आगरा में 14 साल से नाले की सफाई नहीं होने पर भाजपा पार्षद किशन नायक ने गंदे नाले में उतरकर जन्मदिन का केक काटकर विरोध जताया। वीडियो वायरल होने के बाद अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला।

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक पार्षद का अनोखा विरोध प्रदर्शन इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मानसून से पहले नाले की सफाई नहीं होने से नाराज भाजपा पार्षद ने अपने समर्थकों के साथ गंदे नाले में खड़े होकर जन्मदिन का केक काटा। इस विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
नाले में उतरकर मनाया जन्मदिन
जानकारी के अनुसार यह मामला आगरा के नगला धनी स्थित नई विजय नगर कॉलोनी के लंगड़े की चौकी क्षेत्र का है। यहां भूमिगत जीवनी मंडी रोड से आने वाला लगभग दो किलोमीटर लंबा नाला वर्षों से साफ नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब 14 वर्षों से नाले की समुचित सफाई नहीं हुई, जिससे क्षेत्र में गंदगी, जलभराव और बदबू की समस्या लगातार बनी हुई है।
इसी समस्या से नाराज भाजपा पार्षद किशन नायक अपने जन्मदिन पर समर्थकों के साथ सीधे नाले में उतर गए। उन्होंने वहीं खड़े होकर केक काटा और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान उनके समर्थकों ने जमकर नारेबाजी भी की। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल Media पर वायरल हो गया।
12 बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि भाजपा पार्षद किशन नायक नगर निगम में इस नाले की सफाई को लेकर करीब 12 बार शिकायत दर्ज करा चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार अनदेखी से नाराज होकर उन्होंने अपने जन्मदिन को ही विरोध प्रदर्शन का माध्यम बना लिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून की शुरुआत से पहले नाले की सफाई बेहद जरूरी थी। सफाई नहीं होने की स्थिति में भारी बारिश के दौरान जलभराव और गंदगी की समस्या और गंभीर हो सकती है।
अखिलेश यादव ने साधा भाजपा पर निशाना
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो साझा करते हुए भाजपा पर तंज कसा।
उन्होंने लिखा कि “महापापी भाजपा से पल्ला छुड़ाने के लिए भाजपाई जनप्रतिनिधि तरह-तरह के तरीके अपना रहे हैं। वो समझ गए हैं कि भाजपा की डूबती नाव से जितनी जल्दी उतर लो, उतना ही अच्छा है।”
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जब सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधि अपनी ही सरकार और अधिकारियों के खिलाफ इस तरह विरोध करने को मजबूर हैं, तो इससे प्रदेश की व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
राजनीतिक बहस हुई तेज
इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष इसे भाजपा सरकार की प्रशासनिक विफलता बता रहा है, जबकि भाजपा समर्थक इसे स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का मामला बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
प्रशासन पर उठे सवाल
मानसून से पहले नालों की सफाई को लेकर नगर निगमों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए जाते हैं। ऐसे में एक सत्ताधारी दल के पार्षद का सार्वजनिक रूप से इस तरह विरोध करना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि नगर निगम इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।
