काजू-बादाम पड़ जाते हैं नरम?

काजू, बादाम, अखरोट, पिस्ता और किशमिश जैसे सूखे मेवे लगभग हर घर की रसोई में आसानी से मिल जाते हैं. इन्हें नाश्ते, मिठाई, खीर या दूसरी डिश में इस्तेमाल किया जाता है. सूखे मेवों को स्टोर करना आसान जरूर लगता है, लेकिन पैकेट खुलने के बाद इन्हें सही तरीके से रखना बेहद जरूरी है. अक्सर ऐसा होता है कि शुरुआत में काजू और बादाम काफी क्रिस्पी होते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद उनकी बनावट बदलने लगती है. बादाम की कुरकुराहट कम हो जाती है, काजू नरम महसूस होने लगते हैं और किशमिश में चिपचिपापन आ सकता है. इसकी एक बड़ी वजह आसपास की हवा में मौजूद नमी है. खासकर बारिश या उमस वाले मौसम में खुले पैकेट में रखे सूखे मेवे जल्दी नमी सोख सकते हैं. ऐसे में कुछ आसान स्टोरेज टिप्स आपके काफी काम आ सकते हैं.
सूखे मेवे नरम क्यों पड़ जाते हैं?
ड्राई फ्रूट्स का नाम भले ही ‘सूखे मेवे’ हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इन्हें किसी भी वातावरण में लंबे समय तक रखा जा सकता है. पैकेट खुलने के बाद काजू, बादाम और दूसरे नट्स आसपास की हवा के संपर्क में आते हैं. अगर वातावरण में नमी ज्यादा है तो वे धीरे-धीरे नमी सोख सकते हैं. इससे उनकी क्रंची बनावट कम होने लगती है. इसके अलावा गर्मी, भाप, धूप और बार-बार कंटेनर खोलने से भी स्टोरेज क्वालिटी प्रभावित हो सकती है. इसलिए सूखे मेवों को सिंक, गैस चूल्हे, केतली या ऐसी जगह के पास रखने से बचना चाहिए जहां लगातार नमी या भाप रहती हो.
एयरटाइट कंटेनर है सबसे आसान उपाय
सूखे मेवों को क्रंची बनाए रखने के लिए सबसे आसान तरीका है उन्हें पूरी तरह सूखे और एयरटाइट कंटेनर में रखना. पैकेट खोलने के बाद काजू, बादाम और दूसरे नट्स को खुले पैकेट में लंबे समय तक न छोड़ें. इन्हें साफ, सूखे और अच्छी तरह बंद होने वाले कंटेनर में ट्रांसफर कर दें.
कांच का एयरटाइट जार भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसका फायदा यह है कि अगर कंटेनर के अंदर नमी या पानी की बूंदें जमा होती हैं तो उन्हें आसानी से देखा जा सकता है. अगर कंटेनर के अंदर कंडेनसेशन नजर आए तो उसे नजरअंदाज न करें. सूखे मेवों को निकालकर कंटेनर को अच्छी तरह सुखाएं और फिर उन्हें वापस रखें.
कंटेनर खोलते समय भी रखें ध्यान
सिर्फ एयरटाइट कंटेनर इस्तेमाल करना ही काफी नहीं है. उसे इस्तेमाल करने का तरीका भी मायने रखता है. सूखे मेवे निकालते समय हमेशा सूखे हाथ या सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें. गीले चम्मच से कंटेनर में नमी पहुंच सकती है. इसके अलावा जरूरत से ज्यादा देर तक कंटेनर को खुला न छोड़ें. जितनी देर कंटेनर खुला रहेगा, उतनी ही देर सूखे मेवे हवा और नमी के संपर्क में रहेंगे.
चूल्हे और भाप से रखें दूर
कई लोग सुविधा के लिए ड्राई फ्रूट्स का जार गैस स्टोव के पास रख देते हैं. यह आदत लंबे समय के स्टोरेज के लिए अच्छी नहीं मानी जाती. खाना बनाते समय निकलने वाली भाप और गर्मी आसपास के वातावरण में नमी बढ़ा सकती है. इससे कंटेनर के अंदर रखे सूखे मेवों की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है. इसलिए ड्राई फ्रूट्स का कंटेनर गैस, ओवन, माइक्रोवेव, सिंक या डिशवॉशिंग एरिया से थोड़ा दूर रखें.
