
दिल की बीमारियाँ आज भी दुनिया में मौत का सबसे बड़ा कारण हैं। साल 2022 में लगभग 2 करोड़ लोग हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों से जान गंवा चुके हैं, जिसमें अमेरिका जैसे विकसित देश भी शामिल हैं। समय पर कार्रवाई की अहमियत इसी में है। हाल ही में डॉ. क्रिस्टाबेल अकिनोला ने सोशल मीडिया पर एक केस शेयर किया जिसमें किसी व्यक्ति ने हार्ट अटैक के लक्षण पहचानकर तुरंत कदम उठाए और अपनी जान बचाई।
सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम है इमरजेंसी सेवा को कॉल करना। फोन को स्पीकर पर रखें ताकि दोनों हाथ फ्री रहें और डिस्पैचर को अपनी लोकेशन, एलर्जी और दवाओं की जानकारी दें। खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने की कोशिश न करें, बल्कि एंबुलेंस का इंतजार करें। अगर आप होश में हैं और एस्पिरिन से एलर्जी नहीं है, तो लगभग 300 mg नॉन-कोटेड एस्पिरिन चबाना मददगार हो सकता है। रिसर्च में पाया गया है कि शुरुआती स्टेज में एस्पिरिन लेने से मौत का खतरा करीब 25% तक घट सकता है।
डॉ. अकिनोला ने यह भी चेताया कि घर पर अकेले गहरी सांस लेकर जोर से खांसना (viral cough CPR) जैसी तकनीक अपनाना खतरनाक हो सकता है। हार्ट अटैक के लक्षण महसूस होने पर खुद से ऐसे प्रयोग न करें और तुरंत मदद मांगें। अगर चक्कर या कमजोरी महसूस हो रही है, तो लेट जाएं और पैरों को हल्का ऊपर उठाएं। गहरी सांस लें, कपड़े ढीले करें और खुद को शांत रखने की कोशिश करें।
घर में अकेले रहने पर कुछ तैयारी पहले से करना जरूरी है। फोन हमेशा पास रखें, दरवाजा इस तरह बंद करें कि जरूरत पड़ने पर लोग जल्दी पहुंच सकें, और एलर्जी व दवाओं की लिस्ट पास रखें। हार्ट अटैक के शुरुआती 10 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। सही समय पर उठाए गए कदम आपकी जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकते हैं।
