बाबर आजम और शाहीन अफरीदी के रिश्तों को लेकर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने बड़ा दावा किया है.

पाकिस्तान क्रिकेट में इस समय कुछ भी ठीक होता नजर नहीं आ रहा है. टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है और पिछले कुछ वर्षों में कप्तानी से लेकर कोचिंग स्टाफ तक में कई बदलाव किए जा चुके हैं. इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने टीम की मौजूदा स्थिति के लिए बाबर आजम और शाहीन अफरीदी के बीच कथित खराब रिश्तों को जिम्मेदार ठहराया है. बासित अली का कहना है कि पाकिस्तान क्रिकेट की परेशानी आज की नहीं है, बल्कि इसकी जड़ कई साल पहले पड़ी थी. उनके मुताबिक बाबर आजम और शाहीन अफरीदी के बीच कप्तानी को लेकर पैदा हुई कथित खींचतान ने टीम के माहौल को प्रभावित किया और इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट लगातार नीचे जाता चला गया.
बाबर-शाहीन की कथित खींचतान पर बड़ा दावा
एक चर्चा के दौरान बासित अली ने बाबर आजम की कप्तानी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बाबर को अच्छा कप्तान नहीं माना जा सकता और इसके पीछे सिर्फ हालिया प्रदर्शन या किसी एक सीरीज के आंकड़े जिम्मेदार नहीं हैं. पूर्व क्रिकेटर के मुताबिक बाबर ने कप्तानी के दौरान कई ऐसे फैसले किए, जिनका टीम को नुकसान उठाना पड़ा. हालांकि, उनके बयान का सबसे बड़ा हिस्सा बाबर आजम और शाहीन अफरीदी के रिश्तों से जुड़ा रहा. बासित अली ने दावा किया कि जिस समय दोनों खिलाड़ियों के बीच कप्तानी को लेकर कथित तौर पर मतभेद पैदा हुए, वहीं से पाकिस्तान क्रिकेट के पतन की शुरुआत हुई. उन्होंने कहा कि इस कथित विवाद का बीज किसने बोया, यह महत्वपूर्ण सवाल है, क्योंकि उसके परिणाम अब पाकिस्तान क्रिकेट के सामने दिखाई दे रहे हैं.
पिछले तीन साल में कई बार बदली कप्तानी
पाकिस्तान क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कप्तानी को लेकर काफी अस्थिरता देखने को मिली है. 2023 वनडे वर्ल्ड कप में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद बाबर आजम ने कप्तानी छोड़ दी थी. इसके बाद नेतृत्व की जिम्मेदारी अलग-अलग खिलाड़ियों को दी गई. शाहीन अफरीदी को टी20 टीम की कप्तानी मिली, लेकिन उनका कार्यकाल भी ज्यादा लंबा नहीं चला. इसके बाद सलमान अली आगा को टी20 टीम की कमान सौंपी गई.
टेस्ट क्रिकेट में भी पाकिस्तान ने नेतृत्व में बदलाव किए. शान मसूद को टेस्ट कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि टीम के प्रदर्शन में लगातार उतार-चढ़ाव जारी रहा. लगातार कप्तानों के बदलने से टीम के भीतर स्थिरता को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं. यही वजह है कि बासित अली के बयान ने पाकिस्तान क्रिकेट में नेतृत्व और खिलाड़ियों के बीच तालमेल की बहस को फिर से तेज कर दिया है.
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में भी खराब प्रदर्शन
पाकिस्तान टीम के लिए इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज भी चुनौतीपूर्ण रही. टीम को सीरीज में लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ा और प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे. खराब नतीजों के बीच टीम मैनेजमेंट में बदलाव की चर्चा भी सामने आई. खिलाड़ियों की फॉर्म और टीम के संयोजन को लेकर भी पाकिस्तान क्रिकेट में लगातार बहस हो रही है. मोहम्मद रिजवान समेत कुछ खिलाड़ियों को लेकर भी टीम प्रबंधन ने कड़े फैसले लिए हैं. वहीं कोचिंग स्टाफ में बदलाव की खबरों ने पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति को और चर्चा में ला दिया.
PCB ने लिया बड़ा फैसला
खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम मैनेजमेंट और खिलाड़ियों को लेकर कई फैसले किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक सात लोगों को वापस भेजने का फैसला लिया गया है. इनमें मोहम्मद रिजवान और सलमान अली आगा के अलावा कोचिंग स्टाफ से जुड़े नाम भी शामिल हैं. सरफराज अहमद और उमर गुल को भी इस फैसले से प्रभावित होने वालों में बताया गया है.
इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में 9 सितंबर से होने वाले तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान टीम की कोचिंग व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. माइक हेसन को इस मुकाबले में हेड कोच की जिम्मेदारी संभालनी है. वह पाकिस्तान के व्हाइट-बॉल कोच की भूमिका भी निभा रहे हैं.
