पुतिन की ये कार है किसी चलते-फिरते किले से कम नहीं! 🚘🛡️ BRICS के लिए भारत पहुंचे रूसी राष्ट्रपति की Aurus Senat में हैं कई खास सुरक्षा इंतजाम। जानिए इस बख्तरबंद लिमोजिन की खासियतें।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 11 सितंबर 2026 को BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे। उनके भारत दौरे के दौरान जहां राजनीतिक मुलाकातें और सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में रही, वहीं पुतिन की खास बख्तरबंद कार ने भी लोगों का ध्यान खींचा। पुतिन जिस Aurus Senat लिमोजिन का इस्तेमाल करते हैं, उसे हाई-लेवल सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह सामान्य लग्जरी कार से काफी अलग है। इसकी बॉडी, ग्लास और अन्य सुरक्षा प्रणालियों को संभावित गोलीबारी, विस्फोट और दूसरे गंभीर खतरों से बचाव के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, इंटरनेट पर इस कार को लेकर “बम से लेकर मिसाइल तक सब बेअसर” जैसे दावे भी किए जाते हैं, लेकिन ऐसी क्षमताओं की पूरी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
2018 से पुतिन के काफिले का हिस्सा है Aurus Senat……
व्लादिमीर पुतिन साल 2018 से Aurus Senat का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति की आधिकारिक कार के तौर पर Mercedes-Benz S 600 Guard Pullman का इस्तेमाल किया जाता था। Aurus Senat को रूस में राष्ट्रपति स्तर की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया। इसका डिजाइन एक लग्जरी लिमोजिन जैसा है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसमें कई अतिरिक्त बदलाव किए गए हैं।
गोलीबारी से बचाव के लिए खास बॉडी और ग्लास……
Aurus Senat के सुरक्षा पैकेज में बख्तरबंद बॉडी पैनल और मल्टी-लेयर बुलेट-रेसिस्टेंट ग्लास जैसी तकनीक शामिल होने की जानकारी सामने आती रही है। इनका उद्देश्य गोलीबारी जैसे खतरों की स्थिति में कार के अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षा देना है। कार में रन-फ्लैट टायर जैसी सुविधा भी बताई जाती है। इसका फायदा यह है कि टायर को नुकसान पहुंचने के बाद भी वाहन को कुछ दूरी तक चलाया जा सकता है। इसके अलावा ईंधन टैंक और वाहन के निचले हिस्से को भी अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए तैयार किया गया है।
विस्फोट और दूसरे खतरों से सुरक्षा……
हाई-प्रोफाइल नेताओं के लिए इस्तेमाल होने वाली बख्तरबंद कारों में सिर्फ गोलियों से सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता। वाहन के ढांचे और निचले हिस्से को विस्फोट जैसे खतरों को ध्यान में रखकर भी मजबूत किया जाता है। Aurus Senat के बारे में भी अंडरबॉडी प्रोटेक्शन और अन्य सुरक्षा उपायों का उल्लेख मिलता है। हालांकि, किसी विशेष हथियार या मिसाइल के खिलाफ कार कितनी सुरक्षा दे सकती है, इसकी पूरी तकनीकी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
पुतिन की सुरक्षा सिर्फ एक कार तक सीमित नहीं……
पुतिन जैसे हाई-प्रोफाइल नेता की सुरक्षा में केवल एक बख्तरबंद कार का इस्तेमाल नहीं होता। उनके साथ चलने वाले काफिले में कई सुरक्षा और बैकअप वाहन शामिल होते हैं। इस तरह का मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा टीम को तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद करता है। दिल्ली में BRICS सम्मेलन के दौरान भी विदेशी नेताओं के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुतिन की यात्रा के लिए कुछ विशेष वाहन रूस से विमान के जरिए भारत लाए गए थे। उनकी सुरक्षा व्यवस्था में रूसी सुरक्षा दल भी पहले से मौजूद था।
जमीन के साथ आसमान में भी ‘किला’ जैसी सुरक्षा……
पुतिन की सुरक्षा केवल सड़क तक सीमित नहीं रहती। वह रूस के विशेष Ilyushin Il-96-300PU विमान से भारत पहुंचे। इस विमान को कई रिपोर्ट्स में ‘Flying Kremlin’ या ‘उड़ता किला’ कहा जाता है। विमान में सुरक्षित संचार समेत कई विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं बताई जाती हैं। रूस की हाई-प्रोफाइल यात्राओं में एक जैसे दो विमानों के इस्तेमाल की रणनीति का भी उल्लेख किया जाता है, ताकि वास्तविक विमान की पहचान करना मुश्किल हो।
लग्जरी से ज्यादा सुरक्षा पर जोर……
पुतिन की Aurus Senat देखने में भले ही एक शानदार लग्जरी लिमोजिन नजर आती हो, लेकिन इसकी असली खासियत इसके सुरक्षा इंतजाम हैं। मजबूत बॉडी, बुलेट-रेसिस्टेंट ग्लास, रन-फ्लैट टायर और अतिरिक्त सुरक्षा प्रणालियां इसे आम कारों से अलग बनाती हैं। BRICS सम्मेलन के लिए पुतिन का भारत दौरा इसलिए भी खास रहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था में जमीन पर Aurus Senat और आसमान में विशेष विमान के साथ एक बड़ा सुरक्षा तंत्र सक्रिय रहा। यही वजह है कि पुतिन की कार हर बार उनके विदेशी दौरों के दौरान चर्चा का विषय बन जाती है।
