सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक मस्जिद को प्रशासन द्वारा ढहाए जाने के बाद मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। कार्रवाई के बाद जहां अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं अब AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। शादाब चौहान ने आरोप लगाया कि सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई के पीछे एक तरह की ‘मैच फिक्सिंग’ हुई है। उन्होंने इसके लिए अखिलेश यादव को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मस्जिद गिराने की कार्रवाई पर AIMIM ने उठाए सवाल
शादाब चौहान ने मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी भी धर्मस्थल पर बुलडोजर नहीं चलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर कई सवाल भी उठाए।
AIMIM प्रवक्ता ने सवाल किया कि अगर कार्रवाई करनी ही थी तो मस्जिद को रात के अंधेरे में गिराने की क्या जरूरत थी। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े-बड़े मामलों और घोटालों की जांच में तेजी नहीं दिखाई जाती, लेकिन धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई को लेकर जल्दबाजी क्यों की जाती है। उनके बयान के मुताबिक, मस्जिद गिराए जाने के बाद समाजवादी पार्टी के सांसदों और विधायकों को हाउस अरेस्ट किए जाने को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाया और इसे कथित ‘ड्रामा’ बताया।
अखिलेश यादव पर क्या लगाया आरोप?
शादाब चौहान ने दावा किया कि अखिलेश यादव कार्रवाई से कुछ दिन पहले सहारनपुर आए थे और उनके दौरे को मस्जिद गिराए जाने की घटना से जोड़ते हुए ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप लगाया।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए ये आरोप AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान के बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का जवाब इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर शामिल नहीं है।
करीब 115 साल पुरानी बताई जा रही थी मस्जिद
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को करीब 115 साल पुराना बताया जा रहा है। शनिवार, 5 सितंबर 2026 को प्रशासन ने अदालत के आदेश के बाद इस ढांचे को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गईं और विपक्षी दलों की ओर से प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने लगे। इसी बीच AIMIM ने भी इस मुद्दे को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
2027 के यूपी चुनाव को लेकर AIMIM की रणनीति
मस्जिद विवाद के अलावा शादाब चौहान ने आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी की रणनीति पर बात की।उन्होंने कहा कि AIMIM गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने की कोशिश करेगी। शादाब चौहान के मुताबिक, अगर समाजवादी पार्टी गठबंधन में AIMIM को साथ नहीं लेती है तो इससे यह सवाल उठेगा कि वह बीजेपी को हराने के लिए कितनी गंभीर है। AIMIM फिलहाल चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों में जुटी है और संभावित उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
किठौर सीट के लिए उम्मीदवार का भी जिक्र
शादाब चौहान ने बताया कि मेरठ की किठौर विधानसभा सीट के लिए पार्टी ने एक संभावित उम्मीदवार तय कर लिया है। इससे संकेत मिलता है कि AIMIM आगामी विधानसभा चुनाव में अपने संगठन को मजबूत करने और ज्यादा सीटों पर चुनावी तैयारी करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
मस्जिद विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई के बाद मामला केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। AIMIM के ताजा बयान के बाद समाजवादी पार्टी और बीजेपी की ओर से भी आगे प्रतिक्रिया आने की संभावना है।फिलहाल इस पूरे मामले में अदालत के आदेश, प्रशासन की कार्रवाई और अलग-अलग राजनीतिक दलों के बयानों के बीच विवाद लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
Disclaimer: इस खबर में शादाब चौहान द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों को उनके बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाठकों को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान और न्यायिक/प्रशासनिक रिकॉर्ड की जानकारी भी देखनी चाहिए।
