गोवा में 278 करोड़ की जमीन हड़पने का मामला! 🚨 ED ने आरोपी के खिलाफ PMLA कोर्ट में दाखिल की अभियोजन शिकायत।

गोवा में करीब 278 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन हड़पने के कथित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने आरोपी सिद्दीक उर्फ सुलेमान खान के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की है। यह शिकायत 11 सितंबर 2026 को उत्तर गोवा की विशेष PMLA अदालत के समक्ष पेश की गई।
फर्जी दस्तावेजों से जमीन पर कब्जे का आरोप…..
ED के अनुसार, यह मामला उत्तर गोवा में कीमती अचल संपत्तियों पर कथित तौर पर अवैध कब्जा करने से जुड़ा है। एजेंसी की जांच गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (लैंड ग्रैबिंग) द्वारा दर्ज किए गए मामलों और दाखिल की गई चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, सिद्दीक उर्फ सुलेमान खान ने वास्तविक संपत्ति मालिकों की जमीन पर दावा स्थापित करने के लिए कथित तौर पर फर्जी बिक्री विलेख तैयार करवाए। इन दस्तावेजों को बारदेज और वालपोई के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के रिकॉर्ड में दर्ज कराने का भी आरोप है। ED का कहना है कि इन कथित फर्जी दस्तावेजों में नकली स्टांप और मुहरों का इस्तेमाल किया गया था।
बैंक खातों और फर्म के जरिए रकम घुमाने का आरोप…..
जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित तौर पर कब्जाई गई संपत्तियों से आर्थिक लाभ हासिल करने के बाद रकम को अलग-अलग माध्यमों से ट्रांसफर किया गया। ED का आरोप है कि इसके लिए तीसरे पक्ष के बैंक खातों, कथित बेनामी खाताधारकों और एक साझेदारी फर्म का इस्तेमाल किया गया। जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि संबंधित साझेदारी फर्म को दूसरे PAN नंबर के जरिए संचालित किया गया। एजेंसी के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य कथित अपराध से हासिल रकम को नकदी में बदलना और फिर उसे वैध आय के तौर पर दिखाना था।
278 करोड़ की संपत्ति को माना गया “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम”…..
ED ने अपनी जांच के दौरान करीब 278 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को कथित अपराध से अर्जित आय यानी Proceeds of Crime के रूप में चिन्हित किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन संपत्तियों को PMLA के तहत पहले ही अस्थायी रूप से कुर्क किया जा चुका है। अब अभियोजन शिकायत दाखिल होने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
16 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी…..
सिद्दीक उर्फ सुलेमान खान को ED ने 16 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था। एजेंसी की हिरासत पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। फिलहाल आरोपी कोलवाले सेंट्रल जेल में बंद है। ED ने अदालत में दाखिल अपनी अभियोजन शिकायत में यह भी कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
आगे क्या होगा….?
अभियोजन शिकायत दाखिल होने के बाद अब इस मामले में अदालत के समक्ष कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ED की जांच में जमीन के कथित फर्जी दस्तावेज, संपत्तियों से जुड़े लेनदेन और पैसों के प्रवाह की जांच अहम हिस्सा है। ED द्वारा लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। मामले में आगे की जांच से जमीन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है।
