
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर।
दीपावली और धनतेरस का समय नजदीक है — ऐसे में देशभर में मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। इन्हें धन और समृद्धि के देवता माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तमिलनाडु में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर एक साथ विराजमान हैं?
यह मंदिर चेन्नई के पास रत्नमंगलम और वंडालूर क्षेत्र में स्थित श्रीलक्ष्मी कुबेर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां दीपावली के दिन विशेष पूजा और अनुष्ठान होते हैं। भक्तों का विश्वास है कि इस मंदिर में दर्शन करने और पूजा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।
🌸 दीपावली पर विशेष अनुष्ठान
हर साल दीपावली और धनतेरस के अवसर पर मंदिर को खूबसूरती से फूलों से सजाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की संयुक्त आराधना करने वाले भक्तों की झोली समृद्धि और सौभाग्य से भर जाती है। मंदिर में इन त्योहारों के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है।
🕉️ मंदिर की विशेषताएं
मंदिर में मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की काले पत्थर से बनी भव्य प्रतिमाएं हैं। भगवान कुबेर यहां अपनी पत्नी सिद्धरानी के साथ विराजमान हैं।
तीनों प्रतिमाओं के पास मछली और कछुए की आकृतियां भी रखी गई हैं — जिन्हें धन और समृद्धि के प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि घर में क्रिस्टल का कछुआ रखने या मछलियों को आटा खिलाने से भी धन की वृद्धि होती है।
💚 हरे रंग का महत्व
मंदिर की मान्यता के अनुसार भगवान कुबेर को प्रसन्न करने के लिए हरे रंग का विशेष महत्व है। भक्त उन्हें हरे रंग का वस्त्र, पत्तियां और फूल अर्पित करते हैं। वहीं, मां लक्ष्मी को कमल के फूल प्रिय हैं, इसलिए उनकी पूजा में कमल का फूल जरूर चढ़ाया जाता है।
🏗️ मंदिर का निर्माण और विशेषता
यह मंदिर लगभग 4,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है। इसका निर्माण राजलक्ष्मी कुबेर ट्रस्ट ने कराया था, जिसने मंदिर पर करीब 30 लाख रुपये खर्च किए थे। आज भी यही ट्रस्ट मंदिर की देखरेख कर रहा है। यह मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी बेहद खास माना जाता है।
