लोकप्रिय गेमिंग क्रिएटर पायल गेमिंग ने पहली बार डीपफेक वीडियो विवाद पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि इस घटना ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया और उन्हें मानसिक रूप से काफी मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा।

भारत की लोकप्रिय गेमिंग कंटेंट क्रिएटर और यूट्यूबर पायल गेमिंग (पायल धरे) ने एक बार फिर अपने साथ हुए डीपफेक वीडियो विवाद पर खुलकर बात की है। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशान किया और उनकी छवि को भी नुकसान पहुंचाया। अपनी आपबीती साझा करते हुए पायल भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
डीपफेक वीडियो ने बदल दी जिंदगी
पायल ने बताया कि कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर उनके नाम से फर्जी (डीपफेक) वीडियो वायरल किए गए थे। इन वीडियो का उनसे कोई संबंध नहीं था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लोगों की आलोचना और गलतफहमियों का सामना करना पड़ा। पायल धरे, जिन्हें आमतौर पर पायल गेमिंग के नाम से जाना जाता है उनका एक डीपफेक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था. इसमें उनका चेहरा किसी दूसरी लड़की पर लगाया गया, जो दरअसल किसी के साथ इंटीमेट होती दिख रही थी.
‘मेरी इमेज बर्बाद हो गई’
पायल ने भावुक होते हुए कहा कि,
“मेरी इमेज बर्बाद हो गई थी। लोगों ने बिना सच्चाई जाने मुझे जज किया। उस दौर से बाहर निकलना मेरे लिए बिल्कुल आसान नहीं था।”
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैली झूठी और एडिटेड सामग्री किसी भी व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर डाल सकती है।
बातचीत के दौरान नहीं रोक पाईं आंसू
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे उस विवाद के बारे में पूछा गया तो वह भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें मानसिक रूप से काफी मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। हालांकि, परिवार, दोस्तों और अपने प्रशंसकों के समर्थन से उन्होंने धीरे-धीरे खुद को संभाला।
डीपफेक तकनीक पर उठे सवाल
पायल गेमिंग की आपबीती ने एक बार फिर डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई आधारित डीपफेक तकनीक का गलत इस्तेमाल किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, निजता और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
