लखनऊ के अलीगंज कोचिंग अग्निकांड से बचकर निकले छात्र भुवन श्रीवास्तव का दर्द छलक पड़ा। खिड़की के रास्ते जान बचाने वाले भुवन ने हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।

लखनऊ। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कई छात्रों की जान चली गई, जबकि कुछ छात्र किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। इन्हीं में से एक छात्र भुवन श्रीवास्तव हैं, जो खिड़की के रास्ते बाहर निकलकर मौत के मुंह से लौटे।
हादसे को याद करते हुए भुवन श्रीवास्तव भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी किस्मत अच्छी थी कि वे बाहर निकल पाए, लेकिन उनके कई साथी आग की लपटों और धुएं के बीच फंस गए और अपनी जान नहीं बचा सके।
खिड़की के रास्ते बची जान
भुवन उन सात लोगों में शामिल थे, जिन्होंने कोचिंग सेंटर की खिड़की के जरिए बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। उन्होंने बताया कि आग लगने के बाद पूरे भवन में अफरा-तफरी मच गई थी। चारों ओर धुआं भर गया था और बाहर निकलने का रास्ता ढूंढना बेहद मुश्किल हो गया था।
उन्होंने कहा कि उस समय किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। जान बचाने के लिए खिड़की ही एकमात्र रास्ता नजर आया।
भुवन ने रोते हुए बताया कि उनके कई दोस्त और साथी आग की चपेट में आ गए। उन्होंने कहा कि हादसे की यादें अभी भी उन्हें झकझोर रही हैं। जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों पर क्या बीत रही होगी, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि हादसे में मारे गए छात्रों के सपने भी उनके साथ खत्म हो गए और उनके परिवारों ने अपने भविष्य की उम्मीद खो दी।
मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
भुवन श्रीवास्तव ने सरकार से मांग की कि अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को कम से कम एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
उनका कहना है कि कोई भी रकम किसी की जान की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन यह सहायता उन परिवारों को कठिन समय में कुछ सहारा जरूर दे सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि भवन में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था और आपातकालीन निकास मौजूद होते तो शायद इतनी बड़ी त्रासदी टाली जा सकती थी।
प्रशासन और संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं। वहीं दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।
शोक का माहौल
अलीगंज कोचिंग अग्निकांड के बाद मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
भुवन श्रीवास्तव की भावुक अपील ने एक बार फिर इस हादसे की भयावहता को सामने ला दिया है और पीड़ित परिवारों की मदद को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
