राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बाबरी मस्जिद के पूर्व पैरोकार इकबाल अंसारी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि भगवान के गले का हार और चरण पादुका (खड़ाऊ) तक चोरी हो जाना बेहद शर्मनाक है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस बीच बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पैरोकार रहे इकबाल अंसारी ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे बेहद शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि भगवान के मंदिर में चोरी होना न केवल आस्था पर चोट है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है।
‘भगवान के घर में चोरी, यह बेहद शर्मनाक’
इकबाल अंसारी ने कहा कि उन्होंने आज तक ऐसा नहीं सुना कि भगवान के घर में चोरी हुई हो। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि चोर भगवान राम के गले से हार तक उतार ले गए और उनकी चरण पादुका (खड़ाऊ) भी नहीं छोड़ी।
उन्होंने कहा, “यह बहुत शर्म की बात है। पैसा तो फिर भी वापस आ सकता है, लेकिन भगवान का हार और उनकी चरण पादुका वापस लाई जानी चाहिए।”
आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
इकबाल अंसारी ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाती हैं और ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
उनका कहना था कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। देश-विदेश से श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन के लिए यहां आते हैं और ऐसी घटना से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
‘इतनी सुरक्षा के बावजूद चोरी कैसे हुई?’
अंसारी ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद यदि भगवान के गले का हार और चरण पादुका तक चोरी हो जाए, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई।
राम मंदिर के प्रति सम्मान की बात दोहराई
इकबाल अंसारी ने कहा कि वह भगवान राम और राम मंदिर का सम्मान करते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने मुस्लिम समाज से भी अपील की थी कि भगवान राम करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र हैं और मंदिर निर्माण का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनने से अयोध्या का विकास हुआ है और इससे सभी समुदायों को लाभ मिला है। उनके अनुसार, मंदिर केवल हिंदुओं की आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जांच जारी, लोगों की नजर प्रशासन पर
अब सभी की नजर जांच एजेंसियों और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है और प्रशासन दोषियों की पहचान करने में जुटा हुआ है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले का जल्द खुलासा हो और चोरी हुए धार्मिक प्रतीकों को बरामद किया जाए। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
