
यरूशलम, 16 फरवरी। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते में सख्त शर्तें रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी डील में न्यूक्लियर मटीरियल को पूरी तरह हटाना, यूरेनियम संवर्धन पर रोक और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को बंद करना अनिवार्य होना चाहिए।
ट्रंप से मुलाकात के बाद बयान
नेतन्याहू ने हाल ही में वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। इसके बाद एक सार्वजनिक कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि ट्रंप संभावित समझौते की संभावनाओं को पूरी तरह तलाशने के इच्छुक हैं।
हालांकि, उन्होंने ईरान के इरादों पर संदेह जताते हुए कहा कि इजरायल किसी भी डील को लेकर सतर्क रहेगा।
गाजा पर सख्त रुख
गाजा में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना ने लगभग 500 किलोमीटर लंबी सुरंगों में से करीब 150 किलोमीटर को नष्ट कर दिया है।
उन्होंने कहा, “हमें काम पूरा करना है। इसका मतलब है कि हमास हथियार लैब या अन्य सुविधाएं छिपा नहीं सकेगा, जिनसे वह खुद को फिर से हथियारबंद कर सके।”
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजरायल गाजा सीजफायर योजना को एक मौका दे रहा है, लेकिन अगर हमास को समाप्त करने के लिए जरूरी हुआ तो युद्ध फिर से शुरू किया जाएगा।
हताहतों के आंकड़े
गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को सीजफायर लागू होने के बाद से इजरायली सेना की कार्रवाई में 601 फिलिस्तीनी मारे गए और 1,607 घायल हुए हैं।
गाजा की सिविल डिफेंस एजेंसी ने रविवार को बताया कि अलग-अलग इलाकों में हुए हवाई हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई। जबालिया रिफ्यूजी कैंप और खान यूनिस में भी हमलों की खबर है।
इन हमलों पर इजरायल की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