सीधी धूप से भी बचाएं
काजू, बादाम और दूसरे नट्स को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां सीधी धूप न आती हो. लगातार गर्मी और धूप के संपर्क में रहने से नट्स की गुणवत्ता और स्वाद प्रभावित हो सकता है. खासकर ऐसे सूखे मेवे जिनमें प्राकृतिक तेल की मात्रा अधिक होती है, उन्हें बहुत गर्म जगह पर लंबे समय तक रखने से बचना चाहिए. इसके लिए घर की कोई ठंडी, सूखी और अंधेरी अलमारी बेहतर विकल्प हो सकती है.
ज्यादा गर्मी और उमस हो तो फ्रिज का विकल्प
अगर आपके घर में गर्मी और नमी ज्यादा रहती है, तो कुछ सूखे मेवों को फ्रिज में रखना उपयोगी हो सकता है. लेकिन उन्हें फ्रिज में खुले कंटेनर या खुले पैकेट में नहीं रखना चाहिए. अच्छी तरह सील किए हुए एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल करें. इससे सूखे मेवों को फ्रिज की नमी और दूसरी खाद्य चीजों की गंध से बचाने में मदद मिल सकती है. फ्रिज से निकालने के बाद कंटेनर को तुरंत खोलने के बजाय जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करना बेहतर है, ताकि तापमान के अंतर से बनने वाली नमी सीधे सूखे मेवों तक न पहुंचे.
बड़ी मात्रा में खरीदते हैं तो अपनाएं यह तरीका
अगर आप एक साथ बड़ी मात्रा में बादाम, काजू या दूसरे ड्राई फ्रूट्स खरीदते हैं, तो पूरी मात्रा को रोजाना इस्तेमाल होने वाले एक ही कंटेनर में रखना सही तरीका नहीं है. इन्हें छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दें. रोजाना इस्तेमाल के लिए थोड़ी मात्रा अलग रखें और बाकी स्टॉक को अच्छी तरह सील करके स्टोर करें. इससे मुख्य स्टॉक वाला कंटेनर बार-बार खोलने से बच जाएगा और बाकी सूखे मेवे हवा के संपर्क में कम आएंगे.
पुराने और नए ड्राई फ्रूट्स को न मिलाएं
एक और आम गलती है पुराने बचे हुए सूखे मेवों के ऊपर नया स्टॉक डाल देना. ऐसा करने के बजाय पहले पुराने ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल करें. कंटेनर खाली होने के बाद उसे धोकर पूरी तरह सुखाएं और फिर उसमें नया स्टॉक भरें. इससे आपको यह पता रखने में भी आसानी होगी कि कौन-सा बैच पहले खरीदा गया था.
अगर ड्राई फ्रूट्स नरम हो गए हैं तो क्या करें?
अगर काजू या बादाम पहले से थोड़े नरम हो गए हैं तो उन्हें दोबारा क्रिस्पी बनाने के लिए हल्का रोस्ट किया जा सकता है. इसके लिए उन्हें बिना ज्यादा तेल के पैन में धीमी आंच पर हल्का भूनें और पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद ही उन्हें एयरटाइट कंटेनर में रखें. ध्यान रखें कि नट्स को जरूरत से ज्यादा गर्म न करें, क्योंकि इससे उनका स्वाद और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. अगर सूखे मेवों में बदबू, फफूंदी, असामान्य रंग या खराब स्वाद दिखाई दे तो उन्हें दोबारा इस्तेमाल करने के बजाय फेंक देना बेहतर है.
Disclaimer: यह लेख सामान्य घरेलू स्टोरेज और किचन टिप्स पर आधारित है. किसी खाद्य पदार्थ में खराब गंध, फफूंदी या असामान्य बदलाव दिखाई देने पर उसका सेवन न करें.
