सीतापुर में सियार का आतंक! 5 साल की बच्ची समेत 6 लोगों पर हमला, गांव में दहशत का माहौल।

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. गोंदलामऊ विकासखंड के कई गांवों में इन दिनों सियार के हमलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. बताया जा रहा है कि एक सियार ने 5 साल की बच्ची समेत छह ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया. सियार के हमले यहीं तक सीमित नहीं रहे. ग्रामीणों के मुताबिक उसने गाय और कुत्तों के झुंड को भी निशाना बनाया है. लगातार हो रही घटनाओं के बाद गांव में डर का माहौल है. लोग बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर निगरानी कर रहे हैं.
दुकान जा रही 5 साल की बच्ची पर किया हमला
घटना गुरुवार सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है. निमंतापुर गांव की रहने वाली विमलेश पाल की 5 साल की बेटी आकांक्षा सुबह दुकान की तरफ जा रही थी. इसी दौरान रास्ते में अचानक सियार ने बच्ची पर हमला कर दिया. हमले में बच्ची घायल हो गई. बच्ची की चीख सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने शोर मचाकर सियार को वहां से भगाया और बच्ची को बचाया. इस घटना के बाद गांव के लोगों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
खेतों की तरफ जा रहे पांच अन्य ग्रामीणों को भी बनाया निशाना
बच्ची पर हमले के बाद सियार ने इलाके में कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया. बताया गया है कि ये सभी ग्रामीण सुबह खेतों की तरफ जा रहे थे. हमले में घायल लोगों में निमंतापुर निवासी अनिल कुमार (32), उदयीपुर पूर्वी के मजरा महमदा निवासी शिवम (17), बेहड़ा निवासी हरद्वारी (40), अवधपुर पूर्वी निवासी राकेश (40) और उदयीपुर पूर्वी निवासी मीरा (35) शामिल हैं.
बताया जा रहा है कि सियार ने अचानक इन लोगों पर हमला किया. हमले के दौरान ग्रामीणों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सियार को भगाया. रिपोर्ट के मुताबिक, सियार ने ज्यादातर लोगों के हाथ और पैरों को निशाना बनाया, जिससे वे घायल हुए.
गांव में लाठी-डंडों के साथ पहरा दे रहे ग्रामीण
लगातार हो रहे हमलों के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है. लोग अब अकेले खेतों की तरफ जाने से बच रहे हैं. कई ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर गांव और आसपास के इलाकों में निगरानी कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सियार को पकड़ा नहीं जाता, तब तक बच्चों को घर से बाहर भेजना सुरक्षित नहीं लग रहा है. बच्चों को बाहर खेलने से भी रोक दिया गया है. सुबह और शाम के समय ग्रामीण खास तौर पर सतर्क रह रहे हैं.
ग्रामीणों के अनुसार सियार ने इंसानों के अलावा जानवरों को भी निशाना बनाया है. उसने गाय और कुत्तों के झुंड पर हमला किया. जानवरों पर हो रहे हमलों ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है. लोगों को आशंका है कि सियार आसपास के खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में घूम रहा है. ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द से जल्द सियार को पकड़ने और गांव के आसपास निगरानी बढ़ाने की मांग की है.
वन विभाग की टीम गांव पहुंची
घटनाओं की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने गांव और आसपास के इलाके का जायजा लिया और स्थिति की जानकारी ली. वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. लोगों को खेतों में अकेले जाने से बचने और बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजने के लिए कहा गया है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि वन विभाग जल्द ही सियार को पकड़ने के लिए जरूरी कदम उठाएगा.
बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता
सियार के हमलों के बाद ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है. 5 साल की बच्ची पर हुए हमले के बाद अभिभावक ज्यादा सतर्क हो गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सियार को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक बच्चों को घर से बाहर भेजना जोखिम भरा हो सकता है. यही वजह है कि कई परिवारों ने बच्चों को अकेले बाहर निकलने से रोक दिया है.
वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी के बीच ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. किसी जंगली जानवर के दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश करने के बजाय तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना देना जरूरी है. विशेष रूप से सुबह और शाम के समय खेतों तथा सुनसान रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत है.
