'शिक्षा के मंदिर के पास शराब की दुकान नहीं चलेगी', छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भोपाल में ABVP का प्रदर्शन

भोपाल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मंगलवार को राजधानी भोपाल में छात्राओं की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पॉलिटेक्निक चौराहे पर एकत्र हुए और महारानी लक्ष्मीबाई (एमएलबी) गर्ल्स कॉलेज के समीप संचालित शराब दुकान को तत्काल हटाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनके हाथों में बैनर और पोस्टर थे, जिन पर छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षण संस्थानों के आसपास शराब दुकानों के विरोध में संदेश लिखे गए थे।
शराब दुकान हटाने की मांग
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि गर्ल्स कॉलेज के पास शराब दुकान का संचालन छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा के माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। संगठन का आरोप है कि कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि शिक्षण संस्थानों के आसपास शराब दुकानों के संचालन पर सख्ती से रोक लगाई जाए और एमएलबी गर्ल्स कॉलेज के पास स्थित दुकान को तत्काल हटाया जाए।
पोस्टरों के जरिए जताया विरोध
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कई संदेशों वाले पोस्टर और बैनर प्रदर्शित किए। इनमें “शिक्षा के मंदिर के पास शराब की दुकान नहीं चलेगी” और “जहां ज्ञान की ज्योति जलती है, वहां शराब की दुकान नहीं चलती” जैसे नारे प्रमुख रहे।
छात्रों का कहना था कि शिक्षा संस्थानों के आसपास का वातावरण पूरी तरह सुरक्षित और सकारात्मक होना चाहिए, ताकि छात्राएं बिना किसी भय के पढ़ाई कर सकें।
बैरिकेडिंग पर चढ़े छात्र
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर विरोध जताते नजर आए। इससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित रखा।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मौके पर 200 से अधिक पुलिसकर्मी, वरिष्ठ अधिकारी और वॉटर कैनन तैनात किए गए थे। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों पर नजर बनाए हुए थी ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
अधिकारियों ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की और छात्रों की मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इस प्रदर्शन के बाद राजधानी में शिक्षण संस्थानों के आसपास शराब दुकानों की मौजूदगी को लेकर बहस तेज हो गई है। छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार को छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे पर चर्चा और तेज होने की संभावना है।
