🏠 छोटे शहरों में घर खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! देश के करीब 64% होम लोन टियर-II और टियर-III शहरों से आ रहे हैं। 2025 में यहां होम लोन की मांग 81% बढ़ी। आखिर क्यों छोटे शहर बन रहे हैं होम लोन का नया हॉटस्पॉट? जानिए पूरी कहानी। 💰

भारत के छोटे शहरों और कस्बों में घर खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक देश में होम लोन के करीब 64 फीसदी वॉल्यूम टियर-II और टियर-III शहरों से आ रहे हैं. आखिर छोटे शहर होम लोन बाजार का नया हॉटस्पॉट क्यों बन रहे हैं ?
भारत में अपना घर खरीदना हर परिवार का सपना होता है. लेकिन महानगरों में प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों ने इस सपने को कई लोगों के लिए मुश्किल बना दिया है. ऐसे में अब लोगों का रुख छोटे शहरों और कस्बों की तरफ बढ़ रहा है. खास बात यह है कि छोटे शहरों में सिर्फ घरों की मांग ही नहीं बढ़ रही, बल्कि यहां होम लोन का कारोबार भी तेजी से विस्तार कर रहा है.….
छोटे शहरों से आ रहे 64% होम लोन…..
SGA PR की रिपोर्ट ‘Housing Finance in India – The Silent Giant of Retail Credit’ के मुताबिक देश में होम लोन के करीब 64 फीसदी वॉल्यूम टियर-II और टियर-III शहरों से आ रहे हैं. साल 2025 में इन शहरों में होम लोन की मांग एक साल पहले के मुकाबले करीब 81 फीसदी बढ़ी. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि छोटे शहर अब सिर्फ रहने के लिए ही नहीं, बल्कि हाउसिंग और होम फाइनेंस के लिए भी बड़े बाजार बनते जा रहे हैं…..
आखिर छोटे शहरों में क्यों बढ़ रही घरों की मांग…..?
इसके पीछे कई वजहें हैं. छोटे शहरों में लोगों की आय बढ़ रही है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं. इसके साथ ही सड़क, परिवहन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार हुआ है. तेजी से हो रहे शहरीकरण ने भी इस बदलाव को गति दी है. लोगों को अब अपने ही शहर या आसपास के इलाके में बेहतर सुविधाओं के साथ घर खरीदने का विकल्प मिल रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि महानगरों की तुलना में छोटे शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें आमतौर पर कम होती हैं. इसलिए पहली बार घर खरीदने वालों के लिए यहां अपना मकान लेना अपेक्षाकृत आसान विकल्प बन रहा है….
मेट्रो सिटी से क्यों बेहतर लग रहे छोटे शहर……?
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में पिछले कुछ वर्षों में घरों की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है. इससे आम परिवार की आय और प्रॉपर्टी की कीमत के बीच अंतर बढ़ा है. इसके मुकाबले छोटे शहरों में कम कीमत में घर या प्लॉट मिलने की संभावना रहती है. यही वजह है कि युवा परिवार और पहली बार घर खरीदने वाले ग्राहक छोटे शहरों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. यानी जहां महानगरों में महंगी प्रॉपर्टी लोगों का बजट बिगाड़ रही है, वहीं छोटे शहरों में अपेक्षाकृत किफायती घर उन्हें होम लोन लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं…..
अब घर बैठे हो रहा है होम लोन का काम……
होम लोन लेने का तरीका भी तेजी से बदल रहा है. अब ग्राहकों को हर छोटी जानकारी के लिए बैंक की शाखा के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती. रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 में करीब 60 फीसदी हाउसिंग फाइनेंस एप्लीकेशन डिजिटल तरीके से प्रोसेस किए जाते थे. साल 2024 तक यह आंकड़ा बढ़कर करीब 92 फीसदी हो गया. अब ग्राहक घर बैठे लोन देने वाली कंपनियों की जानकारी हासिल कर सकते हैं, अपनी पात्रता जांच सकते हैं, जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं और लोन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. इस डिजिटल बदलाव का सबसे बड़ा फायदा छोटे शहरों के ग्राहकों को मिल रहा है, क्योंकि उन्हें एक ही जगह से कई लेंडर्स तक पहुंच मिल रही है…..
छोटे शहरों में बैंकों के सामने चुनौती भी कम नहीं……
छोटे शहरों में होम लोन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन यहां बैंकों और वित्तीय संस्थानों के सामने कुछ अलग चुनौतियां भी हैं. कई ग्राहक स्वरोजगार से जुड़े होते हैं या उनकी आमदनी नियमित नौकरी करने वाले व्यक्ति की तरह तय नहीं होती. ऐसे में सिर्फ सैलरी स्लिप देखकर उनकी लोन चुकाने की क्षमता का अंदाजा लगाना संभव नहीं होता. इसके लिए ग्राहकों की आय, कारोबार, संपत्ति और स्थानीय परिस्थितियों को समझना जरूरी होता है. यही कारण है कि डिजिटल तकनीक के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर इंसानी मदद की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनी हुई है…..
आने वाले समय में छोटे शहर होंगे होम लोन की बड़ी ताकत……
भारत का होम लोन बाजार अब सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रह गया है. छोटे शहरों में बढ़ती आय, रोजगार, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और किफायती प्रॉपर्टी लोगों को अपना घर खरीदने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. दूसरी तरफ डिजिटल लोन प्रक्रिया ने बैंक और ग्राहक के बीच की दूरी भी कम कर दी है. ऐसे में आने वाले वर्षों में टियर-II और टियर-III शहर भारत के होम लोन बाजार के सबसे बड़े ग्रोथ इंजन बन सकते हैं. यानी घर का सपना अब सिर्फ बड़े शहरों की कहानी नहीं है, छोटे शहर भी इस सपने को हकीकत में बदलने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं…….
