मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन को फिर No! 🚨 मुंबई पुलिस ने आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। अब जरांगे के अगले कदम पर नजर।

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के मुंबई में प्रस्तावित आंदोलन को पुलिस ने दूसरी बार अनुमति देने से इनकार कर दिया है। जरांगे पाटिल ने मुंबई के आजाद मैदान में मराठा समाज की लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान किया है। पुलिस की ओर से दोबारा अनुमति नहीं मिलने के बाद अब सभी की नजरें मनोज जरांगे पाटिल के अगले कदम पर टिकी हैं। जरांगे पहले ही मुंबई की ओर मार्च करने और आजाद मैदान में आंदोलन शुरू करने की घोषणा कर चुके हैं।
दोबारा मांगी गई थी आंदोलन की अनुमति…..
मनोज जरांगे पाटिल की ओर से रविवार, 13 सितंबर को आजाद मैदान में आंदोलन के लिए मुंबई पुलिस से अनुमति मांगी गई थी। पुलिस ने उस आवेदन को मंजूरी नहीं दी थी। इसके बाद जरांगे की ओर से नए सिरे से अनुमति के लिए आवेदन किया गया, लेकिन सोमवार, 14 सितंबर को मुंबई पुलिस ने इस बार भी अनुमति देने से इनकार कर दिया। लगातार दूसरी बार अनुमति नहीं मिलने के बाद आंदोलन को लेकर स्थिति और महत्वपूर्ण हो गई है।
मुंबई में भूख हड़ताल का ऐलान…..
मनोज जरांगे पाटिल ने अपनी भूख हड़ताल के दौरान मुंबई तक मार्च करने की घोषणा की थी। अंतरवाली सराटी में समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने मुंबई पहुंचकर आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की बात कही। जरांगे ने मार्च के संभावित रूट की जानकारी भी अपने समर्थकों को दी थी। उन्होंने प्रशासन, मुख्यमंत्री और राज्य के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से मार्च को नहीं रोकने की अपील की थी।
15 सितंबर से मार्च की तैयारी…..
जरांगे पाटिल के मुताबिक, वह 15 सितंबर को अंतरवाली सराटी से मुंबई के लिए निकलने की तैयारी में हैं। इसके बाद आजाद मैदान में आंदोलन और भूख हड़ताल शुरू करने का कार्यक्रम है। स्रोत में भूख हड़ताल की शुरुआत को लेकर 18 और 19 सितंबर, दोनों तारीखों का उल्लेख है, इसलिए अंतिम कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक स्पष्टता महत्वपूर्ण होगी। जरांगे ने इस मार्च को मराठा समुदाय के गौरव और अस्तित्व से जुड़ा आंदोलन बताया है। उन्होंने समर्थकों से बड़ी संख्या में आंदोलन से जुड़ने की अपील की है।
समर्थकों से की आंदोलन में शामिल होने की अपील…..
मनोज जरांगे पाटिल ने मराठा समाज के लोगों से अपील की है कि जो लोग मुंबई तक मार्च में शामिल नहीं हो सकते, वे अपने-अपने इलाकों में बाहर निकलकर आंदोलन को समर्थन दें। उन्होंने समुदाय के लोगों से तय तारीखों पर अपने काम-काज को रोककर आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की है। इससे आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
अब क्या होगा…..?
मुंबई पुलिस की ओर से दूसरी बार अनुमति नहीं दिए जाने के बाद अब जरांगे पाटिल और उनके समर्थकों का अगला कदम अहम माना जा रहा है। एक तरफ आंदोलन को मुंबई में आयोजित करने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की अनुमति नहीं मिलने से प्रशासन के सामने भी चुनौती बढ़ गई है। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र में पहले भी कई बड़े आंदोलन हो चुके हैं। ऐसे में जरांगे पाटिल का प्रस्तावित मुंबई मार्च आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है।
