भोपाल के मुहर्रम जुलूस में आतंकवाद विरोधी पोस्टर चर्चा का केंद्र बने। पहलगाम, मणिपुर और ईरान-इजरायल संघर्ष का जिक्र करने वाले बैनरों के साथ कुछ युवाओं की टी-शर्ट पर खामेनेई की तस्वीर भी नजर आई।

भोपाल में शुक्रवार को मुहर्रम पर मातमी जुलूस निकाले गए। करबला की शहादत की याद में निकाले जा रहे इन जुलूसों में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हो रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों से ताजिए, बुर्राक, सवारियां और इस्लामी परचम के साथ जुलूस रवाना हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पुराने शहर में विशेष इंतजाम किए हैं।
मुहर्रम के अवसर पर निकाले गए जुलूसों के दौरान कई स्थानों पर ऐसे पोस्टर और बैनर देखने को मिले, जिनमें आतंकवाद के खिलाफ संदेश दिए गए। पोस्टरों में हाल के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए पहलगाम आतंकी हमला, मणिपुर हिंसा और ईरान-इजरायल संघर्ष जैसे मुद्दों को भी शामिल किया गया। इन पोस्टरों पर “आतंकवाद शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है” जैसे संदेश लिखे गए थे।
इधर, जुलूस में शामिल युवाओं की टी-शर्ट पर खामेनेई की तस्वीर नजर आई। वहीं, जुलूस में कर्बला के संदेश के साथ फिलिस्तीन, मणिपुर, पहलगाम और ईरान जंग की घटनाओं का जिक्र करता पोस्टर लेकर लोग शामिल हुए।
आतंकवाद के खिलाफ दिया गया संदेश
मुहर्रम जुलूस के दौरान लगाए गए बैनरों और पोस्टरों में आतंकवाद की निंदा करते हुए समाज में शांति, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया गया। आयोजकों का कहना था कि किसी भी धर्म में हिंसा और आतंकवाद की कोई जगह नहीं है और मुहर्रम का संदेश न्याय, बलिदान और मानवता का है।
टी-शर्ट पर खामेनेई की तस्वीर बनी चर्चा का विषय
जुलूस के दौरान कुछ युवाओं की टी-शर्ट पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर दिखाई दी। इसको लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा भी हुई। हालांकि, इस संबंध में आयोजकों या प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
