गंगा में फंसा विदेशी पर्यटकों का क्रूज! 🚢🌊 बढ़े जलस्तर के बीच NDRF ने संभाला मोर्चा।

बिहार में लगातार बढ़ते गंगा के जलस्तर का असर अब नदी के रास्ते होने वाली आवाजाही पर भी दिखाई देने लगा है। भागलपुर में 13 विदेशी पर्यटकों को लेकर वाराणसी जा रहा एक लग्जरी क्रूज पुल के नीचे फंस गया। पानी का स्तर बढ़ने के कारण पुल और क्रूज के बीच पर्याप्त ऊंचाई नहीं बची थी, जिसके चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्रूज को आगे जाने से रोक दिया गया। बाद में स्थिति का आकलन करने और सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के बाद NDRF की मदद से क्रूज को आगे बढ़ाया गया। इस घटना ने गंगा में बढ़ते जलस्तर के बीच बड़े जहाजों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा की चुनौती को भी सामने ला दिया है।
13 विदेशी पर्यटक थे क्रूज पर सवार…..
जानकारी के मुताबिक, लग्जरी टूरिस्ट क्रूज ‘एवीएन राजमहल’ कोलकाता से वाराणसी की यात्रा पर निकला था। क्रूज में 13 विदेशी पर्यटक सवार थे। भागलपुर पहुंचने के बाद बढ़ते जलस्तर के कारण इसकी यात्रा को रोकना पड़ा। क्रूज को बड़ी खंजरपुर के पास भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के कार्यालय के नजदीक गंगा में लंगर डालकर रखा गया था। अधिकारियों की ओर से नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी।
पुल के नीचे कम हो गया था वर्टिकल क्लियरेंस…..
क्रूज के रुकने की सबसे बड़ी वजह वर्टिकल क्लियरेंस यानी नदी के पानी की सतह और पुल के निचले हिस्से के बीच उपलब्ध ऊंचाई का कम होना था। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी पुल के गर्डर के काफी करीब पहुंच गया। ऐसे में क्रूज को पुल के नीचे से निकालना जोखिम भरा हो सकता था। जलमार्ग अधिकारियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्रूज को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। बड़े जहाजों के लिए पुल के नीचे पर्याप्त जगह होना जरूरी होता है, क्योंकि कम ऊंचाई में जहाज के ऊपरी हिस्से के पुल से टकराने का खतरा पैदा हो सकता है।
कई दिनों तक गंगा में खड़ा रहा क्रूज…..
बताया गया कि क्रूज सोमवार से भागलपुर में ही रुका हुआ था। उसे IWAI कार्यालय के पास गंगा नदी में सुरक्षित स्थान पर लंगर डालकर रखा गया था। इस दौरान स्थानीय प्रशासन, जलमार्ग से जुड़े अधिकारी और SDRF की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। नदी का जलस्तर, पुल के नीचे की ऊंचाई और क्रूज की सुरक्षित आवाजाही से जुड़े सभी पहलुओं का आकलन किया गया।
NDRF की मदद से आगे बढ़ा क्रूज…..
स्थिति में सुधार और सुरक्षा संबंधी जरूरी तैयारियों के बाद NDRF की टीम की मदद ली गई। इसके बाद क्रूज को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई। NDRF और स्थानीय टीम की निगरानी में क्रूज को आगे ले जाया गया। इसके बाद विदेशी पर्यटकों से भरा यह क्रूज अपनी वाराणसी की यात्रा पर आगे रवाना हो सका।
SDRF भी कर रही थी निगरानी…..
क्रूज की आवाजाही के दौरान स्थानीय SDRF कर्मी भी मौजूद रहे। टीम की ओर से ऑपरेटरों को नदी की मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार जरूरी मार्गदर्शन दिया गया। प्रशासन और जलमार्ग प्राधिकरण की टीम गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रख रही है, ताकि नदी में चलने वाले बड़े जहाजों को किसी तरह का खतरा न हो।
बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चुनौती
बिहार में गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। ऐसे में सिर्फ नदी किनारे बसे इलाकों के लिए ही नहीं, बल्कि जल परिवहन के लिए भी चुनौतियां बढ़ गई हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलों के नीचे जहाजों के लिए उपलब्ध जगह कम हो जाती है। खासकर ऊंचे और बड़े क्रूज के मामले में यह स्थिति ज्यादा संवेदनशील हो जाती है। इस घटना में भी अधिकारियों ने जल्दबाजी के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता दी और क्रूज को तब तक रोके रखा, जब तक उसे सुरक्षित तरीके से आगे ले जाने की स्थिति नहीं बनी।
पर्यटकों की सुरक्षा रही प्राथमिकता…..
क्रूज में विदेशी पर्यटकों के सवार होने के कारण प्रशासन के लिए सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण थी। किसी भी तरह का जोखिम लेने के बजाय पहले नदी की स्थिति और पुल के नीचे उपलब्ध जगह का आकलन किया गया। NDRF और SDRF की मौजूदगी में क्रूज को आगे बढ़ाने से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि पर्यटकों की यात्रा सुरक्षित तरीके से जारी रह सके।
निष्कर्ष…..
भागलपुर में गंगा का बढ़ता जलस्तर एक तरफ जहां बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ नदी परिवहन के सामने भी नई चुनौतियां खड़ी कर रहा है। विदेशी पर्यटकों से भरे क्रूज का पुल के नीचे फंसना इसी चुनौती की एक तस्वीर है। प्रशासन और राहत दलों की निगरानी में क्रूज को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ा दिया गया। अब गंगा के जलस्तर और नदी में बड़े जहाजों की आवाजाही पर अधिकारियों की नजर बनी हुई है।
