तेजस एक्सप्रेस के खाने में मिली मरी हुई मक्खी? यात्री की पोस्ट वायरल, IRCTC से जांच की मांग

देश की प्रीमियम ट्रेनों में शामिल तेजस एक्सप्रेस की खानपान व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। वायरल पोस्ट के अनुसार, अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल तेजस एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 82902) में यात्रा कर रहे एक यात्री को परोसे गए खाने में कथित तौर पर मरी हुई मक्खी मिली।
यात्री ने घटना की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए रेलवे की कैटरिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पोस्ट सामने आने के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई और कई लोगों ने खानपान की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई।
वेज बिरयानी के डिब्बे में दिखी मक्खी
वायरल पोस्ट के मुताबिक, यात्री को यात्रा के दौरान वेज बिरयानी कॉम्बो मील परोसा गया था। जैसे ही उसने खाने का डिब्बा खोला, उसमें एक मरी हुई मक्खी दिखाई दी। इसके बाद यात्री ने खाने की तस्वीर लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी।
यात्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रीमियम ट्रेन में अधिक किराया देने के बावजूद इस तरह का खाना मिलना बेहद निराशाजनक है। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
IRCTC और रेल मंत्री को किया टैग
यात्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में आईआरसीटीसी और रेल मंत्री को टैग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा करने वाली प्रीमियम ट्रेनों में इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।
पोस्ट वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी रेलवे की खानपान सेवाओं को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
शिकायत मिलते ही पहुंचे अधिकारी
बताया जा रहा है कि मामला सामने आने के बाद ट्रेन कैप्टन और ऑनबोर्ड कैटरिंग मैनेजर तुरंत यात्री के पास पहुंचे। अधिकारियों ने घटना पर खेद व्यक्त करते हुए यात्री से माफी मांगी और उन्हें दूसरा भोजन उपलब्ध कराने की पेशकश की।
हालांकि यात्री ने दोबारा भोजन लेने से इनकार कर दिया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर जोर दिया।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
घटना की तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर रेल यात्रियों की सुरक्षा और खानपान की गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने रेलवे से खाद्य गुणवत्ता नियंत्रण को और सख्त बनाने की मांग की है।
हालांकि इस मामले में रेलवे या आईआरसीटीसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना अभी बाकी है।
जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
वायरल पोस्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की वास्तविकता और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
