सहारा निवेशकों के लिए बड़ी खबर! 💰 अब तक 42 लाख लोगों को मिला 9,267 करोड़ रुपये का रिफंड। 20 लाख अटके दावों को भी उम्मीद जगी है। जानिए कितना पैसा बाकी है और रिफंड के लिए क्या करना होगा।

सहारा इंडिया की सहकारी समितियों में निवेश करने वाले लाखों लोगों के लिए रिफंड को लेकर बड़ी उम्मीद जगी है। लंबे समय से अपनी जमा पूंजी वापस मिलने का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए भुगतान की प्रक्रिया जारी है। सरकार और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही इस प्रक्रिया में अब तक हजारों करोड़ रुपये निवेशकों को वापस किए जा चुके हैं। बड़ी संख्या में दावे अभी भी लंबित हैं। ऐसे में सवाल है कि अब तक निवेशकों को कितना पैसा वापस मिला है और कितना पैसा अभी बाकी है….?
करीब 42 लाख निवेशकों को मिला 9,267 करोड़ रुपये का रिफंड…..
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अब तक करीब 42 लाख निवेशकों को लगभग 9,267 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं। रिफंड प्रक्रिया आगे भी जारी है और पोर्टल के दोबारा खुलने से उन निवेशकों को भी उम्मीद जगी है, जिनके दावे अभी तक अटके हुए हैं। इससे पहले जनवरी 2026 तक करीब 39.46 लाख निवेशकों को 8,429.42 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद रिफंड की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
सहारा में कितने निवेशकों का पैसा फंसा था…..?
सहारा समूह की चार प्रमुख सहकारी समितियों में बड़ी संख्या में लोगों की जमा पूंजी फंसी हुई थी। इनमें सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के सामने हुई सुनवाई में बताया गया था कि इन समितियों में करीब 10 करोड़ निवेशकों का पैसा जमा था।
सहारा-सेबी खाते में कितनी रकम है …..?
सुप्रीम कोर्ट के मार्च 2023 के आदेश के अनुसार, सहारा-सेबी रिफंड खाते में करीब 24,979.67 करोड़ रुपये जमा थे। इसी रकम में से निवेशकों को रिफंड देने की प्रक्रिया शुरू की गई। रिफंड के लिए शुरुआती तौर पर 10,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए थे। इसमें से बड़ी राशि अब तक निवेशकों को वापस की जा चुकी है। बाकी रकम भी पात्र निवेशकों के दावों के आधार पर लौटाई जा रही है।
रिफंड की सीमा भी बढ़ाई गई…..
शुरुआत में एक निवेशक को अधिकतम 10,000 रुपये तक का भुगतान किया जा रहा था। बाद में यह सीमा बढ़ाकर 50,000 रुपये की गई। फरवरी 2026 में इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक कर दिया गया। इस बदलाव से उन निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी जमा राशि पहले तय की गई रिफंड सीमा से अधिक थी।
20 लाख अटके दावों को लेकर भी उम्मीद…..
रिफंड पोर्टल के दोबारा खुलने से करीब 20 लाख लंबित या अटके दावों के निपटारे की उम्मीद बढ़ी है। जिन निवेशकों का दावा पहले किसी कारण से खारिज हो गया था या जिनका भुगतान अधूरा रहा, वे आवश्यक सुधार के बाद दोबारा दावा कर सकते हैं। इसका मतलब है कि आने वाले समय में रिफंड पाने वाले निवेशकों की संख्या और बढ़ सकती है।
रिफंड के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत ……?
सहारा रिफंड के लिए निवेशकों को CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल पर आवेदन करना होता है। दावा करते समय कुछ जरूरी जानकारी और दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ती है।
इनमें मुख्य रूप से:-
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- आधार से जुड़ा बैंक खाता
- सदस्यता नंबर
- जमा खाता नंबर
- जमा रसीद या पासबुक
- 50,000 रुपये या उससे अधिक के दावे के लिए PAN कार्ड
शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कब तक रिफंड की अनुमति दी है …….?
रिफंड प्रक्रिया को 31 दिसंबर 2026 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसलिए जिन पात्र निवेशकों को अभी तक पैसा नहीं मिला है, उनके लिए दावा प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण है। निवेशक आधिकारिक CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए अपना दावा दाखिल कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है सबसे जरूरी बात ……?
सहारा रिफंड की प्रक्रिया में केवल पात्र निवेशकों के दावों के आधार पर भुगतान किया जाता है। इसलिए आवेदन करते समय सदस्यता और जमा से जुड़ी जानकारी सही दर्ज करना जरूरी है। जिन लोगों का दावा पहले अस्वीकार हुआ है, उन्हें भी कारण देखकर जरूरी सुधार के बाद दोबारा आवेदन करने का विकल्प मिल सकता है।
नोट : रिफंड की राशि और आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं। निवेशकों को आवेदन या किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल और सरकारी निर्देशों पर भरोसा करना चाहिए।
