नासिक में मटन और दही खाने के बाद बुजुर्ग दंपति की तबीयत बिगड़ी। महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पति ICU में भर्ती हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।

महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बागलान तालुका के आखतवाडे गांव में घर पर बने मटन और दही का सेवन करने के बाद एक बुजुर्ग दंपति की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इलाज के दौरान 68 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उनके 78 वर्षीय पति की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
खाना खाने के कुछ देर बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, आखतवाडे गांव निवासी 78 वर्षीय शांताराम और उनकी 68 वर्षीय पत्नी द्वारकाबाई ने रविवार रात घर पर मटन बनाया था। भोजन के दौरान दोनों ने मटन के साथ दही भी खाया।
खाना खाने के कुछ ही समय बाद दोनों को तेज पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की शिकायत होने लगी। परिवार के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। हालांकि, इलाज के दौरान द्वारकाबाई की मौत हो गई।
पति की हालत गंभीर, ICU में चल रहा इलाज
महिला की मौत के बाद उनके पति शांताराम की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। उन्हें मालेगांव के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की स्थिति गंभीर है और उनका इलाज जारी है।
फूड पॉइजनिंग की आशंका, जांच शुरू
घटना के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घर से बचा हुआ मटन, दही और भोजन बनाने में इस्तेमाल किए गए बर्तनों के नमूने जब्त कर लिए गए।
इन सभी नमूनों को रासायनिक जांच के लिए पुणे स्थित फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
स्थानीय पुलिस ने फिलहाल दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि घटना का कारण मटन, दही, भोजन में किसी प्रकार की खराबी या कोई अन्य वजह थी। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में चिंता का माहौल है। लोग भोजन की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी गांव पहुंचकर लोगों को सुरक्षित भोजन, साफ-सफाई और फूड पॉइजनिंग से बचाव के प्रति जागरूक किया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, केवल मटन और दही का एक साथ सेवन करना वैज्ञानिक रूप से अपने आप में फूड पॉइजनिंग का प्रमाण नहीं माना जाता। फूड पॉइजनिंग कई कारणों से हो सकती है, जैसे भोजन का खराब होना, बैक्टीरिया या अन्य दूषित तत्वों की मौजूदगी। इसलिए घटना के वास्तविक कारण का पता केवल मेडिकल और फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा।
