पाकिस्तान क्रिकेट में बड़ा भूचाल!

पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस समय इंग्लैंड दौरे पर मुश्किल दौर से गुजर रही है. दो टेस्ट मैचों में लगातार हार के बाद टीम सीरीज में 0-2 से पिछड़ चुकी है. लेकिन तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान क्रिकेट में ऐसा बदलाव हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़ा फेरबदल करते हुए सात खिलाड़ियों को इंग्लैंड से वापस पाकिस्तान भेजने का फैसला किया. इसके अलावा टेस्ट टीम के हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनकी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया.
PCB के इस फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर रमीज रजा ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस घटनाक्रम को क्रिकेट के लिए असामान्य बताते हुए यहां तक कहा कि पाकिस्तान ने इस मामले में एक तरह का ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ बना दिया है.
सीरीज के बीच इतना बड़ा बदलाव क्यों?
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच मौजूदा टेस्ट सीरीज में पाकिस्तानी टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है. हेडिंग्ली में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पारी और 103 रन से हराया था. इसके बाद दूसरे टेस्ट में भी पाकिस्तान को बड़ी हार का सामना करना पड़ा. इंग्लैंड ने दूसरा मुकाबला 194 रन से अपने नाम किया.
लगातार दो हार के बाद इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली. इसी के बाद PCB ने टीम में बड़े बदलाव करने का फैसला किया. तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से खेला जाना है और उससे पहले पाकिस्तान की टीम का चेहरा काफी हद तक बदल गया है.
7 खिलाड़ियों को भेजा गया वापस
दो टेस्ट मैचों के बाद PCB ने सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने का फैसला किया. इनमें कुछ ऐसे खिलाड़ी भी शामिल हैं जो पाकिस्तान क्रिकेट में अनुभवी नाम माने जाते हैं. इन खिलाड़ियों को इंग्लैंड से वापस पाकिस्तान भेजे जाने का फैसला ऐसे समय में हुआ है जब टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला अभी बाकी है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम से बाहर किए गए खिलाड़ियों में शामिल हैं:
- मोहम्मद रिजवान
- सलमान आगा
- इमाम उल हक
- अली उस्मान
- आमिर जमाल
- मोहम्मद अवैस जफर
- खुर्रम शहजाद
PCB ने सिर्फ खिलाड़ियों पर ही कार्रवाई नहीं की. टेस्ट टीम के हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनकी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया. इस फैसले ने पाकिस्तान क्रिकेट में हलचल और बढ़ा दी है. आम तौर पर किसी टेस्ट सीरीज के बीच में इतने बड़े स्तर पर खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ में बदलाव असामान्य माना जाता है. अब तीसरे टेस्ट के लिए टीम के कोचिंग सेटअप में बदलाव देखने को मिलेगा.
रमीज रजा ने PCB पर उठाए सवाल
PCB के इस फैसले पर पूर्व पाकिस्तान क्रिकेटर रमीज रजा ने निराशा जताई. BBC के एक पॉडकास्ट में बात करते हुए उन्होंने कहा कि क्रिकेट में आम तौर पर किसी सीरीज के बीच इस तरह का बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलता. रमीज रजा के मुताबिक PCB पर काफी दबाव हो सकता है, लेकिन इतने बड़े फैसले से पहले बोर्ड को और समय लेकर विचार करना चाहिए था. उन्होंने इस घटनाक्रम की तुलना फुटबॉल से भी की, जहां खराब प्रदर्शन के बाद किसी मैनेजर को सीजन के बीच में ही हटाया जा सकता है. उनके अनुसार क्रिकेट की संरचना इस तरह के अचानक बदलावों के लिए अलग है.
‘पाकिस्तान ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया’
रमीज रजा ने पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस मामले में पाकिस्तान ने एक तरह का ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ बना दिया है. उनका कहना था कि एक टेस्ट सीरीज के दौरान इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और कोचों को हटाना बेहद असामान्य है. उन्होंने इस स्थिति पर खुशी के बजाय निराशा जताई. रमीज रजा की इस प्रतिक्रिया के बाद PCB के फैसले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट में बहस और तेज हो गई है.
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से खेला जाना है. पाकिस्तान पहले ही सीरीज गंवा चुका है, इसलिए अब टीम की कोशिश आखिरी मुकाबले में जीत हासिल कर सम्मान बचाने की होगी.
लेकिन सात खिलाड़ियों और दो कोचों के बाहर होने के बाद टीम संयोजन में बड़ा बदलाव होना तय है. नए खिलाड़ियों को जिम्मेदारी मिल सकती है और टीम मैनेजमेंट को भी नए सिरे से रणनीति तैयार करनी होगी. ऐसे में तीसरा टेस्ट पाकिस्तान के लिए सिर्फ एक मुकाबला नहीं बल्कि टीम के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मैच भी हो सकता है.
पाकिस्तान क्रिकेट में बढ़ी अस्थिरता
पाकिस्तान क्रिकेट पिछले कुछ समय से लगातार बदलावों के दौर से गुजर रहा है. कप्तानी, कोचिंग और टीम चयन में बार-बार बदलाव के कारण टीम की स्थिरता पर सवाल उठते रहे हैं. एक ओर जहां टीम को मैदान पर लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बोर्ड के फैसलों को लेकर भी पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है. इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद PCB ने जो कदम उठाया है, वह इस अस्थिरता को और उजागर करता है.
