ऐश्वर्या लक्ष्मी का आउटफिट विवाद पर करारा जवाब! 👗🔥 पूछा- क्या कल्चर सिर्फ महिलाओं के कपड़ों में है? उन्होंने महिलाओं को लेकर होने वाली ट्रोलिंग और डबल स्टैंडर्ड पर भी सवाल उठाए।

साउथ सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस ऐश्वर्या लक्ष्मी इन दिनों अपने एक बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। फिल्मों में अपने अभिनय के अलावा एक्ट्रेस सामाजिक मुद्दों पर खुलकर राय रखने के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने पैपराजी के कैमरा एंगल और महिलाओं के पहनावे को लेकर होने वाली ट्रोलिंग पर अपनी बात रखी। एक इंटरव्यू के दौरान ऐश्वर्या ने बताया कि एक इवेंट में पैपराजी के कैमरे का एंगल उन्हें असहज कर रहा था। उनका कहना है कि कैमरा उनके चेहरे पर फोकस करने के बजाय किसी और एंगल पर था, जिसकी वजह से उन्हें अपनी निजी सीमाओं के उल्लंघन जैसा महसूस हुआ।
पैपराजी के कैमरा एंगल से हुईं असहज…..
ऐश्वर्या लक्ष्मी ने रजिनी हरिदास के चैट शो में इस अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब कैमरा उनके चेहरे पर केंद्रित नहीं था, तो वह असहज महसूस करने लगी थीं। एक्ट्रेस के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति असहज होता है तो उसका बॉडी लैंग्वेज भी बदल जाता है। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें लगा कि उनकी पर्सनल बाउंड्री का सम्मान नहीं किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने भी उनके इस असहज व्यवहार को नोटिस किया था। लेकिन इसके बाद चर्चा उनके कैमरा एंगल से हटकर उनके पहनावे और नेकलाइन पर पहुंच गई।
कपड़ों को लेकर ट्रोलिंग पर उठाया सवाल…..
ऐश्वर्या ने बताया कि सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर वह अपनी ड्रेस में असहज थीं तो उन्होंने ऐसी ड्रेस पहनी ही क्यों। कुछ लोगों ने उनके नेकलाइन को लेकर भी टिप्पणी की। एक्ट्रेस ने ऐसी आलोचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसी महिला के कपड़े और उसकी नेकलाइन ही संस्कृति का पैमाना हैं? उनके मुताबिक, संस्कृति केवल पहनावे में नहीं बल्कि इंसान के व्यवहार और दूसरे लोगों के प्रति सम्मान में भी दिखाई देती है।
“मेरा क्लीवेज चर्चा का विषय क्यों”……?
ऐश्वर्या ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के पहनावे को लेकर होने वाली बहस पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक बातें करने वालों पर अक्सर उतनी रोक-टोक नहीं होती, लेकिन महिलाओं से हमेशा अपने कपड़ों और शरीर को लेकर सावधान रहने की उम्मीद की जाती है। एक्ट्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि समाज के सामने कई बड़े मुद्दे हैं, लेकिन महिलाओं के पहनावे को लेकर चर्चा जल्दी शुरू हो जाती है। उन्होंने पूछा कि आर्थिक विकास, बुजुर्गों की स्थिति और समाज से जुड़े गंभीर विषयों पर चर्चा करने के बजाय किसी महिला की नेकलाइन चर्चा का विषय क्यों बन जाती है।
कृति सेनन भी कर चुकी हैं कपड़ों पर ट्रोलिंग का सामना…..
महिलाओं के पहनावे और संस्कृति को जोड़कर की जाने वाली टिप्पणियों का मुद्दा इससे पहले भी सामने आता रहा है। बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन को भी एक विज्ञापन में अपने पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा था। कृति ने उस समय अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि समय के साथ एथनिक फैशन में बदलाव आया है, लेकिन आज भी महिलाओं के प्रति सम्मान को उनके कपड़ों से जोड़कर देखा जाता है। उनके मुताबिक, संस्कृति और परंपरा केवल कपड़ों की नेकलाइन में नहीं बल्कि व्यक्ति के विचारों और व्यवहार में होती है।
“गट्टा कुश्ती 2” के बाद “आशा” में नजर आ रही हैं ऐश्वर्या…..
वर्कफ्रंट की बात करें तो ऐश्वर्या लक्ष्मी मलयालम और तमिल सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उन्हें हाल ही में ‘गट्टा कुश्ती 2’ में देखा गया था, जिसे दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। अब एक्ट्रेस मलयालम फिल्म ‘आशा’ में नजर आ रही हैं। फिल्म में उनके साथ उर्वशी और जोजु जॉर्ज भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।
