तिहरे शतक से सिर्फ 50 रन दूर थे ईशान किशन, फिर अचानक क्यों लौटे पवेलियन?

दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने बल्ले से ऐसी पारी खेली, जिसने मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। ईशान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 250 रन का आंकड़ा पार किया, लेकिन जब उनके पास तिहरा शतक पूरा करने का सुनहरा मौका था, तभी उन्हें अचानक मैदान छोड़ना पड़ा।
ईशान की पारी जिस अंदाज में आगे बढ़ रही थी, उसे देखकर लग रहा था कि वह आसानी से 300 रन के आंकड़े तक पहुंच सकते हैं। लेकिन थकावट के कारण उन्हें फिजियो की मदद लेनी पड़ी और आखिरकार वह रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौट गए।
250 रन के बाद अचानक क्यों लौटे ईशान?
ईशान किशन लंबे समय से क्रीज पर डटे हुए थे और लगातार बल्लेबाजी कर रहे थे। जैसे-जैसे उनकी पारी आगे बढ़ी, थकान भी बढ़ती गई।रिपोर्ट्स के मुताबिक, थकावट महसूस होने के बाद ईशान ने मैदान पर फिजियो को बुलाया। फिजियो से बातचीत के बाद उन्होंने पवेलियन लौटने का फैसला किया। ईशान जब मैदान से बाहर जा रहे थे, तब ड्रेसिंग रूम में मौजूद खिलाड़ियों ने तालियां बजाकर उनकी शानदार पारी की सराहना की। हालांकि, उनका पवेलियन लौटना पारी का अंत जरूरी नहीं है। अगर उनकी स्थिति बेहतर होती है तो वह दोबारा बल्लेबाजी के लिए मैदान पर लौट सकते हैं।
तिहरे शतक से सिर्फ 50 रन दूर थे ईशान
ईशान किशन ने जिस तरह से बल्लेबाजी की, उससे उनके तिहरे शतक की उम्मीदें बढ़ गई थीं। वह 250 रन पर रिटायर्ड हर्ट हुए, यानी उनके खाते में 300 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 50 रन और चाहिए थे।
इतने बड़े स्कोर के करीब पहुंचकर अचानक मैदान से बाहर जाना निश्चित रूप से उनके लिए भी निराशाजनक रहा होगा। हालांकि, इतने लंबे समय तक बल्लेबाजी करने के बाद शरीर में थकावट होना स्वाभाविक भी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर ईशान दोबारा बल्लेबाजी के लिए लौटते हैं तो क्या वह 300 रन का आंकड़ा छू पाएंगे?
फाइनल में ईस्ट जोन के लिए बनाया इतिहास
ईशान किशन ने अपनी इस पारी के दौरान दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह टूर्नामेंट के 65 साल के इतिहास में फाइनल में ईस्ट जोन की ओर से दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले ईस्ट जोन की ओर से फाइनल में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड ऋद्धिमान साहा के नाम था। साहा ने 2012 के फाइनल में 170 रन बनाए थे। ईशान ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अपनी पारी को 250 रन तक पहुंचाया और ईस्ट जोन के लिए नया इतिहास रच दिया।
फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआत से ही साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। रविवार को पहले दिन का खेल खत्म होने तक ईस्ट जोन ने 4 विकेट पर 385 रन बना लिए थे। इसके बाद ईशान किशन की बड़ी पारी ने टीम के स्कोर को और विशाल बना दिया। ईस्ट जोन ने 600 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया है और अब टीम की कोशिश ज्यादा से ज्यादा बड़ा स्कोर खड़ा करने की होगी।
साउथ जोन के सामने बड़ी चुनौती
ईस्ट जोन के इतने बड़े स्कोर के बाद साउथ जोन के बल्लेबाजों के सामने मुश्किल चुनौती खड़ी हो गई है। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में 600 से ज्यादा रन का स्कोर विपक्षी टीम पर मानसिक दबाव भी डाल सकता है। अब मुकाबले का रुख काफी हद तक साउथ जोन की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा। अगर वह इस विशाल स्कोर का मजबूती से जवाब देती है तो मुकाबला रोमांचक हो सकता है, लेकिन शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं तो ईस्ट जोन मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकता है।
