अचार में फफूंदी लगने से परेशान हैं? 😟 बारिश में अचार को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स!

अचार भारतीय खाने का ऐसा हिस्सा है, जो साधारण दाल-चावल या पराठे का स्वाद भी बढ़ा देता है। आम, नींबू, मिर्च, गाजर और कई दूसरी सब्जियों से बने अचार को लंबे समय तक संभालकर रखा जाता है। लेकिन बारिश के मौसम में अचार को स्टोर करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। हवा में नमी बढ़ने के कारण अचार में फफूंदी लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।
कई बार अचार की सतह पर सफेद, हरे या काले रंग की फफूंदी दिखाई देने लगती है। ऐसी स्थिति में सिर्फ ऊपर की परत हटाकर नीचे का अचार खाने की कोशिश करना सही नहीं है। दिखाई देने वाली फफूंदी के अलावा भी खराबी हो सकती है, इसलिए फफूंद लगे अचार को बचाने के बजाय उसे फेंक देना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
अगर आपके अचार में अभी फफूंदी नहीं लगी है और आप इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो स्टोरेज के दौरान इन बातों का ध्यान रखें।
अचार में फफूंदी क्यों लगती है?
अचार के खराब होने की प्रमुख वजहों में नमी का पहुंचना, गलत तरीके से स्टोर करना और सफाई का ध्यान न रखना शामिल है। बारिश में वातावरण में नमी ज्यादा होती है। ऐसे में बार-बार जार खोलने पर नमी अंदर पहुंच सकती है। इसके अलावा गीला चम्मच अचार में डालना, गीले जार में अचार भरना, ढक्कन ठीक से बंद न करना या जार को गर्म और नम जगह पर रखना भी परेशानी बढ़ा सकता है।
अचार की रेसिपी के अनुसार नमक, तेल और अम्लता भी संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए किसी पारंपरिक अचार में इन चीजों की मात्रा को बिना समझे कम या ज्यादा करना ठीक नहीं है।
हमेशा इस्तेमाल करें सूखा और साफ चम्मच
अचार निकालते समय सबसे जरूरी नियम है कि चम्मच साफ और पूरी तरह सूखा हो। चम्मच पर लगी थोड़ी सी भी पानी की बूंद अचार में नमी पहुंचा सकती है। कई लोग चम्मच को धोने के तुरंत बाद अचार में डाल देते हैं। ऐसा करने से बचें। चम्मच को पहले अच्छी तरह सुखाएं और उसके बाद ही अचार निकालें।
इसी तरह अचार को हाथ से निकालने की आदत भी न रखें। साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करना बेहतर है।
अचार के टुकड़ों को तेल में डूबा रखें
तेल वाले पारंपरिक अचार में यह देखना जरूरी है कि अचार के टुकड़े लंबे समय तक तेल के ऊपर न रहें। जो हिस्सा तेल से बाहर रहता है, उसका हवा के संपर्क में आने का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए हर बार अचार निकालने के बाद टुकड़ों को दबाकर देखें कि वे तेल की परत के नीचे हैं या नहीं। अगर आपकी अचार की रेसिपी में तेल संरक्षण का जरूरी हिस्सा है और समय के साथ तेल कम हो गया है, तो उसी रेसिपी के निर्देशों के अनुसार तेल की उचित मात्रा बनाए रखें।
हालांकि, सिर्फ फफूंदी रोकने के लिए किसी भी अचार में मनमाने तरीके से तेल या नमक डालना सही नहीं है। हर अचार की रेसिपी और संरक्षण की जरूरत अलग हो सकती है।
अचार के लिए सही कंटेनर चुनें
अचार को स्टोर करने के लिए साफ और पूरी तरह सूखा कांच का एयरटाइट जार अच्छा विकल्प हो सकता है। इस्तेमाल से पहले जार को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें।
