राम मंदिर चढ़ावा मामला: SIT रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, श्रद्धालुओं की संख्या और दान राशि में मिला अंतर

अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में मंदिर में आने वाले चढ़ावे, श्रद्धालुओं की संख्या और बैंक खातों में दर्ज रकम के बीच कई विसंगतियों का उल्लेख किया गया है। जांच के शुरुआती निष्कर्षों ने मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
चढ़ावा प्राप्त करने के तीन प्रमुख माध्यम
SIT की रिपोर्ट के अनुसार राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ावा मुख्य रूप से तीन माध्यमों से प्राप्त होता है। इनमें मंदिर परिसर में रखी गई हुंडी (दान पेटियां), ऑनलाइन भुगतान और नकद काउंटर पर रसीद के माध्यम से जमा की गई राशि शामिल है। जांच टीम ने इन सभी स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों का मिलान बैंक खातों और अन्य वित्तीय अभिलेखों से किया।
हर महीने 25 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं राम मंदिर
जांच के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक रिकॉर्ड, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर SIT ने पाया कि सामान्य दिनों में औसतन हर महीने करीब 25 लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने पहुंचते हैं। हालांकि महाकुंभ और विशेष धार्मिक आयोजनों के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक कुंभ मेले के दौरान एक ही महीने में लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए थे। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद चढ़ावे की राशि में अपेक्षित वृद्धि दर्ज नहीं हुई, जिससे जांच एजेंसियों का संदेह और गहरा गया।
प्रति श्रद्धालु 15 से 18 रुपये का औसत चढ़ावा
SIT ने उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया है कि एक श्रद्धालु औसतन 15 से 18 रुपये तक का चढ़ावा मंदिर में अर्पित करता है। हालांकि यह गणना केवल दर्ज नकद और डिजिटल चढ़ावे के आधार पर की गई है।
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि सोना, चांदी, आभूषण, अनाज, घी, तेल और अन्य वस्तुओं के रूप में मिलने वाले दान को इस गणना में शामिल नहीं किया गया है। जांच टीम का कहना है कि इन वस्तुओं के संबंध में पर्याप्त दस्तावेज, रिकॉर्ड या सत्यापित साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो सके, जिसके कारण उनका मूल्यांकन संभव नहीं था।
बैंक खातों और श्रद्धालुओं के आंकड़ों में दिखा बड़ा उतार-चढ़ाव
SIT ने मंदिर ट्रस्ट के बैंक खातों के लेनदेन और श्रद्धालुओं की संख्या का तुलनात्मक अध्ययन किया। जांच में पाया गया कि कई अवसरों पर दर्शनार्थियों की संख्या में भारी वृद्धि होने के बावजूद चढ़ावे की रकम में उसी अनुपात में बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक स्टेटमेंट और विभिन्न अवधियों में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के आंकड़ों का मिलान करने पर चढ़ावे में असामान्य उतार-चढ़ाव दिखाई दिया। यही बिंदु जांच का प्रमुख आधार बना हुआ है और आगे की जांच इसी दिशा में बढ़ाई जा रही है।
सोने-चांदी के दान का रिकॉर्ड सवालों के घेरे में
जांच एजेंसी को यह भी पता चला कि मंदिर में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के दान की चर्चाएं तो हैं, लेकिन उनके संबंध में व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। SIT ने कहा है कि जब तक इन दानों का दस्तावेजी प्रमाण और सत्यापन योग्य रिकॉर्ड नहीं मिलता, तब तक उनकी वास्तविक मात्रा और मूल्य का आकलन नहीं किया जा सकता।
राम मंदिर देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े किसी भी प्रकार के विवाद पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें SIT की अंतिम रिपोर्ट और सरकार द्वारा आगे उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।
