क्या आपकी रातों की नींद बढ़ती गर्मी ने छीन ली है? जानिए क्यों भारतीय शहरों में रात का तापमान लगातार बढ़ रहा है और कैसे AC, कंक्रीट की इमारतें व हरियाली की कमी मिलकर 'नाइट हीट स्ट्रेस' को गंभीर बना रहे हैं।

कभी गर्मियों की रातें दिनभर की तपिश के बाद राहत लेकर आती थीं, लेकिन अब भारत के बड़े शहरों में हालात बदल चुके हैं। देर रात तक तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना रहता है, जिससे लोगों की नींद, स्वास्थ्य और जीवनशैली प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे केवल ग्लोबल वार्मिंग ही नहीं, बल्कि शहरीकरण, कंक्रीट की इमारतें, हरियाली की कमी और एयर कंडीशनर का बढ़ता इस्तेमाल भी जिम्मेदार है।
क्या है Night Heat Stress?
जब रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक बना रहता है और शरीर को ठंडा होने का पर्याप्त समय नहीं मिलता, तो इसे Night Heat Stress कहा जाता है। इस स्थिति में शरीर लगातार गर्मी झेलता रहता है, जिससे नींद की गुणवत्ता खराब होती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
कंक्रीट की इमारतें क्यों बढ़ा रही हैं गर्मी?
आज अधिकांश शहरों में मकान और इमारतें कंक्रीट, सीमेंट, ईंट, स्टील और कांच से बनती हैं। ये निर्माण सामग्री दिनभर सूर्य की गर्मी को अवशोषित करती हैं और रात में धीरे-धीरे उसे छोड़ती रहती हैं।
यही कारण है कि सूरज ढलने के बाद भी घरों और आसपास का वातावरण देर तक गर्म बना रहता है।
वेंटिलेशन की कमी भी बड़ी वजह
तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण इमारतें एक-दूसरे के बेहद करीब बन रही हैं। कई घरों में पर्याप्त क्रॉस वेंटिलेशन नहीं होता, जिससे गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती और घर के अंदर ही फंसी रहती है।
हरियाली कम होने का असर
पहले घरों में आंगन, बड़े पेड़, मोटी दीवारें और मिट्टी जैसे प्राकृतिक उपाय तापमान नियंत्रित रखने में मदद करते थे। लेकिन आधुनिक शहरों में हरियाली तेजी से कम हो रही है।
पेड़ों की कमी और कंक्रीट की खुली सतहें दिनभर गर्मी सोखती हैं और रात में उसे वापस वातावरण में छोड़ती रहती हैं।
क्या AC भी बढ़ा रहा है Night Heat Stress?
एयर कंडीशनर कमरे को ठंडा जरूर करते हैं, लेकिन अंदर की गर्म हवा को बाहर फेंकते हैं। जब किसी इलाके में हजारों AC एक साथ चलते हैं, तो बाहर का तापमान और बढ़ जाता है।
यानी AC घर के अंदर राहत देता है, लेकिन पूरे शहर के तापमान को बढ़ाने में भी योगदान दे सकता है।
अर्बन हीट आइलैंड और बाउंड्री लेयर का असर
विशेषज्ञ बताते हैं कि शहरों में Urban Heat Island Effect और Urban Boundary Layer भी रात की गर्मी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
रात के समय हवा की निचली परत अपेक्षाकृत स्थिर हो जाती है, जिससे गर्म हवा ऊपर नहीं उठ पाती। परिणामस्वरूप सड़कों, वाहनों, इमारतों और AC से निकलने वाली गर्मी जमीन के पास ही जमा रहती है।
Night Heat Stress से कैसे बचें?
- रात में कमरे का उचित वेंटिलेशन बनाए रखें।
- दिन में खिड़कियों और पर्दों से सीधी धूप रोकें।
- घर के आसपास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएं।
- पर्याप्त पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें।
- यदि संभव हो तो ऊर्जा-कुशल कूलिंग उपाय अपनाएं।
- अत्यधिक गर्म रातों में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें।
आपको बता दें कि रात के तापमान के मामले में ग्रामीण इलाकों की तुलना में अहमदाबाद लगभग 3.1 डिग्री सेल्सियस, दिल्ली 2.5 डिग्री सेल्सियस, सूरत 2.4 डिग्री सेल्सियस, हैदराबाद 2.3 डिग्री सेल्सियस, चेन्नई 1.9 डिग्री सेल्सियस, मुंबई 1.5 डिग्री सेल्सियस और कोलकाता लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा गर्म रहे.