जार के अंदर थोड़ी भी नमी नहीं रहनी चाहिए। अचार भरने के बाद ढक्कन अच्छी तरह बंद करें और समय-समय पर यह भी जांचते रहें कि ढक्कन ठीक से सील हो रहा है या नहीं।
अगर ढक्कन ढीला हो गया है या उसमें दरार है, तो कंटेनर बदल देना बेहतर है।
अचार को गैस या खिड़की के पास न रखें
अचार का जार ऐसी जगह रखें जहां लगातार गर्मी, भाप या नमी न हो। इसे गैस स्टोव, सिंक और भाप निकलने वाली जगह के बिल्कुल पास रखने से बचें। सीधी धूप और तापमान में बार-बार होने वाले बदलाव से भी स्टोरेज प्रभावित हो सकता है। इसलिए सामान्य तौर पर साफ, सूखी और अपेक्षाकृत स्थिर तापमान वाली जगह बेहतर रहती है।
कुछ तरह के अचार, खासकर कम नमक वाले या ऐसे अचार जिनकी रेसिपी में रेफ्रिजरेशन की सलाह दी गई हो, उन्हें खोलने के बाद फ्रिज में रखना उचित हो सकता है। इसके लिए अपनी रेसिपी और खाद्य सुरक्षा निर्देशों को प्राथमिकता दें।
जार में अचार कम हो जाए तो अपनाएं ये तरीका
जब बड़े जार में अचार कम बचता है, तो ऊपर काफी खाली जगह रह जाती है। ऐसे में अचार को लंबे समय तक उसी बड़े जार में रखने के बजाय साफ और सूखे छोटे एयरटाइट जार में ट्रांसफर किया जा सकता है।
जार के मुंह पर लगे तेल, मसाले या अचार के रस को भी साफ रखें। गंदे किनारे पर जमा अवशेष लंबे समय तक रहने पर सफाई की समस्या पैदा कर सकते हैं।
हर बार अचार निकालने के बाद जार का किनारा साफ करना और ढक्कन अच्छी तरह बंद करना अच्छी आदत है।
फफूंदी दिखाई दे तो क्या करें?
अगर अचार की सतह पर सफेद, हरी या काली फफूंदी, रुई जैसी परत या असामान्य चिपचिपापन दिखाई देता है, तो उसे चखकर जांचने की कोशिश न करें। सिर्फ ऊपर की फफूंदी हटाकर नीचे का हिस्सा खाने के लिए सुरक्षित मान लेना भी सही नहीं है। फफूंदी दिखाई देने पर पूरे अचार को फेंक देना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
इसी तरह अगर अचार से असामान्य या खराब गंध आ रही है, उसका रंग या बनावट असामान्य रूप से बदल गई है या वह जरूरत से ज्यादा मुलायम और चिपचिपा हो गया है, तो उसे खाने से बचें।
क्या फफूंदी लगे अचार को दोबारा गर्म करके बचा सकते हैं?
फफूंदी दिखाई देने वाले अचार को केवल गर्म करने, धूप में रखने या ऊपर की परत हटाने से सुरक्षित मानना ठीक नहीं है। घरेलू स्तर पर यह तय करना मुश्किल हो सकता है कि खराबी कितनी अंदर तक पहुंची है।
इसलिए दिखाई देने वाली फफूंदी या स्पष्ट खराबी वाले अचार को बचाने की कोशिश करने के बजाय उसे फेंक देना बेहतर है।
बारिश में अचार बचाने के लिए याद रखें ये 7 बातें
- हमेशा साफ और पूरी तरह सूखा चम्मच इस्तेमाल करें।
- अचार को गीले जार में कभी स्टोर न करें।
- एयरटाइट और अच्छी तरह बंद होने वाला कंटेनर इस्तेमाल करें।
- तेल वाले अचार में अचार के टुकड़ों को रेसिपी के अनुसार तेल में ढका रखें।
- जार को गैस, सिंक और भाप वाली जगह से दूर रखें।
- जार के किनारे और ढक्कन को साफ रखें।
- फफूंदी दिखने पर अचार को चखकर या सिर्फ ऊपर की परत हटाकर इस्तेमाल न करें।
Disclaimer: यह लेख सामान्य खाद्य-सुरक्षा और स्टोरेज जानकारी पर आधारित है। अलग-अलग प्रकार के अचार की रेसिपी, नमक, तेल और संरक्षण की विधि अलग हो सकती है। फफूंदी या खराब होने के स्पष्ट संकेत वाले खाद्य पदार्थ को खाने से बचें।
