्तेमाल करें
अगर आपको सरसों के तेल का स्वाद पसंद है तो फिश करी बनाने में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे करी में खास खुशबू आती है।
मछली को ज्यादा न तलें
मछली को केवल हल्का सुनहरा होने तक फ्राई करें। ज्यादा तलने से मछली सूखी हो सकती है।
अदरक ताजा रखें
ताजा अदरक का इस्तेमाल करने से ग्रेवी में बेहतर स्वाद और खुशबू आती है।
मसालों को जलने न दें
साबुत और पिसे मसालों को हमेशा मध्यम या धीमी आंच पर पकाएं। जले हुए मसाले करी का स्वाद खराब कर सकते हैं।
ग्रेवी को ज्यादा न चलाएं
मछली डालने के बाद चम्मच से बार-बार चलाने के बजाय पैन को हल्का हिलाएं। इससे मछली के टुकड़े टूटने से बचेंगे।
हेल्थ के लिहाज से रखें इन बातों का ध्यान
मछली कई लोगों की डाइट में प्रोटीन का स्रोत हो सकती है, लेकिन इसके पोषण मूल्य मछली की किस्म और पकाने के तरीके पर निर्भर करते हैं। इस रेसिपी में तेल और नमक की मात्रा अपनी जरूरत और स्वाद के अनुसार नियंत्रित की जा सकती है। अगर आप कम तेल वाली डाइट लेना चाहते हैं तो मछली को डीप फ्राई करने की बजाय हल्का पैन-फ्राई या बेक करके ग्रेवी में डाल सकते हैं। मछली खाते समय यह भी सुनिश्चित करें कि वह पूरी तरह पक चुकी हो। कच्ची या अधपकी मछली खाने से खाद्य संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य रेसिपी और खाद्य जानकारी के लिए है। मछली की किस्म, पकाने का समय और सामग्री की मात्रा के अनुसार स्वाद व पोषण में बदलाव हो सकता है। किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी या विशेष स्वास्थ्य संबंधी जरूरत होने पर अपने विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार भोजन चुनें।
